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Mahendragarh-Narnaul News: दिव्यांगता को मात देकर राजावास की जागृति ने लिखी सफलता की इबादत
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:41 PM IST
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फोटो संख्या:73- गांव राजावास में आयोजित प्रशिक्षण शिविर के दौरान महिलाओं के साथ जागृति --स्र
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महेंद्रगढ़। गांव राजावास निवासी जागृति ने दिव्यांगता को मात देकर कामयाबी की इबारत लिखी है। स्थानीय स्तर पर हल्दी-चंदन, एलोवेरा, मुलतानी मिट्टी का हर्बल साबुन तैयार कर रही हैं। इन साबुनों की अधिक मांग है। वह हर माह औसतन एक क्विंटल साबुन तैयार कर अपनी आजीविका चला रही हैं। जागृति ने प्रदेशभर की 500 से अधिक महिलाओं को स्थानीय स्तर पर साबुन तैयार का प्रशिक्षण दे चुकी हैं।
वर्ष 2022 में जागृति जब अपने माता-पिता को गांव के बस स्टैंड पर छोड़ने गई थीं। इसी दौरान हादसे में उनके एक पैर खराब हो गया। विकलांग होने के बाद भी उन्होंने हौसना नहीं हारा। एक वर्ष तक चलने-फिरने में परेशानी होने के बाद भी वर्ष 2023 में कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ से प्रशिक्षण लेकर साबुन बनाने का काम शुरू किया।
जागृति के पति विक्रम मजदूरी का काम करने के अलावा अपनी पत्नी का सहयोग कर रहे हैं। बड़ा बेटा 11 वर्षीय विनीत नौंवी कक्षा का छात्र है जबकि छोटी बेटी मानवी कक्षा दो में है।
जागृति ने साबुन बनाने के साथ-साथ मोटे अनाज से उत्पादन तैयार करने में महारत हासिल है। प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कृषि मेलों एवं कार्यक्रमों में स्टॉल लगाती हैं। इनकी साबुन व उत्पादन गुणवत्ता के कारण हाथों हाथ ही बिक जाते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग एवं विभिन्न विभागों की ओर से प्रदेशभर में आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से जागृति अपने ज्ञान की जागृति महिलाओं में फैला रही हैं।
करनाल, रोहतक, झज्जर, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरूग्राम, हिसार, चंडीगढ़ में हुए शिविरों में भी महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है। इन्हें हाल ही में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा हिसार में आयोजित मेले में मुख्यमंत्री की ओर से प्रगतिशील किसान अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।
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वर्ष 2022 में जागृति जब अपने माता-पिता को गांव के बस स्टैंड पर छोड़ने गई थीं। इसी दौरान हादसे में उनके एक पैर खराब हो गया। विकलांग होने के बाद भी उन्होंने हौसना नहीं हारा। एक वर्ष तक चलने-फिरने में परेशानी होने के बाद भी वर्ष 2023 में कृषि विज्ञान केंद्र महेंद्रगढ़ से प्रशिक्षण लेकर साबुन बनाने का काम शुरू किया।
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जागृति के पति विक्रम मजदूरी का काम करने के अलावा अपनी पत्नी का सहयोग कर रहे हैं। बड़ा बेटा 11 वर्षीय विनीत नौंवी कक्षा का छात्र है जबकि छोटी बेटी मानवी कक्षा दो में है।
जागृति ने साबुन बनाने के साथ-साथ मोटे अनाज से उत्पादन तैयार करने में महारत हासिल है। प्रदेशभर में आयोजित होने वाले कृषि मेलों एवं कार्यक्रमों में स्टॉल लगाती हैं। इनकी साबुन व उत्पादन गुणवत्ता के कारण हाथों हाथ ही बिक जाते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग एवं विभिन्न विभागों की ओर से प्रदेशभर में आयोजित किए जाने वाले प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से जागृति अपने ज्ञान की जागृति महिलाओं में फैला रही हैं।
करनाल, रोहतक, झज्जर, भिवानी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरूग्राम, हिसार, चंडीगढ़ में हुए शिविरों में भी महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है। इन्हें हाल ही में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा हिसार में आयोजित मेले में मुख्यमंत्री की ओर से प्रगतिशील किसान अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।