{"_id":"6a84bb60bb10a27b1c0a0cd9","slug":"action-will-be-taken-against-unregistered-play-way-schools-panchkula-news-c-87-1-pan1010-140152-2026-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: बिना पंजीकरण चल रहे प्ले-वे स्कूलों पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: बिना पंजीकरण चल रहे प्ले-वे स्कूलों पर होगी कार्रवाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निरीक्षण अभियान जल्द शुरू होगा, बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं से समझौता नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में संचालित सभी निजी प्ले-वे स्कूलों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूलों को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की गाइडलाइन का पालन करना होगा। बिना पंजीकरण चल रहे स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सविता नेहरा ने बताया कि संचालक सरल पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग जल्द ही जिलेभर में निरीक्षण अभियान शुरू करेगा। बिना पंजीकरण संचालित स्कूल मिलने पर उन्हें बंद करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ स्कूलों में बच्चों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। संचालकों से जल्द पंजीकरण करवाने की अपील करते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य छोटे बच्चों की सुरक्षा और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले में संचालित सभी निजी प्ले-वे स्कूलों का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। स्कूलों को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की गाइडलाइन का पालन करना होगा। बिना पंजीकरण चल रहे स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सविता नेहरा ने बताया कि संचालक सरल पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग जल्द ही जिलेभर में निरीक्षण अभियान शुरू करेगा। बिना पंजीकरण संचालित स्कूल मिलने पर उन्हें बंद करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ स्कूलों में बच्चों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। संचालकों से जल्द पंजीकरण करवाने की अपील करते हुए कहा कि अभियान का उद्देश्य छोटे बच्चों की सुरक्षा और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन