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Panchkula News: सागर रत्ना नाम पर विवाद, सेक्टर-14 आउटलेट पर कोर्ट की रोक
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अंतरिम आदेश में ब्रांड इस्तेमाल पर रोक, तीन किमी दायरे के उल्लंघन पर उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। सागर रत्ना ब्रांड को लेकर चल रहे विवाद में अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए सेक्टर-14 में इस नाम से रेस्टोरेंट चलाने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने पाया कि तीन किलोमीटर दायरे के नियम और वैध अनुमति को लेकर गंभीर सवाल हैं।
7 अप्रैल 2026 को सुनवाई के बाद अदालत ने सेक्टर-14 स्थित आउटलेट पर ‘सागर रत्ना’ नाम के उपयोग पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की है। यह आदेश सेक्टर-9 स्थित आउटलेट संचालक श्रीराम फूड प्लाजा की याचिका पर दिया गया। कोर्ट ने हॉस्पिटैलिटी एंड सर्विसेज एलएलपी सहित अन्य पक्षों को ब्रांड नेम के इस्तेमाल से फिलहाल रोकते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने कहा कि अंतरिम राहत के तीनों आधार प्राइमा फेसी केस, अपूरणीय क्षति और सुविधा का संतुलन याचिकाकर्ता के पक्ष में हैं। 18 अगस्त 2022 का फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट और 2 सितंबर 2022 का कंपनी लेटर मजबूत साक्ष्य माने गए, जबकि प्रतिवादी इस लोकेशन के लिए कोई वैध लिखित अनुमति पेश नहीं कर सके।
तीन किलोमीटर दायरे को लेकर विवाद
याचिका में कहा गया कि श्रीराम फूड प्लाजा सागर रत्ना रेस्टोरेंट्स प्राइवेट लिमिटेड का अधिकृत फ्रेंचाइजी है, जिसे सेक्टर-9 के एससीओ-325 में आउटलेट संचालित करने का अधिकार मिला है। कंपनी की शर्तों के अनुसार तीन किलोमीटर के दायरे में दूसरा फ्रेंचाइजी नहीं खोला जा सकता जबकि सेक्टर-14 का प्रस्तावित आउटलेट इसी दायरे (करीब 2.9 किमी) में आता है।
याचिकाकर्ता के अनुसार 29 जनवरी 2026 को कंपनी से ईमेल के जरिए जानकारी मांगी गई थी, जिसमें स्पष्ट किया गया कि उक्त स्थान पर किसी अन्य फर्म को अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद वहां आउटलेट खोलने की तैयारी की जा रही थी, जिससे ग्राहकों में भ्रम की स्थिति बन रही थी।
वहीं, दिया हॉस्पिटैलिटी की ओर से पेश वकील समीर सेठी ने दलील दी कि उनके क्लाइंट के पास 30 नवंबर 2024 का एमओयू है, जिसके तहत उन्हें पंचकूला, मोहाली, चंडीगढ़ और न्यू चंडीगढ़ में आउटलेट संचालित करने का अधिकार है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि मौजूदा विवाद केवल सेक्टर-14 के एससीओ-209 तक सीमित है और इस लोकेशन के लिए कोई वैध अनुमति या फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट पेश नहीं किया गया।
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पंचकूला। सागर रत्ना ब्रांड को लेकर चल रहे विवाद में अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए सेक्टर-14 में इस नाम से रेस्टोरेंट चलाने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। कोर्ट ने पाया कि तीन किलोमीटर दायरे के नियम और वैध अनुमति को लेकर गंभीर सवाल हैं।
7 अप्रैल 2026 को सुनवाई के बाद अदालत ने सेक्टर-14 स्थित आउटलेट पर ‘सागर रत्ना’ नाम के उपयोग पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई 13 जुलाई तय की है। यह आदेश सेक्टर-9 स्थित आउटलेट संचालक श्रीराम फूड प्लाजा की याचिका पर दिया गया। कोर्ट ने हॉस्पिटैलिटी एंड सर्विसेज एलएलपी सहित अन्य पक्षों को ब्रांड नेम के इस्तेमाल से फिलहाल रोकते हुए जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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अदालत ने कहा कि अंतरिम राहत के तीनों आधार प्राइमा फेसी केस, अपूरणीय क्षति और सुविधा का संतुलन याचिकाकर्ता के पक्ष में हैं। 18 अगस्त 2022 का फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट और 2 सितंबर 2022 का कंपनी लेटर मजबूत साक्ष्य माने गए, जबकि प्रतिवादी इस लोकेशन के लिए कोई वैध लिखित अनुमति पेश नहीं कर सके।
तीन किलोमीटर दायरे को लेकर विवाद
याचिका में कहा गया कि श्रीराम फूड प्लाजा सागर रत्ना रेस्टोरेंट्स प्राइवेट लिमिटेड का अधिकृत फ्रेंचाइजी है, जिसे सेक्टर-9 के एससीओ-325 में आउटलेट संचालित करने का अधिकार मिला है। कंपनी की शर्तों के अनुसार तीन किलोमीटर के दायरे में दूसरा फ्रेंचाइजी नहीं खोला जा सकता जबकि सेक्टर-14 का प्रस्तावित आउटलेट इसी दायरे (करीब 2.9 किमी) में आता है।
याचिकाकर्ता के अनुसार 29 जनवरी 2026 को कंपनी से ईमेल के जरिए जानकारी मांगी गई थी, जिसमें स्पष्ट किया गया कि उक्त स्थान पर किसी अन्य फर्म को अनुमति नहीं दी गई है। इसके बावजूद वहां आउटलेट खोलने की तैयारी की जा रही थी, जिससे ग्राहकों में भ्रम की स्थिति बन रही थी।
वहीं, दिया हॉस्पिटैलिटी की ओर से पेश वकील समीर सेठी ने दलील दी कि उनके क्लाइंट के पास 30 नवंबर 2024 का एमओयू है, जिसके तहत उन्हें पंचकूला, मोहाली, चंडीगढ़ और न्यू चंडीगढ़ में आउटलेट संचालित करने का अधिकार है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि मौजूदा विवाद केवल सेक्टर-14 के एससीओ-209 तक सीमित है और इस लोकेशन के लिए कोई वैध अनुमति या फ्रेंचाइजी एग्रीमेंट पेश नहीं किया गया।