{"_id":"6a554f48685c331a7d0bb11e","slug":"the-weather-is-indifferent-the-heat-continues-to-torment-kurukshetra-news-c-45-1-kur1001-157736-2026-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: माैसम की बेरुखी, सताती रही गर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: माैसम की बेरुखी, सताती रही गर्मी
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। गांव किरमिच के खेतों में धान की रोपाई करते श्रमिक। संवाद
- फोटो : Samvad
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुरुक्षेत्र। पिछले दिनों हुई बारिश के बाद अब गर्मी फिर से सताने लगी है। सोमवार को पूरे दिन तेज धूप और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे। लोग बारिश की उम्मीद लगाए थे लेकिन माैसम की बेरुखी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
अगले तीन दिन तक भी यही मौसम बने रहने की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यनूतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
बारिश की उम्मीद लगाए बैठे किसानों की बढ़ती गर्मी ने परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि धान रोपाई का कार्य अंतिम चरण में पहुंचा हुआ है लेकिन सतबीर सिंह, कृष्ण कुमार, फतेह सिंह आदि किसानों की मानें तो बारिश की सख्त जरूरत है। बारिश के बिना रोपी जा रही धान कई दिनों तक जड़ नहीं पकड़ पा रही। ऐसे में फसल तैयार होने पर असर पड़ सकता है। उधर, बागवानी विशेषज्ञ डॉ सीबी सिंह का कहना है कि इसी सप्ताह के अंत में फिर से मौसम बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जिसके चलते बारिश होने की संभावना भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अगले तीन दिन तक भी यही मौसम बने रहने की संभावना है। सोमवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहा।
मंगलवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, बुधवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस व न्यनूतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
विज्ञापन
बारिश की उम्मीद लगाए बैठे किसानों की बढ़ती गर्मी ने परेशानी बढ़ा दी है। हालांकि धान रोपाई का कार्य अंतिम चरण में पहुंचा हुआ है लेकिन सतबीर सिंह, कृष्ण कुमार, फतेह सिंह आदि किसानों की मानें तो बारिश की सख्त जरूरत है। बारिश के बिना रोपी जा रही धान कई दिनों तक जड़ नहीं पकड़ पा रही। ऐसे में फसल तैयार होने पर असर पड़ सकता है। उधर, बागवानी विशेषज्ञ डॉ सीबी सिंह का कहना है कि इसी सप्ताह के अंत में फिर से मौसम बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, जिसके चलते बारिश होने की संभावना भी है।
विज्ञापन