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Panchkula News: पंचकूला को बाल श्रम मुक्त बनाने पर जोर, 18 बच्चों को कराया मुक्त
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एनसीपीसीआर ने समीक्षा बैठक में दिए सख्त निर्देश, 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराने पर एफआईआर दर्ज करने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के वरिष्ठ सलाहकार केपीजे. गिराल्ड ने बुधवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक में पंचकूला को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में गिराल्ड ने कहा कि 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों से खतरनाक कार्य कराना भी प्रतिबंधित है। उन्होंने बचाव और पुनर्वास से जुड़े सभी मामलों का रिकॉर्ड राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
उपायुक्त सतपाल शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य पंचकूला को पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त बनाना है। इसके लिए ढाबों, फैक्ट्रियों, ईंट-भट्ठों, दुकानों और ट्रैफिक सिग्नलों समेत संभावित स्थानों पर लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
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सहायक श्रम आयुक्त अंजना ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक जिले में 29 औचक निरीक्षण किए गए हैं। इस दौरान 18 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के वरिष्ठ सलाहकार केपीजे. गिराल्ड ने बुधवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक में पंचकूला को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम कराना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक में गिराल्ड ने कहा कि 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों से खतरनाक कार्य कराना भी प्रतिबंधित है। उन्होंने बचाव और पुनर्वास से जुड़े सभी मामलों का रिकॉर्ड राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।
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उपायुक्त सतपाल शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य पंचकूला को पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त बनाना है। इसके लिए ढाबों, फैक्ट्रियों, ईंट-भट्ठों, दुकानों और ट्रैफिक सिग्नलों समेत संभावित स्थानों पर लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
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सहायक श्रम आयुक्त अंजना ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक जिले में 29 औचक निरीक्षण किए गए हैं। इस दौरान 18 बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया गया। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को बाल श्रम के दुष्प्रभावों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है।