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NIT विद्यार्थियों की आत्महत्या की जांच तेज: प्लेसमेंट व शिकायत प्रणाली की रिपोर्ट तलब, इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
गौरव सागवाल, संवाद न्यूज एजेंसी (कुरुक्षेत्र)
Published by: Naveen
Updated Wed, 22 Apr 2026 11:13 AM IST
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सार
केंद्रीय जांच टीम ने फैकल्टी से संस्थान द्वारा दिए असाइनमेंट का ब्यौरा मांगा, जिसके बाद केंद्रीय टीम ने सामने से कई सवाल रखे। साथ ही किस प्रोफेसर को कितने सब कोड अलॉट हुए, कितने उन्होंने किए, कितनी लैब ली, यहां तक हाजिरी रजिस्टर भी टीम ने तलब किए।
एनआईटी कुरुक्षेत्र
- फोटो : संवाद
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विस्तार
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में हाल में हुई आत्महत्या की घटनाओं के बाद पहुंची केंद्रीय शिक्षा विभाग की दो सदस्यीय टीम ने मैराथन बैठक कर 12 बिंदुओं पर पड़ताल की। केंद्र के जांच अधिकारी डॉ हीरा लाल तथा डॉ रवि के सामने संस्थान की ओर से पिछले पांच वर्षों के दौरान हुई छात्रों की आत्महत्या, प्लेसमेंट और शिकायत प्रकोष्ठ की कार्यप्रणाली की पूरी जानकारी सामने रखी गई।
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टीम के सामने पेश रिपोर्ट में प्रशासनिक पदों पर तैनाती और उनके रोटेशन, मेडिकल सेंटर की गतिविधियां, काउंसलरों की संख्या और उनकी ओर से किए गए कार्यों का ब्यौरा, पिछले पांच वर्षों में आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों, वर्कशॉप और छात्र विनिमय कार्यक्रमों की जानकारी भी शामिल है। इसके अलावा संस्थान में भर्ती किए गए फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी स्टाफ का विवरण भी शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इन सभी बिंदुओं के आधार पर संस्थान की कार्यप्रणाली और छात्रों के माहौल का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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शिक्षकों से मांगा उनके असाइनमेंट का ब्यौरा
केंद्रीय जांच टीम ने फैकल्टी से संस्थान द्वारा दिए असाइनमेंट का ब्यौरा मांगा, जिसके बाद केंद्रीय टीम ने सामने से कई सवाल रखे। साथ ही किस प्रोफेसर को कितने सब कोड अलॉट हुए, कितने उन्होंने किए, कितनी लैब ली, यहां तक हाजिरी रजिस्टर भी टीम ने तलब किए। जिसके बाद कई प्रोफेसरों से पूछा गया कि जब आप अपनी क्लास में नहीं पहुंचे तो आपने अपना क्या विकल्प संस्थान को और छात्रों को दिया। कितने छात्रों से आपने संवाद साधा, क्या कभी छात्रों के व्यवहार को देखा।
इन 12 बिंदुओं पर हुई चर्चा
- छात्रों की आत्महत्या के मामले
- कक्षाओं में शिक्षकों की उपस्थिति
- छात्रों के प्लेसमेंट रिकॉर्ड
- छात्र शिकायत निवारण प्रणाली और निपटाई गई शिकायतों की संख्या
- छात्रों के कल्याण (वेल-बीइंग) के लिए उठाए गए कदम
- न्यायालय मामलों का विवरण, कारण और रुझान
- प्रशासनिक पदों पर तैनाती और उनका रोटेशन (बदलाव की आवृत्ति)
- छात्र गतिविधियों का विवरण, मेडिकल सेंटर से जुड़ी गतिविधियों सहित
- काउंसलरों की संख्या और उनके द्वारा की गई गतिविधियां
- सांस्कृतिक गतिविधियां
- छात्रों के लिए आयोजित वर्कशॉप और छात्र विनिमय कार्यक्रम
- भर्ती किए गए फैकल्टी और नॉन-फैकल्टी की संख्या

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