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Mahendragarh-Narnaul News: बिहाली में तैयार हुआ जिले का पहला बायोगैस प्लांट
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फोटो 27बिहाली में बनकर तैयार हो रहा गोबरधन बायोगैस प्लांट।संवाद
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मंडी अटेली। गोबरधन योजना के तहत बिहाली स्थित श्रीकृष्ण बाल गोपाल गोशाला में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा जिले का पहला गोबरधन बायोगैस प्लांट अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। प्लांट का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और फिलहाल पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। निर्माण एजेंसी के अनुसार, अगले 20 से 25 दिनों में प्लांट शुरू होने की उम्मीद है।
पंचायती राज विभाग की ओर से बनाए जा रहे इस प्लांट की क्षमता 400 क्यूबिक मीटर होगी। करीब 10 मीटर चौड़े और 17 फुट ऊंचे प्लांट से गोशाला के अलावा गांव के करीब 80 घरों को भी गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। ग्रामीणों को मिलने वाली बायोगैस घरेलू एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत सस्ती होने की उम्मीद है। इससे लोगों को रसोई गैस पर होने वाले खर्च में राहत मिलेगी।
प्लांट को शुरू करने के लिए पहले चरण में करीब 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली गोबर डाला जाएगा। इसके बाद रोज लगभग 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली गोबर प्लांट में डाला जाएगा, ताकि गैस का उत्पादन लगातार होता रहे। ठेकेदार नवीन कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और केवल पाइपलाइन बिछाने का काम बाकी है। इसके बाद प्लांट को चालू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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1365 गोवंश के गोबर से होगा उत्पादन
गोशाला में इस समय करीब 1365 गोवंश हैं। इनसे रोजाना बड़ी मात्रा में गोबर मिलता है। इसी गोबर का इस्तेमाल बायोगैस तैयार करने में किया जाएगा। प्लांट शुरू होने से गोशाला में गोबर का बेहतर प्रबंधन होगा और साफ-सफाई व्यवस्था भी सुधरेगी। इसके साथ ही जैविक खाद तैयार होगी जिसका इस्तेमाल किसान अपनी खेती में कर सकेंगे।
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पंचायती राज विभाग की ओर से बनाए जा रहे इस प्लांट की क्षमता 400 क्यूबिक मीटर होगी। करीब 10 मीटर चौड़े और 17 फुट ऊंचे प्लांट से गोशाला के अलावा गांव के करीब 80 घरों को भी गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। ग्रामीणों को मिलने वाली बायोगैस घरेलू एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले करीब 30 प्रतिशत सस्ती होने की उम्मीद है। इससे लोगों को रसोई गैस पर होने वाले खर्च में राहत मिलेगी।
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प्लांट को शुरू करने के लिए पहले चरण में करीब 25 ट्रैक्टर-ट्रॉली गोबर डाला जाएगा। इसके बाद रोज लगभग 10 ट्रैक्टर-ट्रॉली गोबर प्लांट में डाला जाएगा, ताकि गैस का उत्पादन लगातार होता रहे। ठेकेदार नवीन कुमार ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और केवल पाइपलाइन बिछाने का काम बाकी है। इसके बाद प्लांट को चालू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
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1365 गोवंश के गोबर से होगा उत्पादन
गोशाला में इस समय करीब 1365 गोवंश हैं। इनसे रोजाना बड़ी मात्रा में गोबर मिलता है। इसी गोबर का इस्तेमाल बायोगैस तैयार करने में किया जाएगा। प्लांट शुरू होने से गोशाला में गोबर का बेहतर प्रबंधन होगा और साफ-सफाई व्यवस्था भी सुधरेगी। इसके साथ ही जैविक खाद तैयार होगी जिसका इस्तेमाल किसान अपनी खेती में कर सकेंगे।