{"_id":"6a7cbe870ebb415d540400c4","slug":"20000-youths-in-the-district-are-availing-the-benefits-of-the-saksham-yuva-yojana-jitendra-narnol-news-c-196-1-nnl1003-143780-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 20 हजार युवा सक्षम युवा योजना का ले रहे लाभ : जितेंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में 20 हजार युवा सक्षम युवा योजना का ले रहे लाभ : जितेंद्र
Thu, 13 Aug 2026 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 13 Aug 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
फोटो नंबर-08अपराजित कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों व स्टाफ के साथ छात्राएं। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नारनौल। बेरोजगारी दूर करने के लिए विभाग की ओर से समय-समय पर सेमिनार व शिक्षण संस्थानों में रोजगार मेले आयोजित कर युवाओं को रोजगार दिलाने का प्रयासरत किया जाता है। वर्तमान में महेंद्रगढ़ जिले में 20 हजार युवा सक्षम युवा योजना का लाभ ले रहे हैं। ये बातें रोजगार विभाग के सहायक रोजगार अधिकारी (एईओ) जितेंद्र कुमार ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में कहीं।
राजकीय महिला महाविद्यालय में बुधवार को आयोजित अपराजिता कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अजीत चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में रोजगार विभाग के एईओ जितेंद्र कुमार, लिपिक राकेश कुमार व कॉलेज के डीन डॉ. आरपी सिंह उपस्थित रहे।
इस मौके पर एईओ जितेंद्र कुमार ने कहा कि 12वीं उत्तीर्ण पात्र युवाओं को 1,200 रुपये बेरोजगारी भत्ता और 6,000 रुपये मानदेय, स्नातक युवाओं को 2,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता और 6,000 रुपये मानदेय और स्नातकोत्तर युवाओं को 3,500 रुपये बेरोजगारी भत्ता और 6,000 रुपये मानदेय दिया जाता है।
विज्ञापन
रोजगार विभाग के लिपिक राकेश कुमार ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि विभाग का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ उन्हें कार्य-कुशल बनाना और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक हरियाणा का निवासी होना चाहिए। परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम होना भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल सरकारी विभागों से मांग कम होने के कारण योजना के लिए आवेदन भी कम हो रहे हैं। छात्राओं को योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हरियाणा रोजगार विभाग के पोर्टल पर जानकारी लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कॉलेज के डीन डॉ. आरपी सिंह ने अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को रोजगार के बारे में जानकारी दी गई। अब छात्राएं योजना का लाभ उठा सकेंगी।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि आप जिस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं उस पर पूरी मेहनत के साथ कार्य करें जिससे आप हमेशा अपराजित रहें। इस मौके पर महाविद्यालय का समस्त स्टाफ व छात्राएं मौजूद रहीं।
सवाल : डिग्री प्राप्त करने के बाद सुगमता से नौकरी प्राप्त करने में रोजगार विभाग हमारी कैसे सहायता कर सकता है? कोमल, छात्रा
जवाब : रोजगार विभाग की ओर से नियमित अंतराल पर रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें विभिन्न विषय से डिग्री व डिप्लोमा प्राप्त विद्यार्थी भाग लेते हैं। इस दौरान कंपनी प्रतिनिधि लिखित व साक्षात्कार से विद्यार्थियों का विभिन्न पदों के लिए चयन करते हैं।
सवाल : बेरोजगारी भत्ते का आवेदन करने के लिए हमें काफी चक्कर लगाने पड़ते हैं, ऐसा क्यों? स्नेहा, छात्रा
जवाब : जानकारी के अभाव के कारण कई बार युवाओं के दस्तावेज में कमी रह जाती है। रोजगार कार्यालय में दस्तावेज संबंधित जानकारी लेकर अपना पंजीकरण करवाएं ताकि परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
विज्ञापन
राजकीय महिला महाविद्यालय में बुधवार को आयोजित अपराजिता कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. अजीत चौधरी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में रोजगार विभाग के एईओ जितेंद्र कुमार, लिपिक राकेश कुमार व कॉलेज के डीन डॉ. आरपी सिंह उपस्थित रहे।
विज्ञापन
इस मौके पर एईओ जितेंद्र कुमार ने कहा कि 12वीं उत्तीर्ण पात्र युवाओं को 1,200 रुपये बेरोजगारी भत्ता और 6,000 रुपये मानदेय, स्नातक युवाओं को 2,000 रुपये बेरोजगारी भत्ता और 6,000 रुपये मानदेय और स्नातकोत्तर युवाओं को 3,500 रुपये बेरोजगारी भत्ता और 6,000 रुपये मानदेय दिया जाता है।
विज्ञापन
रोजगार विभाग के लिपिक राकेश कुमार ने योजना की जानकारी देते हुए कहा कि विभाग का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ उन्हें कार्य-कुशल बनाना और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक हरियाणा का निवासी होना चाहिए। परिवार पहचान पत्र में वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम होना भी जरूरी है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल सरकारी विभागों से मांग कम होने के कारण योजना के लिए आवेदन भी कम हो रहे हैं। छात्राओं को योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हरियाणा रोजगार विभाग के पोर्टल पर जानकारी लेने के लिए प्रेरित किया गया।
कॉलेज के डीन डॉ. आरपी सिंह ने अतिथियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि अमर उजाला की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को रोजगार के बारे में जानकारी दी गई। अब छात्राएं योजना का लाभ उठा सकेंगी।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि आप जिस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं उस पर पूरी मेहनत के साथ कार्य करें जिससे आप हमेशा अपराजित रहें। इस मौके पर महाविद्यालय का समस्त स्टाफ व छात्राएं मौजूद रहीं।
सवाल : डिग्री प्राप्त करने के बाद सुगमता से नौकरी प्राप्त करने में रोजगार विभाग हमारी कैसे सहायता कर सकता है? कोमल, छात्रा
जवाब : रोजगार विभाग की ओर से नियमित अंतराल पर रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें विभिन्न विषय से डिग्री व डिप्लोमा प्राप्त विद्यार्थी भाग लेते हैं। इस दौरान कंपनी प्रतिनिधि लिखित व साक्षात्कार से विद्यार्थियों का विभिन्न पदों के लिए चयन करते हैं।
सवाल : बेरोजगारी भत्ते का आवेदन करने के लिए हमें काफी चक्कर लगाने पड़ते हैं, ऐसा क्यों? स्नेहा, छात्रा
जवाब : जानकारी के अभाव के कारण कई बार युवाओं के दस्तावेज में कमी रह जाती है। रोजगार कार्यालय में दस्तावेज संबंधित जानकारी लेकर अपना पंजीकरण करवाएं ताकि परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।