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बरवाला की गर्भवती संध्या की मौत: स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
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एएनसी कार्ड पर हाई रिस्क प्रेगनेंसी की स्टैंप लगी थी, फिर भी भर्ती नहीं करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। बरवाला के भरेली गांव की 25 वर्षीय गर्भवती संध्या की डिलीवरी के कुछ घंटे बाद हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि बरवाला पीएचसी से लेकर सेक्टर-6 सिविल अस्पताल तक उसके एएनसी कार्ड पर हाई रिस्क प्रेगनेंसी की स्टैंप लगी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद उसे भर्ती नहीं किया गया।
परिजनों के अनुसार संध्या 24 जून को सुबह 7:49 बजे सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की ओपीडी में पहुंची थी। उनका आरोप है कि वह लगातार तीन दिन तक अस्पताल के चक्कर लगाती रही, लेकिन डॉक्टरों ने यह कहकर वापस भेज दिया कि अभी डिलीवरी का समय नहीं हुआ है और दर्द सहन करना पड़ेगा।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल से लौटते समय रास्ते में संध्या की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे तत्काल अंबाला ले जाया गया, जहां इमरजेंसी ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी करवाई गई। हालांकि, डिलीवरी के कुछ घंटे बाद ही संध्या की मौत हो गई।
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मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, सांसद वरुण चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री आरती राव तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। पंचकूला के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि गायनी वार्ड से मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं और मामले से जुड़े डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। बरवाला के भरेली गांव की 25 वर्षीय गर्भवती संध्या की डिलीवरी के कुछ घंटे बाद हुई मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि बरवाला पीएचसी से लेकर सेक्टर-6 सिविल अस्पताल तक उसके एएनसी कार्ड पर हाई रिस्क प्रेगनेंसी की स्टैंप लगी हुई थी, लेकिन इसके बावजूद उसे भर्ती नहीं किया गया।
परिजनों के अनुसार संध्या 24 जून को सुबह 7:49 बजे सेक्टर-6 सिविल अस्पताल की ओपीडी में पहुंची थी। उनका आरोप है कि वह लगातार तीन दिन तक अस्पताल के चक्कर लगाती रही, लेकिन डॉक्टरों ने यह कहकर वापस भेज दिया कि अभी डिलीवरी का समय नहीं हुआ है और दर्द सहन करना पड़ेगा।
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परिजनों का कहना है कि अस्पताल से लौटते समय रास्ते में संध्या की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे तत्काल अंबाला ले जाया गया, जहां इमरजेंसी ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी करवाई गई। हालांकि, डिलीवरी के कुछ घंटे बाद ही संध्या की मौत हो गई।
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मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, सांसद वरुण चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री आरती राव तक पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। पंचकूला के पीएमओ डॉ. आरएस चौहान ने बताया कि गायनी वार्ड से मामले की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड जुटाए जा रहे हैं और मामले से जुड़े डॉक्टरों से पूछताछ की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।