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Kurukshetra News: बीमारियों से बचाव के लिए मारकंडा प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य टीमों की तैनाती
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कुरुक्षेत्र। गांव कलसाना में लोगों को जानकारी देते स्वास्थ विभाग के कर्मचारी। संवाद
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कुरुक्षेत्र। मारकंडा नदी का जलस्तर सामान्य होने के बाद जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्राम पंचायतें स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर उचित कदम उठाने की मांग कर रही हैं। विभाग भी सतर्क हो गया है और मेडिकल तथा स्वास्थ्य टीमें प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। दवाइयों का वितरण, पेयजल की निगरानी और बीमारी की रोकथाम के लिए सर्वे शुरू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य टीमों का सर्वे
सोमवार को कठवा गांव में स्वास्थ्य टीम ने 78 घरों का सर्वे किया। इस दौरान बुखार, उल्टी या दस्त का कोई मरीज नहीं मिला। गांव में क्लोरीन युक्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। कलसाना समेत कई गांवों में 125 घरों का निरीक्षण किया गया, जहां भी बुखार, उल्टी और दस्त का कोई मामला सामने नहीं आया। मारकंडा में जलस्तर बढ़ने के दौरान कलसाना, कठवा और आसपास के क्षेत्रों में पानी पहुंच गया था। पानी उतरने के साथ स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। गांवों में उल्टी-दस्त से बचाव की दवाइयों के साथ पानी शुद्ध करने की गोलियां भी वितरित की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग भी कराई जा रही है।
झांसा और शाहाबाद के स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। झांसा के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरमीत चावला ने बताया कि मेडिकल और स्वास्थ्य टीमों का गठन कर प्रभावित गांवों में भेजा गया है। कठवा गांव के सरपंच के पत्र के बाद भी गांव में स्वास्थ्य टीम ने सर्वे कर दवाइयां वितरित कीं। ठसका स्वास्थ्य केंद्र की टीम को भी आसपास के क्षेत्रों की निगरानी के लिए अलर्ट रखा गया है। झांसा के प्रोग्राम अधिकारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संदीप अग्रवाल का कहना है कि हमने बाढ़ग्रस्त गांवों के लिए टीमें गठित कर दी हैं जो लगातार दौरा कर हमें रिपोर्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई केस सामने तो नहीं आया फिर भी बाढ़ ग्रस्त इलाकों में गांव वाले पानी उबाल कर ही पिएं।
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तैयारी पूरी, टीमें सतर्क : डॉ. अरुण
ठसका एमओ डॉ. अरुण ने बताया कि हमारे यहां पानी नहीं आया इस साल मगर झांसा के आसपास की हालत को देखते हुए हमने दवाईयां, हमारी टीमें पूरी तरीके से मुस्तैद है। अगर जरा भी खतरा बढ़ता है तो दवाइयां तुरंत वितरित कर दी जाएंगी।
बेड समेत ओआरएस की व्यवस्था पूरी : एएसएमओ
शाहाबाद नागरिक अस्पताल के एएसएमओ डॉ. संदीप काद्यान ने बताया कि झांसा के एरिया में बाढ़ को देखते हुए हमने 10 इमरजेंसी बेड, डायरिया रोगियों के लिए बेड,. ओआरएस आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली है। हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
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स्वास्थ्य टीमों का सर्वे
सोमवार को कठवा गांव में स्वास्थ्य टीम ने 78 घरों का सर्वे किया। इस दौरान बुखार, उल्टी या दस्त का कोई मरीज नहीं मिला। गांव में क्लोरीन युक्त पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। कलसाना समेत कई गांवों में 125 घरों का निरीक्षण किया गया, जहां भी बुखार, उल्टी और दस्त का कोई मामला सामने नहीं आया। मारकंडा में जलस्तर बढ़ने के दौरान कलसाना, कठवा और आसपास के क्षेत्रों में पानी पहुंच गया था। पानी उतरने के साथ स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। गांवों में उल्टी-दस्त से बचाव की दवाइयों के साथ पानी शुद्ध करने की गोलियां भी वितरित की जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग भी कराई जा रही है।
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झांसा और शाहाबाद के स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। झांसा के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. गुरमीत चावला ने बताया कि मेडिकल और स्वास्थ्य टीमों का गठन कर प्रभावित गांवों में भेजा गया है। कठवा गांव के सरपंच के पत्र के बाद भी गांव में स्वास्थ्य टीम ने सर्वे कर दवाइयां वितरित कीं। ठसका स्वास्थ्य केंद्र की टीम को भी आसपास के क्षेत्रों की निगरानी के लिए अलर्ट रखा गया है। झांसा के प्रोग्राम अधिकारी डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संदीप अग्रवाल का कहना है कि हमने बाढ़ग्रस्त गांवों के लिए टीमें गठित कर दी हैं जो लगातार दौरा कर हमें रिपोर्ट कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई केस सामने तो नहीं आया फिर भी बाढ़ ग्रस्त इलाकों में गांव वाले पानी उबाल कर ही पिएं।
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तैयारी पूरी, टीमें सतर्क : डॉ. अरुण
ठसका एमओ डॉ. अरुण ने बताया कि हमारे यहां पानी नहीं आया इस साल मगर झांसा के आसपास की हालत को देखते हुए हमने दवाईयां, हमारी टीमें पूरी तरीके से मुस्तैद है। अगर जरा भी खतरा बढ़ता है तो दवाइयां तुरंत वितरित कर दी जाएंगी।
बेड समेत ओआरएस की व्यवस्था पूरी : एएसएमओ
शाहाबाद नागरिक अस्पताल के एएसएमओ डॉ. संदीप काद्यान ने बताया कि झांसा के एरिया में बाढ़ को देखते हुए हमने 10 इमरजेंसी बेड, डायरिया रोगियों के लिए बेड,. ओआरएस आदि की व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली है। हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

कुरुक्षेत्र। गांव कलसाना में लोगों को जानकारी देते स्वास्थ विभाग के कर्मचारी। संवाद