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Mahendragarh-Narnaul News: संघर्षों को याद कर भावुक हुईं शर्मिला, बोलीं-परिवार ने घर तक बेचा लेकिन हमने हार नहीं मानी
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फोटो संख्या:64- स्वर्ण पदक विजेता शर्मिला धनखड़ का रोड शो के दौरान स्वागत करते ग्रामीण--संवाद
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कनीना। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लौटी शर्मिला धनखड़ शनिवार को अपने पैतृक गांव छिथरोली पहुंची तो स्वागत के बीच उनकी आंखों के सामने संघर्ष के वे दिन भी ताजा हो गए, जब खेल का सपना पूरा करने के लिए परिवार को अपना घर तक बेचना पड़ा था। शर्मिला ने भावुक होते हुए कहा कि परेशानियां रास्ते में आती रहीं लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
शर्मिला दोपहर करीब साढ़े 12 बजे भड़फ बस स्टैंड पहुंची। यहां ग्रामीणों ने मालाएं और पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद डीजे के साथ करीब 50 वाहनों का रोड शो निकाला गया। कनीना मंडी, आंबेडकर चौक, बस स्टैंड कनीना, गाहड़ा और सीहोर होते हुए काफिला करीब 2 बजे छिथरोली पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं से शर्मिला का अभिनंदन किया।
गांव पहुंचते ही शर्मिला ने अपना स्वर्ण पदक मां संतोष देवी को पहनाया। मां को गले लगते ही वह भावुक हो गईं। इसके बाद उन्होंने अपनी शिक्षक रेखा दांगी से गले मिलकर उनका आभार जताया। शर्मिला ने कहा कि जिस जगह से वह सपनों को लेकर निकली थीं, उसी गांव में आज इस तरह सम्मान मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
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उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान परिवार को आर्थिक संकट से जूझना पड़ा। हालात ऐसे बने कि परिवार को अपना घर तक बेचना पड़ा। इसके बावजूद परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा और उन्होंने भी मुश्किलों के आगे घुटने नहीं टेके।
बेटे की नजरों से देखा बेटी की जीत का जश्न
शर्मिला की मां संतोष देवी को कार्यक्रम की जानकारी उनका बेटा नवीन देता रहा। इस तरह उन्होंने बेटे की नजरों से बेटी की जीत का जश्न देखा। संतोष देवी ने कहा कि बेटी का इस तरह सम्मान होना पूरे परिवार के लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्होंने शर्मिला के लिए इतना बड़ा सम्मान कभी नहीं देखा।
एक कंपनी ने घर तो दूसरी ने आश्रम देने का किया वादा
शर्मिला की उपलब्धि से प्रभावित होकर अंबुजा सीमेंट कंपनी ने रेवाड़ी में जमीन खरीदकर उन्हें नया मकान बनाकर देने का वादा किया है। इसके अलावा एक निजी कंपनी ने गांव में गरीब, असहाय, अनाथ और दिव्यांग बच्चों के प्रोत्साहन के लिए आश्रम खोलने का प्रस्ताव दिया है।
इन शख्सियत ने किया सम्मान
ग्राम सरपंच सविता देवी ने एक लाख रुपये की माला पहनाकर शर्मिला को सम्मानित किया। रेवाड़ी विधायक व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण यादव ने पगड़ी पहनाकर गदा भेंट की। बसपा नेता अतरलाल ने 5100 रुपये, यतेंद्र राव ने 11 हजार रुपये, उमेद सिंह चरखी ने 21 हजार रुपये तथा लाल सिंह नंबरदार व धनिया ने 31 हजार रुपये की माला भेंट की। पार्षद दीपक चौधरी ने भी 5100 रुपये की माला पहनाकर सम्मानित किया। कुछ ग्रामीणों ने उन्हें घी भी भेंट किया।
शर्मिला से प्रेरणा लें युवा
रेवाड़ी विधायक व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण यादव ने कहा कि शर्मिला ने मेहनत और प्रतिभा के बल पर गांव का नाम विश्व पटल पर पहुंचाया है। मोहित चौधरी ने गांव में पानी की पाइपलाइन, रास्तों की मरम्मत और पशु अस्पताल की चारदीवारी से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही स्वच्छता अभियान के तहत गांव को एक ट्रैक्टर और शर्मिला की जरूरत के अनुसार दो लाख रुपये तक का खेल सामान उपलब्ध कराने की घोषणा की।
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शर्मिला दोपहर करीब साढ़े 12 बजे भड़फ बस स्टैंड पहुंची। यहां ग्रामीणों ने मालाएं और पगड़ी पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद डीजे के साथ करीब 50 वाहनों का रोड शो निकाला गया। कनीना मंडी, आंबेडकर चौक, बस स्टैंड कनीना, गाहड़ा और सीहोर होते हुए काफिला करीब 2 बजे छिथरोली पहुंचा। रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने फूल-मालाओं से शर्मिला का अभिनंदन किया।
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गांव पहुंचते ही शर्मिला ने अपना स्वर्ण पदक मां संतोष देवी को पहनाया। मां को गले लगते ही वह भावुक हो गईं। इसके बाद उन्होंने अपनी शिक्षक रेखा दांगी से गले मिलकर उनका आभार जताया। शर्मिला ने कहा कि जिस जगह से वह सपनों को लेकर निकली थीं, उसी गांव में आज इस तरह सम्मान मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
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उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान परिवार को आर्थिक संकट से जूझना पड़ा। हालात ऐसे बने कि परिवार को अपना घर तक बेचना पड़ा। इसके बावजूद परिवार ने उनका साथ नहीं छोड़ा और उन्होंने भी मुश्किलों के आगे घुटने नहीं टेके।
बेटे की नजरों से देखा बेटी की जीत का जश्न
शर्मिला की मां संतोष देवी को कार्यक्रम की जानकारी उनका बेटा नवीन देता रहा। इस तरह उन्होंने बेटे की नजरों से बेटी की जीत का जश्न देखा। संतोष देवी ने कहा कि बेटी का इस तरह सम्मान होना पूरे परिवार के लिए गर्व का पल है। उन्होंने कहा कि इससे पहले उन्होंने शर्मिला के लिए इतना बड़ा सम्मान कभी नहीं देखा।
एक कंपनी ने घर तो दूसरी ने आश्रम देने का किया वादा
शर्मिला की उपलब्धि से प्रभावित होकर अंबुजा सीमेंट कंपनी ने रेवाड़ी में जमीन खरीदकर उन्हें नया मकान बनाकर देने का वादा किया है। इसके अलावा एक निजी कंपनी ने गांव में गरीब, असहाय, अनाथ और दिव्यांग बच्चों के प्रोत्साहन के लिए आश्रम खोलने का प्रस्ताव दिया है।
इन शख्सियत ने किया सम्मान
ग्राम सरपंच सविता देवी ने एक लाख रुपये की माला पहनाकर शर्मिला को सम्मानित किया। रेवाड़ी विधायक व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण यादव ने पगड़ी पहनाकर गदा भेंट की। बसपा नेता अतरलाल ने 5100 रुपये, यतेंद्र राव ने 11 हजार रुपये, उमेद सिंह चरखी ने 21 हजार रुपये तथा लाल सिंह नंबरदार व धनिया ने 31 हजार रुपये की माला भेंट की। पार्षद दीपक चौधरी ने भी 5100 रुपये की माला पहनाकर सम्मानित किया। कुछ ग्रामीणों ने उन्हें घी भी भेंट किया।
शर्मिला से प्रेरणा लें युवा
रेवाड़ी विधायक व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष लक्ष्मण यादव ने कहा कि शर्मिला ने मेहनत और प्रतिभा के बल पर गांव का नाम विश्व पटल पर पहुंचाया है। मोहित चौधरी ने गांव में पानी की पाइपलाइन, रास्तों की मरम्मत और पशु अस्पताल की चारदीवारी से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही स्वच्छता अभियान के तहत गांव को एक ट्रैक्टर और शर्मिला की जरूरत के अनुसार दो लाख रुपये तक का खेल सामान उपलब्ध कराने की घोषणा की।

फोटो संख्या:64- स्वर्ण पदक विजेता शर्मिला धनखड़ का रोड शो के दौरान स्वागत करते ग्रामीण--संवाद

फोटो संख्या:64- स्वर्ण पदक विजेता शर्मिला धनखड़ का रोड शो के दौरान स्वागत करते ग्रामीण--संवाद