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Panchkula News: एटीएल शिक्षकों को रोबोटिक्स, एआई और कोडिंग का प्रशिक्षण
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40 शिक्षकों का पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू, स्कूलों में विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा के अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) वाले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अब रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कोडिंग और नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेक्टर-26 चंडीगढ़ स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) में सोमवार को शिक्षकों के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण 17 से 21 अगस्त तक चलेगा। इसमें हरियाणा के एटीएल वाले स्कूलों के 40 शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग, हरियाणा के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। एनआईटीटीटीआर के निदेशक भोला राम गुर्जर और स्वप्निल रविंद्र पाटिल भी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, खगोल विज्ञान और नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही एटीएल में उपलब्ध उपकरणों और सुविधाओं का विद्यार्थियों के लिए बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में शिक्षकों का नई तकनीकों से परिचित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब केवल उपकरण रखने की जगह न बनकर विद्यार्थियों में रचनात्मकता, प्रयोग करने और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का केंद्र होनी चाहिए।
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एनआईटीटीटीआर के निदेशक भोला राम गुर्जर ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण का विशेष महत्व है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल जानकारी देने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें प्रयोग करने और नई चीजें बनाने के लिए भी प्रेरित करें।
स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी को अपने स्कूलों में लागू करने और अन्य शिक्षकों व विद्यार्थियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में स्टेम शिक्षा, नवाचार और तकनीक आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद शिक्षक एटीएल के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट बनाने, नए मॉडल तैयार करने और वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। हरियाणा के अटल टिंकरिंग लैब (एटीएल) वाले सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अब रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), कोडिंग और नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सेक्टर-26 चंडीगढ़ स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल टीचर्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च (एनआईटीटीटीआर) में सोमवार को शिक्षकों के पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण 17 से 21 अगस्त तक चलेगा। इसमें हरियाणा के एटीएल वाले स्कूलों के 40 शिक्षक हिस्सा ले रहे हैं।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा विभाग, हरियाणा के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। एनआईटीटीटीआर के निदेशक भोला राम गुर्जर और स्वप्निल रविंद्र पाटिल भी मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, खगोल विज्ञान और नई तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही एटीएल में उपलब्ध उपकरणों और सुविधाओं का विद्यार्थियों के लिए बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने कहा कि बदलते तकनीकी दौर में शिक्षकों का नई तकनीकों से परिचित होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अटल टिंकरिंग लैब केवल उपकरण रखने की जगह न बनकर विद्यार्थियों में रचनात्मकता, प्रयोग करने और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का केंद्र होनी चाहिए।
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एनआईटीटीटीआर के निदेशक भोला राम गुर्जर ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में व्यावहारिक प्रशिक्षण का विशेष महत्व है। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल जानकारी देने तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें प्रयोग करने और नई चीजें बनाने के लिए भी प्रेरित करें।
स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान मिली जानकारी को अपने स्कूलों में लागू करने और अन्य शिक्षकों व विद्यार्थियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में स्टेम शिक्षा, नवाचार और तकनीक आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देना है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद शिक्षक एटीएल के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोजेक्ट बनाने, नए मॉडल तैयार करने और वैज्ञानिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।