{"_id":"69bb0b00fd6b4cf5f00535b4","slug":"jail-superintendent-surrenders-in-hooch-case-kurukshetra-news-c-45-1-kur1007-151784-2026-03-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kurukshetra News: जहरीली शराब के मामले में जेल अधीक्षक ने किया आत्मसमर्पण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kurukshetra News: जहरीली शराब के मामले में जेल अधीक्षक ने किया आत्मसमर्पण
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। पूर्व जेल अधीक्षक सोमनाथ जगत। इंटरनेट
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। यमुनानगर के जहरीली शराब कांड में करीब एक साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे जिला जेल के पूर्व अधीक्षक सोमनाथ जगत ने आखिरकार आत्मसमर्पण कर दिया। नवंबर 2023 के जहरीली शराब कांड की जांच में उनका नाम आने के बाद करीब एक साल से पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे थे।
मंगलवार शाम को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में सोमनाथ जगत ने आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें उसी जेल में भेज दिया, जहां वे कभी खुद जेलर हुआ करते थे।
मामला यमुनानगर जिले में नवंबर 2023 में हुए जहरीली शराब कांड से जुड़ा है जिसमें 23 लोगों की जान गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि जहरीली शराब का यह पूरा साम्राज्य गैंगस्टर शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा कुरुक्षेत्र जिला जेल की चारदीवारी से ही संचालित कर रहा था। मोनू राणा ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसे जेल में मोबाइल फोन, अन्य सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान की गई थी जिसके बदले वह अधिकारियों को रिश्वत देता था।
पुलिस जांच के मुताबिक अंबाला के एक गांव स्थित एक अवैध फैक्टरी से जहरीली शराब की आपूर्ति होती थी। मोनू राणा और उसके साथी अंकित उर्फ मोगली ने जेल के भीतर से ही इस पूरे नेटवर्क को कंट्रोल किया। मोनू ने यह भी बताया कि जेल में पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जेल की भट्टी में जला दिया गया था ताकि सबूत मिटाए जा सके। इस रैकेट में जेल के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे, जो नियमों की अनदेखी कर कैदियों को विशेष सुविधाएं मुहैया कराते थे।
यमुनानगर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक गंगा राम पूनिया की शिकायत पर कुरुक्षेत्र के शहर थाने में मामला दर्ज हुआ। उस समय जांच के दौरान जेल के सहायक अधीक्षक अश्विनी और वार्डर किशोरी को गिरफ्तार कर लिया था।
Trending Videos
मंगलवार शाम को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में सोमनाथ जगत ने आत्मसमर्पण किया। अदालत ने उन्हें उसी जेल में भेज दिया, जहां वे कभी खुद जेलर हुआ करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
मामला यमुनानगर जिले में नवंबर 2023 में हुए जहरीली शराब कांड से जुड़ा है जिसमें 23 लोगों की जान गई थी। जांच में खुलासा हुआ कि जहरीली शराब का यह पूरा साम्राज्य गैंगस्टर शमशेर सिंह उर्फ मोनू राणा कुरुक्षेत्र जिला जेल की चारदीवारी से ही संचालित कर रहा था। मोनू राणा ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसे जेल में मोबाइल फोन, अन्य सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान की गई थी जिसके बदले वह अधिकारियों को रिश्वत देता था।
पुलिस जांच के मुताबिक अंबाला के एक गांव स्थित एक अवैध फैक्टरी से जहरीली शराब की आपूर्ति होती थी। मोनू राणा और उसके साथी अंकित उर्फ मोगली ने जेल के भीतर से ही इस पूरे नेटवर्क को कंट्रोल किया। मोनू ने यह भी बताया कि जेल में पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन जेल की भट्टी में जला दिया गया था ताकि सबूत मिटाए जा सके। इस रैकेट में जेल के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे, जो नियमों की अनदेखी कर कैदियों को विशेष सुविधाएं मुहैया कराते थे।
यमुनानगर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक गंगा राम पूनिया की शिकायत पर कुरुक्षेत्र के शहर थाने में मामला दर्ज हुआ। उस समय जांच के दौरान जेल के सहायक अधीक्षक अश्विनी और वार्डर किशोरी को गिरफ्तार कर लिया था।

कुरुक्षेत्र। पूर्व जेल अधीक्षक सोमनाथ जगत। इंटरनेट