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Kurukshetra News: छात्र लगातार एक से दो दिन तक मेस में खाना न खाएं तो करें तत्काल रिपोर्ट

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Apr 2026 03:00 AM IST
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If students do not eat food in the mess for one to two days continuously, report it immediately.
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कुरुक्षेत्र। एनआईटी में करीब दो माह के दौरान ही लगातार तीन छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने से संस्थान प्रबंधन से लेकर छात्र तक सदमे में है तो वहीं मातम भी पसरा है। इसी बीच बोर्ड ऑफ गर्वनर्स की चेयरपर्सन तेजस्विनी अनंत कुमार भी पहुंचीं, जहां उन्होंने वर्तमान में बने हालातों के पीछे कारणों को जाना।
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संस्थान के सभी डीन, एचओडी, प्रोफेसर, टीचिंग व नॉन-टीचिंग स्टाफ से करीब ढाई घंटे तक तीनों घटनाओं के कारणों व भविष्य में हालात बेहतर बनाने पर मंथन किया। इससे पहले छात्रावास में पहुंचकर चेयरपर्सन ने वार्डन, स्टाफ सदस्यों के अलावा वहां रहने वाले छात्रों से भी खुलकर चर्चा की। छात्रों ने भी छात्रावासों के बने पूरे हालात बयान कर दिए तो वहीं चेयरपर्सन ने स्टाफ को स्पष्ट कहा कि छात्रों पर निगरानी रखना बेहद जरूरी है। यहां तक कि जो छात्र लगातार एक से दो दिन तक मेस में खाना न खाएं तो उसकी रिपोर्ट तत्काल प्रबंधन को दी जाए, ताकि समय रहते किसी समस्या से निपटा जा सके। यहीं नहीं यह भी तय किया गया कि छात्रों के साथ प्रोफेसर व अन्य स्टाफ का बेहतर तालमेल हो, ताकि छात्रों को अपना जीवन बोझिल व अकेलेपन का न लगे और उनका मन पढ़ाई में लगा रहे।
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छात्रों से संवाद स्थापित करना ही समाधान
चेयरपर्सन ने लगातार हो रही आत्महत्या की घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव लिए और कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर चर्चा हुई। इसके बाद शाम को एनआईटी में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई, जिसमें दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्रों को श्रद्धांजलि दी गई। पीआरओ डॉ. ज्ञान भूषण ने बताया कि संस्थान अपने स्तर पर हर संभव प्रयास कर रहा है। छात्रों से संवाद स्थापित करना ही इसका मुख्य समाधान है और इसी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


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चेयरपर्सन ने रात को खाने के दौरान की छात्रों से मुलाकात
वीरवार देर रात टीम ने हॉस्टल-आठ के छात्रों से खाने के दौरान मुलाकात की। वहीं शुक्रवार सुबह इसी टीम ने हॉस्टल के कर्मचारियों से भी बातचीत की। छात्रों से भी अपील की गई कि यदि उनके आसपास किसी छात्र की मानसिक स्थिति ठीक नहीं लगती, तो वे उससे बातचीत करें और संस्थान को इसकी जानकारी दें।

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हर प्रोफेसर 20-20 छात्रों से करेंगे संवाद, बनाई कमेटी
एनआईटी ने डॉ. लिली दिवान के नेतृत्व में पांच सदस्यीय कमेटी गठित की है, जो अलग-अलग स्तर पर छात्रों से बातचीत करेगी। यह कमेटी छात्रों की मानसिक स्थिति और उनकी समस्याओं को समझेगी। चेयरपर्सन ने कहा कि प्रत्येक प्रोफेसर 20 से 25 छात्रों से नियमित बातचीत करेगा और इसकी रिपोर्ट कमेटी को सौंपेगा।
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