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Panchkula News: 36 साल पुराने भूमि विवाद का निपटारा, खरीदार को हाईकोर्ट से राहत
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चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 36 साल पुराने भूमि विवाद को सुलझाते हुए 1990 के जमीन बिक्री समझौते को लागू करने का आदेश दिया है। अदालत ने खरीदार पक्ष को राहत देते हुए विक्रेता देसा सिंह को तय शर्तों के अनुसार सौदा पूरा करने का निर्देश दिया।
जस्टिस वीरेंद्र अग्रवाल की पीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मुआवजा ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि समझौते को वास्तविक रूप से पूरा करना आवश्यक है। यह विवाद 28 मई 1990 को होशियारपुर जिले के मुकेरियां क्षेत्र में शुरू हुआ था जब देसा सिंह ने अपनी 10 कनाल 12 मरला भूमि का 8 कनाल हिस्सा रवाईल सिंह को 40,000 रुपये में बेचने का समझौता किया। इस दौरान 25,000 रुपये अग्रिम दिए गए थे और रजिस्ट्री 28 मई 1991 तक होनी थी। हालांकि विक्रेता तय तारीख पर उपस्थित नहीं हुआ और फिर दूसरी तारीख तय होने के बावजूद भी वह नहीं आया। इसके बाद खरीदार ने 1991 में अदालत का दरवाजा खटखटाया।
विक्रेता ने बचाव में दावा किया कि यह सौदा असली नहीं था बल्कि यह कर्ज का मामला था लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने विक्रेता को 2 महीने में शेष 15,000 रुपये जमा करने और फिर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया।
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जस्टिस वीरेंद्र अग्रवाल की पीठ ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मुआवजा ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि समझौते को वास्तविक रूप से पूरा करना आवश्यक है। यह विवाद 28 मई 1990 को होशियारपुर जिले के मुकेरियां क्षेत्र में शुरू हुआ था जब देसा सिंह ने अपनी 10 कनाल 12 मरला भूमि का 8 कनाल हिस्सा रवाईल सिंह को 40,000 रुपये में बेचने का समझौता किया। इस दौरान 25,000 रुपये अग्रिम दिए गए थे और रजिस्ट्री 28 मई 1991 तक होनी थी। हालांकि विक्रेता तय तारीख पर उपस्थित नहीं हुआ और फिर दूसरी तारीख तय होने के बावजूद भी वह नहीं आया। इसके बाद खरीदार ने 1991 में अदालत का दरवाजा खटखटाया।
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विक्रेता ने बचाव में दावा किया कि यह सौदा असली नहीं था बल्कि यह कर्ज का मामला था लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने विक्रेता को 2 महीने में शेष 15,000 रुपये जमा करने और फिर रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया।