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Panchkula News: प्रदेश में 26 कॉलोनियों का नियमित, कालका की एक भी काॅलोनी नहीं
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नई कॉलोनियों में सड़क-पानी ठप, नक्शे और रजिस्ट्रियां अटकीं; लोगों में नाराजगी
कॉलोनियां नियमित न होने के कारण न नक्शे पास हो रहे, न बैंक से लोन मिल पा रहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश की 26 कॉलोनियों को नियमित करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बावजूद नगर परिषद कालका क्षेत्र की एक भी कॉलोनी को सूची में शामिल न किए जाने से क्षेत्र में भारी रोष है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि कालका नगर परिषद का दायरा लगातार बढ़ रहा है और कई नई कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं,लेकिन नियमित न होने के कारण लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
क्षेत्र की नई कॉलोनियों में सड़क, नाली, पार्क और कम्युनिटी हॉल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कॉलोनियां नियमित न होने के कारण न तो मकानों के नक्शे पास हो पा रहे हैं और न ही लोगों को बैंक से लोन मिल पा रहा है। वर्षों से कॉलोनीवासी नियमितीकरण की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।
शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय बंसल एडवोकेट ने भाजपा सरकार पर कालका विधानसभा क्षेत्र के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार लगातार कालका क्षेत्र को विकास के मामले में नजरअंदाज कर रही है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की 26 कॉलोनियों को तो नियमित कर दिया गया, लेकिन पिंजौर-कालका नगर परिषद की एक भी कॉलोनी को इसमें शामिल नहीं किया गया।
विजय बंसल ने बताया कि वर्ष 2010 से पूर्व पिंजौर और कालका नगर पालिकाओं तथा आसपास की पंचायतों में स्थित नई कॉलोनियों में विकास कार्य प्रभावी ढंग से हो रहे थे, लेकिन पंचकूला नगर निगम के गठन के बाद इन कॉलोनियों को अनियमित घोषित कर दिया गया, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गया।
उन्होंने यह भी कहा कि करीब पांच वर्ष पूर्व पिंजौर-कालका नगर परिषद क्षेत्र में अर्बन एक्ट की धारा 7-ए लागू कर दी गई, जिसके चलते नई कॉलोनियों में जमीन और मकानों की रजिस्ट्रियां तक बंद कर दी गईं। यह प्रतिबंध आज तक जारी है, जिससे लोग अपने ही क्षेत्र में घर बनाने से भी वंचित हो रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पिंजौर। हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश की 26 कॉलोनियों को नियमित करने की अधिसूचना जारी किए जाने के बावजूद नगर परिषद कालका क्षेत्र की एक भी कॉलोनी को सूची में शामिल न किए जाने से क्षेत्र में भारी रोष है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि कालका नगर परिषद का दायरा लगातार बढ़ रहा है और कई नई कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं,लेकिन नियमित न होने के कारण लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
क्षेत्र की नई कॉलोनियों में सड़क, नाली, पार्क और कम्युनिटी हॉल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। कॉलोनियां नियमित न होने के कारण न तो मकानों के नक्शे पास हो पा रहे हैं और न ही लोगों को बैंक से लोन मिल पा रहा है। वर्षों से कॉलोनीवासी नियमितीकरण की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।
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शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता विजय बंसल एडवोकेट ने भाजपा सरकार पर कालका विधानसभा क्षेत्र के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार लगातार कालका क्षेत्र को विकास के मामले में नजरअंदाज कर रही है। प्रदेश के अन्य क्षेत्रों की 26 कॉलोनियों को तो नियमित कर दिया गया, लेकिन पिंजौर-कालका नगर परिषद की एक भी कॉलोनी को इसमें शामिल नहीं किया गया।
विजय बंसल ने बताया कि वर्ष 2010 से पूर्व पिंजौर और कालका नगर पालिकाओं तथा आसपास की पंचायतों में स्थित नई कॉलोनियों में विकास कार्य प्रभावी ढंग से हो रहे थे, लेकिन पंचकूला नगर निगम के गठन के बाद इन कॉलोनियों को अनियमित घोषित कर दिया गया, जिससे विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गया।
उन्होंने यह भी कहा कि करीब पांच वर्ष पूर्व पिंजौर-कालका नगर परिषद क्षेत्र में अर्बन एक्ट की धारा 7-ए लागू कर दी गई, जिसके चलते नई कॉलोनियों में जमीन और मकानों की रजिस्ट्रियां तक बंद कर दी गईं। यह प्रतिबंध आज तक जारी है, जिससे लोग अपने ही क्षेत्र में घर बनाने से भी वंचित हो रहे हैं।