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Kurukshetra News: जिले में 358 केंद्रों पर हुई उल्लास परीक्षा, 3601 शिक्षार्थी शामिल
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कुरुक्षेत्र।उल्लास परीक्षा देने पहुंचे पजीकृत शिक्षार्थी। संवाद
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कुरुक्षेत्र। शिक्षा विभाग की ओर से रविवार को जिले में उल्लास परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा के लिए जिलेभर में कुल 358 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इस परीक्षा के लिए कुल 3900 शिक्षार्थियों का पंजीकरण किया गया था जिनमें से 3601 शिक्षार्थियों को परीक्षा के लिए चयनित किया गया।
परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, ताकि परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित हो सके। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों की ओर से परीक्षा केंद्रों की निगरानी भी की गई।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार उल्लास योजना के तहत आयोजित यह परीक्षा साक्षरता को बढ़ावा देने और शिक्षार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आंकलन करने के उद्देश्य से कराई जाती है। परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
45 शिक्षार्थियों ने दी उल्लास परीक्षा
इस्माईलाबाद। शहीद बलबीर सिंह राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल परिसर में उल्लास परीक्षा हुई। उल्लास स्कूल कोऑर्डिनेटर संतराम ने कहा कि 45 शिक्षार्थियों ने उल्लास परीक्षा दी। प्राचार्य भीमसेन ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने 2022-27 तक की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम नामक योजना शुरू की है जिसे लोकप्रिय रूप से उल्लास (समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ) के रूप में जाना जाता है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयुक्त सभी वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्हें खुद शिक्षित होने का मौका नहीं मिला। इस मौके पर उल्लास कोऑर्डिनेटर संतराम, सुमेन्द्र सांगवान पीटीआई, रचना सक्सेना, डॉ. पायल, सुशील कुमार, पवन कुमार लिपिक सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
वर्ष में दो बार आयोजित होती है उल्लास परीक्षा
उल्लास परीक्षा के बारे में जानकारी देते हुए संबंधित अधिकारी ने बताया कि देश में चलाए जा रहे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वयस्क लोगों की साक्षरता का आकलन करना है, जो किसी कारणवश पढ़ाई से वंचित रह गए थे।
इस परीक्षा के माध्यम से शिक्षार्थियों की पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणना करने की क्षमता की जांच की जाती है। यह परीक्षा आमतौर पर वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को साक्षरता अभियान से जोड़ा जा सके।
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परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्यवेक्षकों और शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी, ताकि परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित हो सके। इसके साथ ही विभागीय अधिकारियों की ओर से परीक्षा केंद्रों की निगरानी भी की गई।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार उल्लास योजना के तहत आयोजित यह परीक्षा साक्षरता को बढ़ावा देने और शिक्षार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आंकलन करने के उद्देश्य से कराई जाती है। परीक्षा जिले में शांतिपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
45 शिक्षार्थियों ने दी उल्लास परीक्षा
इस्माईलाबाद। शहीद बलबीर सिंह राजकीय आदर्श संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल परिसर में उल्लास परीक्षा हुई। उल्लास स्कूल कोऑर्डिनेटर संतराम ने कहा कि 45 शिक्षार्थियों ने उल्लास परीक्षा दी। प्राचार्य भीमसेन ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की सिफारिशों के अनुसार भारत सरकार ने 2022-27 तक की अवधि के लिए न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम नामक योजना शुरू की है जिसे लोकप्रिय रूप से उल्लास (समाज में सभी के लिए आजीवन सीखने की समझ) के रूप में जाना जाता है। इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयुक्त सभी वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्हें खुद शिक्षित होने का मौका नहीं मिला। इस मौके पर उल्लास कोऑर्डिनेटर संतराम, सुमेन्द्र सांगवान पीटीआई, रचना सक्सेना, डॉ. पायल, सुशील कुमार, पवन कुमार लिपिक सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
वर्ष में दो बार आयोजित होती है उल्लास परीक्षा
उल्लास परीक्षा के बारे में जानकारी देते हुए संबंधित अधिकारी ने बताया कि देश में चलाए जा रहे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत आयोजित की जाती है। इसका उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे वयस्क लोगों की साक्षरता का आकलन करना है, जो किसी कारणवश पढ़ाई से वंचित रह गए थे।
इस परीक्षा के माध्यम से शिक्षार्थियों की पढ़ने, लिखने और बुनियादी गणना करने की क्षमता की जांच की जाती है। यह परीक्षा आमतौर पर वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को साक्षरता अभियान से जोड़ा जा सके।

कुरुक्षेत्र।उल्लास परीक्षा देने पहुंचे पजीकृत शिक्षार्थी। संवाद