{"_id":"6a777a895901a15bd7073a85","slug":"plagued-by-an-unpaved-road-for-20-years-reaching-schools-and-fields-becomes-difficult-during-the-rains-narnol-news-c-196-1-nnl1010-143610-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mahendragarh-Narnaul News: 20 साल से कच्ची सड़क की मार, बारिश में स्कूल और खेतों तक पहुंचना मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mahendragarh-Narnaul News: 20 साल से कच्ची सड़क की मार, बारिश में स्कूल और खेतों तक पहुंचना मुश्किल
विज्ञापन
फोटो 04 लिंक रास्ते में जमा बारिश का पानी और गुजरती स्कूटी सवार। संवाद
- फोटो : रोटरी क्लब के कार्यक्रम में सम्मानित किए गए पदाधिकारी। स्रोत: क्लब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडी अटेली। गांव सलीमपुर से गढ़ी रुथल को जोड़ने वाले कच्चे लिंक मार्ग को पक्का कराने की मांग अब फिर तेज हो गई है। दोनों गांवों के ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क का निरीक्षण कराकर जल्द निर्माण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 20 वर्षों से सड़क को पक्का कराने की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार यह रास्ता सलीमपुर और करिया गांव की सीमा में आता है। इसी कारण दोनों गांवों की पंचायतें सड़क की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल देती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सरपंचों से सड़क बनवाने की गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग के आसपास करीब 20 किसानों के ट्यूबवेल और घर हैं। वहीं, करीब 50 किसानों के खेतों तक पहुंचने के लिए भी यही मुख्य रास्ता है। इसी मार्ग पर एक स्कूल भी स्थित है, जहां रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी आते-जाते हैं।
विज्ञापन
कच्ची सड़क की हालत खराब होने से किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को परेशानी होती है। सामान्य दिनों में भी रास्ते पर आवागमन मुश्किल रहता है। बरसात के दौरान सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। चार पहिया वाहनों के निकलने में भी परेशानी होती है।
किसान सुमेर सिंह, सरजीत सिंह, अशोक कुमार, सुरेश कुमार, जयसिंह, सुभाष पंच और पप्पू यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर सड़क को जल्द पक्का कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंचायतों की सीमा को लेकर कोई तकनीकी समस्या है तो संबंधित विभाग उसका समाधान कर जिम्मेदारी तय करे।
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार यह रास्ता सलीमपुर और करिया गांव की सीमा में आता है। इसी कारण दोनों गांवों की पंचायतें सड़क की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल देती हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सरपंचों से सड़क बनवाने की गुहार लगाई गई, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला। धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग के आसपास करीब 20 किसानों के ट्यूबवेल और घर हैं। वहीं, करीब 50 किसानों के खेतों तक पहुंचने के लिए भी यही मुख्य रास्ता है। इसी मार्ग पर एक स्कूल भी स्थित है, जहां रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी आते-जाते हैं।
विज्ञापन
कच्ची सड़क की हालत खराब होने से किसानों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को परेशानी होती है। सामान्य दिनों में भी रास्ते पर आवागमन मुश्किल रहता है। बरसात के दौरान सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। चार पहिया वाहनों के निकलने में भी परेशानी होती है।
किसान सुमेर सिंह, सरजीत सिंह, अशोक कुमार, सुरेश कुमार, जयसिंह, सुभाष पंच और पप्पू यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर सड़क को जल्द पक्का कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंचायतों की सीमा को लेकर कोई तकनीकी समस्या है तो संबंधित विभाग उसका समाधान कर जिम्मेदारी तय करे।