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Panchkula News: यूनेस्को विश्व धरोहर नामांकनों के समीक्षक बने हरियाणा के डॉ. विवेक सक्सेना
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आईयूसीएन ने सौंपी वैश्विक जिम्मेदारी, वर्ष 2027 के लिए दुनिया के महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्थलों के नामांकन की करेंगे समीक्षा
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा कैडर के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी एवं राज्य के पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. विवेक सक्सेना का चयन वर्ष 2027 के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर नामांकनों के डेस्क समीक्षक के रूप में हुआ है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इसे हरियाणा वन विभाग और प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
दुनिया के महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्थलों की करेंगे समीक्षा
आईयूसीएन, यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के लिए प्राकृतिक धरोहर स्थलों के मूल्यांकन की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सलाहकार संस्था है। वर्ष 2027 की समिति बैठक के लिए विभिन्न देशों से कई महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्थलों के नामांकन भेजे गए हैं। इनमें इथियोपिया का सिमियन पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, इंडोनेशिया का सुमात्रा वर्षावन, मंगोलिया का गोबी क्षेत्र, ब्राजील का अब्रोलहोस समुद्री राष्ट्रीय उद्यान और भारत का जिंगकिंग जेरी/ल्युचाराई सांस्कृतिक परिदृश्य शामिल हैं।
डॉ. सक्सेना आईयूसीएन की स्पीशीज सर्वाइवल कमीशन (एसएससी) सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आयोगों के सक्रिय सदस्य हैं। उनके व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें इन नामांकनों की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले भी वे कई वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
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तीन दशक से अधिक का अनुभव
डॉ. विवेक सक्सेना ने हरियाणा वन विभाग में तीन दशक से अधिक समय तक सेवाएं दी हैं। वे आईयूसीएन के कमीशन ऑन एनवायर्नमेंटल लॉ (सीईएल), कमीशन ऑन इकोसिस्टम मैनेजमेंट (सीईएम) और स्पीशीज सर्वाइवल कमीशन (एसएससी) के सदस्य रहे हैं। इसके अलावा वर्ष 2007 से 2012 तक उन्होंने भारत के यूएनसीसीडी राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में कार्य किया। यूएनसीसीडी कॉप-10 में उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई। वर्ष 2018 में वे आईपीबीईएस की वैश्विक भूमि क्षरण एवं पुनर्स्थापन आकलन रिपोर्ट के लीड ऑथर रहे। डॉ. सक्सेना 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, लेकिन सेवानिवृत्ति से पहले मिली यह अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी उनके लंबे अनुभव और विशेषज्ञता की महत्वपूर्ण पहचान मानी जा रही है।
हरियाणा के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
विशेषज्ञों के अनुसार डॉ. विवेक सक्सेना का यूनेस्को विश्व धरोहर नामांकनों के समीक्षक के रूप में चयन हरियाणा के लिए गर्व का विषय है। इससे न केवल प्रदेश के वन विभाग की विशेषज्ञता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि वन एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में हरियाणा की पहलों को भी वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। हरियाणा कैडर के वरिष्ठ भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी एवं राज्य के पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक तथा मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक डॉ. विवेक सक्सेना का चयन वर्ष 2027 के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर नामांकनों के डेस्क समीक्षक के रूप में हुआ है। अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। इसे हरियाणा वन विभाग और प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
दुनिया के महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्थलों की करेंगे समीक्षा
आईयूसीएन, यूनेस्को विश्व धरोहर समिति के लिए प्राकृतिक धरोहर स्थलों के मूल्यांकन की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सलाहकार संस्था है। वर्ष 2027 की समिति बैठक के लिए विभिन्न देशों से कई महत्वपूर्ण प्राकृतिक स्थलों के नामांकन भेजे गए हैं। इनमें इथियोपिया का सिमियन पर्वत राष्ट्रीय उद्यान, इंडोनेशिया का सुमात्रा वर्षावन, मंगोलिया का गोबी क्षेत्र, ब्राजील का अब्रोलहोस समुद्री राष्ट्रीय उद्यान और भारत का जिंगकिंग जेरी/ल्युचाराई सांस्कृतिक परिदृश्य शामिल हैं।
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डॉ. सक्सेना आईयूसीएन की स्पीशीज सर्वाइवल कमीशन (एसएससी) सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आयोगों के सक्रिय सदस्य हैं। उनके व्यापक अनुभव और विशेषज्ञता को देखते हुए उन्हें इन नामांकनों की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले भी वे कई वैश्विक मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
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तीन दशक से अधिक का अनुभव
डॉ. विवेक सक्सेना ने हरियाणा वन विभाग में तीन दशक से अधिक समय तक सेवाएं दी हैं। वे आईयूसीएन के कमीशन ऑन एनवायर्नमेंटल लॉ (सीईएल), कमीशन ऑन इकोसिस्टम मैनेजमेंट (सीईएम) और स्पीशीज सर्वाइवल कमीशन (एसएससी) के सदस्य रहे हैं। इसके अलावा वर्ष 2007 से 2012 तक उन्होंने भारत के यूएनसीसीडी राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में कार्य किया। यूएनसीसीडी कॉप-10 में उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई। वर्ष 2018 में वे आईपीबीईएस की वैश्विक भूमि क्षरण एवं पुनर्स्थापन आकलन रिपोर्ट के लीड ऑथर रहे। डॉ. सक्सेना 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं, लेकिन सेवानिवृत्ति से पहले मिली यह अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी उनके लंबे अनुभव और विशेषज्ञता की महत्वपूर्ण पहचान मानी जा रही है।
हरियाणा के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि
विशेषज्ञों के अनुसार डॉ. विवेक सक्सेना का यूनेस्को विश्व धरोहर नामांकनों के समीक्षक के रूप में चयन हरियाणा के लिए गर्व का विषय है। इससे न केवल प्रदेश के वन विभाग की विशेषज्ञता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि वन एवं जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में हरियाणा की पहलों को भी वैश्विक मंच पर मजबूती मिलेगी।