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Mahendragarh-Narnaul News: तेज हवा के साथ हुई बारिश से बिछी गेहूं की फसल, सरसों भी भीगी
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फोटो संख्या:61- सरसों की कटाई करते मजदूर--संवाद
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महेंद्रगढ़/नारनौल। महेंद्रगढ़ में बुधवार शाम चार बजे के बाद तेज हवा के साथ बूंदाबांदी से गेहूं की फसल बिछ गई। वहीं खेतों में सूखने के लिए रखी सरसों की फसल भी भीग गई। शाम को तेज गड़गड़ाहट व 15 से 30 किलोमीटर की रफ्तार से चली हवा से क्षेत्र के कई गांवों में गेहूं की फसलें बिछ गई।
इस समय जिले में 2.72 लाख एकड़ में सरसों की कटाई भी 70 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। किसानों ने तेज से थ्रेसिंग शुरू कर दी थी लेकिन मौसम बदलावों के बाद अब नमी होने से थ्रेसिंग व कटाई का काम प्रभावित होगा। किसानों को गेहूं की फसल के गिरने से पकाव प्रभावित होने का भी भय सता रहा है।
पसार में सूखने के लिए छोड़ी गई सरसों में नमी की मात्रा बढ़ने से थ्रेसिंग में कार्य दो-तीन दिनों तक प्रभावित रहेगा। इसके अलावा तेज हवा के साथ बूंदाबांदी से बिछी गेहूं की फसल में भी नुकसान की आशंका है।
किसान को सरसों झड़ने से बचाव के अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। हवा के साथ बूंदाबांदी से गांव जासावास, चामधेड़ा, ऊंची भांडोर, देवास, दौंगड़ा अहीर, भालखी, सुंदरह, भोजावास बेल्ट के अनेक गांवों में गेहूं की फसलें बिछ गई।
मौसम विशेषज्ञ एवं पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आगामी 22 मार्च तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। 19 मार्च से 21 मार्च के दौरान क्षेत्र में आंशिक बादल तथा हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने व कहीं-कहीं गरजचमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना बन रही है।
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गेहूं की फसल में सिंचाई न करने की सलाह
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि जिला में इस बार 2.72 लाख एकड़ में सरसों व 70 हजार एकड़ में गेहूं की फसल है। वहीं गेहूं की बालियों में दाना पकाव के अंतिम चरण में ऐसे में अधिक वजन होने के कारण तेज हवा के साथ बूंदाबांदी से भी फसल के गिरने का भय है। किसानों को सलाह दी जाती है कि मौसम को देखते हुए गेहूं की फसल में सिंचाई रोक दें। वहीं कटाई की गई सरसों को एकत्रित करके ढकने का भी प्रबंध रखें।
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बॉक्स
सरसों की कटाई कर रहे थे लेकिन बारिश के कारण फसल कटाई रुक गई। वहीं कटी हुई फसल से सरसों के दाने गिरने का खतरा भी है।-जितेंद्र, किसान, गांव अटेली
बॉक्स
कटाई के समय ओलावृष्टि से बाजरे की फसल खराब हो गई थी। उम्मीद थी सरसों की पैदावार अच्छी होगी लेकिन सरसों कटाई के समय बारिश से नुकसान की संभावना बनी हुई है। -प्रदीप, किसान, गांव अटेली
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इस समय जिले में 2.72 लाख एकड़ में सरसों की कटाई भी 70 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। किसानों ने तेज से थ्रेसिंग शुरू कर दी थी लेकिन मौसम बदलावों के बाद अब नमी होने से थ्रेसिंग व कटाई का काम प्रभावित होगा। किसानों को गेहूं की फसल के गिरने से पकाव प्रभावित होने का भी भय सता रहा है।
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पसार में सूखने के लिए छोड़ी गई सरसों में नमी की मात्रा बढ़ने से थ्रेसिंग में कार्य दो-तीन दिनों तक प्रभावित रहेगा। इसके अलावा तेज हवा के साथ बूंदाबांदी से बिछी गेहूं की फसल में भी नुकसान की आशंका है।
किसान को सरसों झड़ने से बचाव के अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। हवा के साथ बूंदाबांदी से गांव जासावास, चामधेड़ा, ऊंची भांडोर, देवास, दौंगड़ा अहीर, भालखी, सुंदरह, भोजावास बेल्ट के अनेक गांवों में गेहूं की फसलें बिछ गई।
मौसम विशेषज्ञ एवं पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आगामी 22 मार्च तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील रहने की संभावना है। 19 मार्च से 21 मार्च के दौरान क्षेत्र में आंशिक बादल तथा हल्की से मध्यम गति से हवाएं चलने व कहीं-कहीं गरजचमक के साथ बूंदाबांदी या हल्की बारिश होने की संभावना बन रही है।
गेहूं की फसल में सिंचाई न करने की सलाह
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. अजय यादव ने बताया कि जिला में इस बार 2.72 लाख एकड़ में सरसों व 70 हजार एकड़ में गेहूं की फसल है। वहीं गेहूं की बालियों में दाना पकाव के अंतिम चरण में ऐसे में अधिक वजन होने के कारण तेज हवा के साथ बूंदाबांदी से भी फसल के गिरने का भय है। किसानों को सलाह दी जाती है कि मौसम को देखते हुए गेहूं की फसल में सिंचाई रोक दें। वहीं कटाई की गई सरसों को एकत्रित करके ढकने का भी प्रबंध रखें।
बॉक्स
सरसों की कटाई कर रहे थे लेकिन बारिश के कारण फसल कटाई रुक गई। वहीं कटी हुई फसल से सरसों के दाने गिरने का खतरा भी है।-जितेंद्र, किसान, गांव अटेली
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कटाई के समय ओलावृष्टि से बाजरे की फसल खराब हो गई थी। उम्मीद थी सरसों की पैदावार अच्छी होगी लेकिन सरसों कटाई के समय बारिश से नुकसान की संभावना बनी हुई है। -प्रदीप, किसान, गांव अटेली

फोटो संख्या:61- सरसों की कटाई करते मजदूर--संवाद

फोटो संख्या:61- सरसों की कटाई करते मजदूर--संवाद

फोटो संख्या:61- सरसों की कटाई करते मजदूर--संवाद