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Panchkula News: पंचकूला के 50 घरों में मिला मच्छरों का लारवा, नोटिस जारी
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डेंगू-मलेरिया के बढ़ते खतरे पर प्रशासन अलर्ट, कालका-पिंजौर में फॉगिंग शुरू; हाई-रिस्क क्षेत्रों में विशेष निगरानी के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मानसून के दौरान डेंगू और मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में पंचकूला के 50 घरों में मच्छरों का लारवा मिला है, जिसके बाद संबंधित घरों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, कालका-पिंजौर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फॉगिंग अभियान भी शुरू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने कालका और पिंजौर को संभावित हॉट स्पॉट मानते हुए हाई-रिस्क क्षेत्रों में विशेष अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं, पानी के कंटेनरों की जांच कर रहे हैं और जहां लारवा मिल रहा है वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मलेरिया विभाग के अनुसार नगर निगम के साथ मिलकर फॉगिंग का शेड्यूल तैयार किया गया है। कालका-पिंजौर क्षेत्र में 20 ब्रीडर चेकर संभावित प्रजनन स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। हरिपुर में फॉगिंग के बाद अब नाडा गांव में अभियान चलाया जाएगा।
जलापूर्ति और सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर
उपायुक्त सतपाल शर्मा ने समीक्षा बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग को कालका, पिंजौर और स्लम क्षेत्रों में नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी की लीकेज को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को पानी का भंडारण न करना पड़े। नगर निगम पंचकूला, नगर परिषद कालका और पंचायत विभाग को हाई-रिस्क क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग और सफाई व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने मढ़ावाला, सूरजपुर और नानकपुर स्थित कबाड़ी गोदामों का विशेष निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास और आमजन की भागीदारी से ही डेंगू और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
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निर्माण स्थलों पर रहेगी कड़ी निगरानी
उप-सिविल सर्जन डॉ. काजल काम्भरा ने बताया कि कालका और पिंजौर में नियमित जलापूर्ति से पानी के भंडारण की आवश्यकता कम होगी, जिससे मच्छरों के पनपने पर अंकुश लगेगा। उन्होंने बताया कि डीएलएफ क्षेत्र के निर्माणाधीन स्थलों पर जलभराव के कारण मच्छरों के पनपने की आशंका है। इसे देखते हुए निर्माण स्थलों पर नियमित स्प्रे, फॉगिंग और निरीक्षण कराया जाएगा। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित कर निर्माणाधीन स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों, सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक स्थानों पर डेंगू से बचाव संबंधी ऑडियो संदेश प्रसारित करने को कहा गया है।
जागरूकता अभियान भी तेज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आईईसी गतिविधियों के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बचाव संबंधी पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं और स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से डेंगू-मलेरिया से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। बैठक में वरिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक सतीश कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक जसबीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मानसून के दौरान डेंगू और मलेरिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन अलर्ट हो गया है। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में पंचकूला के 50 घरों में मच्छरों का लारवा मिला है, जिसके बाद संबंधित घरों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, कालका-पिंजौर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में फॉगिंग अभियान भी शुरू कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने कालका और पिंजौर को संभावित हॉट स्पॉट मानते हुए हाई-रिस्क क्षेत्रों में विशेष अभियान शुरू किया है। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर सर्वे कर रहे हैं, पानी के कंटेनरों की जांच कर रहे हैं और जहां लारवा मिल रहा है वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मलेरिया विभाग के अनुसार नगर निगम के साथ मिलकर फॉगिंग का शेड्यूल तैयार किया गया है। कालका-पिंजौर क्षेत्र में 20 ब्रीडर चेकर संभावित प्रजनन स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं। हरिपुर में फॉगिंग के बाद अब नाडा गांव में अभियान चलाया जाएगा।
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जलापूर्ति और सफाई व्यवस्था पर विशेष जोर
उपायुक्त सतपाल शर्मा ने समीक्षा बैठक में जनस्वास्थ्य विभाग को कालका, पिंजौर और स्लम क्षेत्रों में नियमित एवं पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पानी की लीकेज को तत्काल दुरुस्त किया जाए, ताकि लोगों को पानी का भंडारण न करना पड़े। नगर निगम पंचकूला, नगर परिषद कालका और पंचायत विभाग को हाई-रिस्क क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग और सफाई व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने मढ़ावाला, सूरजपुर और नानकपुर स्थित कबाड़ी गोदामों का विशेष निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास और आमजन की भागीदारी से ही डेंगू और मलेरिया पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
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निर्माण स्थलों पर रहेगी कड़ी निगरानी
उप-सिविल सर्जन डॉ. काजल काम्भरा ने बताया कि कालका और पिंजौर में नियमित जलापूर्ति से पानी के भंडारण की आवश्यकता कम होगी, जिससे मच्छरों के पनपने पर अंकुश लगेगा। उन्होंने बताया कि डीएलएफ क्षेत्र के निर्माणाधीन स्थलों पर जलभराव के कारण मच्छरों के पनपने की आशंका है। इसे देखते हुए निर्माण स्थलों पर नियमित स्प्रे, फॉगिंग और निरीक्षण कराया जाएगा। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी तथा नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित कर निर्माणाधीन स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों, सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक स्थानों पर डेंगू से बचाव संबंधी ऑडियो संदेश प्रसारित करने को कहा गया है।
जागरूकता अभियान भी तेज
स्वास्थ्य विभाग की ओर से आईईसी गतिविधियों के तहत लोगों को जागरूक किया जा रहा है। बचाव संबंधी पंपलेट वितरित किए जा रहे हैं और स्वास्थ्य शिक्षा के माध्यम से डेंगू-मलेरिया से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं। बैठक में वरिष्ठ स्वास्थ्य निरीक्षक सतीश कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक जसबीर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।