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Kurukshetra News: मीरी-पीरी विवाद ने एचएसजीएमसी को किया एकजुट, गतिरोध हुआ दूर
Tue, 28 Jul 2026 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
Updated Tue, 28 Jul 2026 02:21 AM IST
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शाहाबाद। मेडिकल संस्थान के आपात विभाग के बाहर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने सोमवार को मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान का संचालन संभाल लिया है। इसके साथ ही कमेटी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा की ओर से संस्थान के सही संचालन व कर्मचारियों के हित में कईं एलान भी किए गए।
अभी तक हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी व एसजीपीसी के लिए प्रतिष्ठा का केंद्र बन चुके इस संस्थान की सेवा संभाल के मामले मे हरियाणा कमेटी की कार्यकारिणी आपसी दूरियां भी मिटती दिखाई दी।
इसके साथ ही अब संभावना जताई जाने लगी है कि हरियाणा कमेटी बजट पास करने में भी कामयाब होगी तो अन्य विकास कार्य भी गति पकड़ सकेंगे। मेडिकल संस्थान की हरियाणा कमेटी द्वारा संभाल की पटकथा वेतन संकट के साथ ही लिखी जानी शुरू हो गई थी।
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वेतन की मांग को लेकर धरना दे रहे कर्मचारियों के बीच 20 मार्च को ही पहुंचकर हरियाणा कमेटी के धर्म प्रचार समिति चेयरमैन बलजीत सिंह दादूवाल ने ऐलान कर दिया था कि अब संस्थान का संचालन हरियाणा कमेटी करेगी। हालांकि उस समय विवाद गहरा गया था और मारपीट व पुलिस तक भी पहुंच गया था।
इसमें माना जा रहा है कि कर्मचारी संघर्ष समिति ने अहम भूमिका निभाई है, जो हरियाणा कमेटी की कार्यकारिणी के एक-एक सदस्य के पास पहुंची और एकजुट करने के लिए प्रयास किए गए। इस पूरे घटनाक्रम में जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, एचएसजीएमसी के महासचिव अंग्रेज सिंह रानिया, संयुक्त सचिव बलविंदर सिंह भिंडर तथा जत्थेदार करनैल सिंह निमानाबाद की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
कानूनी प्रक्रिया अनुसार ट्रस्ट में किए जाएंगे बदलाव
प्रधान झींडा ने कहा कि सोमवार से संस्थान की समस्त वित्तीय गतिविधियां और आय-व्यय एचएसजीएमसी के नियंत्रण में रहेगा। जून माह के वेतन के भुगतान की प्रक्रिया को लेकर अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह ली जा रही है। उन्होंने बताया कि आगामी बैठकों में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ट्रस्ट में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। मौजूदा ट्रस्टियों से सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे विधिसम्मत तरीके से कार्यभार सौंपें। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान में निर्माणाधीन कॉलेज का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाएगा तथा भविष्य में एमबीबीएस कॉलेज शुरू करने की दिशा में भी तेजी से काम किया जाएगा।
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विवाद की थी आशंका, तैनात रहा पुलिस बल
संस्थान के प्रबंधन को लेकर एचएसजीएमसी व एसजीपीसी के बीच विवाद की आशंका थी, जिसके चलते ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में थाना प्रभारी जगदीश टामक, चौकी प्रभारी हरजीत सिंह, कृष्ण कुमार सहित भारी पुलिस बल संस्थान परिसर में तैनात रहा। 20 मार्च को एचएसजीएमसी धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल द्वारा संस्थान को एचएसजीएमसी के अधीन घोषित किए जाने के बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी और एसजीपीसी समर्थकों के विरोध के चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। सोमवार को पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण रही तो प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
दादूवाल बोले, बादल परिवार के हाथों से मुक्त कराया संस्थान
सोमवार को जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने वीडियो संदेश के जरिए प्रदेश की संगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में यह अंतिम संस्था था जो बादल परिवार के हाथ में था। आज यह भी बादल परिवार के हाथों से मुक्त करवा कर एचएसजीएमसी को सौंप दिया है। यह संस्थान अब ऊंचाइयां छुएगा और जल्द यहां मेडिकल कॉलेज तैयार होगा। कर्मचारियों को भी कोई परेशानी नहीं रहेगी।
बकाया वेतन एसजीपीसी दें : प्रितपाल
मीरी-पीरी कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रधान प्रितपाल सिंह, मुख्य सलाहकार डॉ. विपिन भाटिया, डॉ. अरविंद टिक्को, डॉ. जीबी सिंह, सचिव तरसेम सिंह ने कहा कि जून माह का वेतन जारी करने के लिए वे हरियाणा कमेटी के आभारी है। उन्होंने कहा कि 12 मई तक और उसके बाद का बकाया वेतन एसजीपीसी और ट्रस्टियों को देना चाहिए। वह पत्र लिखकर एसजीपीसी अध्यक्ष से मांग करेंगे। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो कर्मचारी एसजीपीसी मुख्यालय श्री अमृतसर साहिब में प्रदर्शन भी करने को मजबूर होंगे।
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कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने सोमवार को मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान का संचालन संभाल लिया है। इसके साथ ही कमेटी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा की ओर से संस्थान के सही संचालन व कर्मचारियों के हित में कईं एलान भी किए गए।
अभी तक हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी व एसजीपीसी के लिए प्रतिष्ठा का केंद्र बन चुके इस संस्थान की सेवा संभाल के मामले मे हरियाणा कमेटी की कार्यकारिणी आपसी दूरियां भी मिटती दिखाई दी।
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इसके साथ ही अब संभावना जताई जाने लगी है कि हरियाणा कमेटी बजट पास करने में भी कामयाब होगी तो अन्य विकास कार्य भी गति पकड़ सकेंगे। मेडिकल संस्थान की हरियाणा कमेटी द्वारा संभाल की पटकथा वेतन संकट के साथ ही लिखी जानी शुरू हो गई थी।
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वेतन की मांग को लेकर धरना दे रहे कर्मचारियों के बीच 20 मार्च को ही पहुंचकर हरियाणा कमेटी के धर्म प्रचार समिति चेयरमैन बलजीत सिंह दादूवाल ने ऐलान कर दिया था कि अब संस्थान का संचालन हरियाणा कमेटी करेगी। हालांकि उस समय विवाद गहरा गया था और मारपीट व पुलिस तक भी पहुंच गया था।
इसमें माना जा रहा है कि कर्मचारी संघर्ष समिति ने अहम भूमिका निभाई है, जो हरियाणा कमेटी की कार्यकारिणी के एक-एक सदस्य के पास पहुंची और एकजुट करने के लिए प्रयास किए गए। इस पूरे घटनाक्रम में जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल, एचएसजीएमसी के महासचिव अंग्रेज सिंह रानिया, संयुक्त सचिव बलविंदर सिंह भिंडर तथा जत्थेदार करनैल सिंह निमानाबाद की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
कानूनी प्रक्रिया अनुसार ट्रस्ट में किए जाएंगे बदलाव
प्रधान झींडा ने कहा कि सोमवार से संस्थान की समस्त वित्तीय गतिविधियां और आय-व्यय एचएसजीएमसी के नियंत्रण में रहेगा। जून माह के वेतन के भुगतान की प्रक्रिया को लेकर अधिवक्ताओं से कानूनी सलाह ली जा रही है। उन्होंने बताया कि आगामी बैठकों में कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ट्रस्ट में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। मौजूदा ट्रस्टियों से सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि वे विधिसम्मत तरीके से कार्यभार सौंपें। उन्होंने यह भी कहा कि संस्थान में निर्माणाधीन कॉलेज का कार्य शीघ्र पूरा कराया जाएगा तथा भविष्य में एमबीबीएस कॉलेज शुरू करने की दिशा में भी तेजी से काम किया जाएगा।
विवाद की थी आशंका, तैनात रहा पुलिस बल
संस्थान के प्रबंधन को लेकर एचएसजीएमसी व एसजीपीसी के बीच विवाद की आशंका थी, जिसके चलते ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में थाना प्रभारी जगदीश टामक, चौकी प्रभारी हरजीत सिंह, कृष्ण कुमार सहित भारी पुलिस बल संस्थान परिसर में तैनात रहा। 20 मार्च को एचएसजीएमसी धर्म प्रचार कमेटी के चेयरमैन जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल द्वारा संस्थान को एचएसजीएमसी के अधीन घोषित किए जाने के बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी और एसजीपीसी समर्थकों के विरोध के चलते पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था। सोमवार को पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण रही तो प्रशासन ने भी राहत की सांस ली।
दादूवाल बोले, बादल परिवार के हाथों से मुक्त कराया संस्थान
सोमवार को जत्थेदार बलजीत सिंह दादूवाल ने वीडियो संदेश के जरिए प्रदेश की संगत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हरियाणा में यह अंतिम संस्था था जो बादल परिवार के हाथ में था। आज यह भी बादल परिवार के हाथों से मुक्त करवा कर एचएसजीएमसी को सौंप दिया है। यह संस्थान अब ऊंचाइयां छुएगा और जल्द यहां मेडिकल कॉलेज तैयार होगा। कर्मचारियों को भी कोई परेशानी नहीं रहेगी।
बकाया वेतन एसजीपीसी दें : प्रितपाल
मीरी-पीरी कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रधान प्रितपाल सिंह, मुख्य सलाहकार डॉ. विपिन भाटिया, डॉ. अरविंद टिक्को, डॉ. जीबी सिंह, सचिव तरसेम सिंह ने कहा कि जून माह का वेतन जारी करने के लिए वे हरियाणा कमेटी के आभारी है। उन्होंने कहा कि 12 मई तक और उसके बाद का बकाया वेतन एसजीपीसी और ट्रस्टियों को देना चाहिए। वह पत्र लिखकर एसजीपीसी अध्यक्ष से मांग करेंगे। यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो कर्मचारी एसजीपीसी मुख्यालय श्री अमृतसर साहिब में प्रदर्शन भी करने को मजबूर होंगे।

शाहाबाद। मेडिकल संस्थान के आपात विभाग के बाहर तैनात पुलिसकर्मी। संवाद