{"_id":"6a0a2286613fbe4add0f77e1","slug":"municipal-elections-after-nomination-all-parties-are-now-busy-sharpening-their-campaign-panchkula-news-c-16-1-pkl1082-1022578-2026-05-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"निकाय चुनाव : नामांकन के बाद अब प्रचार को धार देने में जुटे सभी दल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निकाय चुनाव : नामांकन के बाद अब प्रचार को धार देने में जुटे सभी दल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब के 8 नगर निगमों, 76 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई है। इसके बाद सूबे के राजनीति दलों ने प्रचार को धार देने की तैयारी कर ली है ताकि चुनाव में जीत दर्ज की जा सके। यह चुनाव सभी दलों के लिए अहम है क्योंकि इसके बाद वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव है। यही कारण है कि निकाय चुनाव को विधानसभा की तैयारी के रूप में रखा जा रहा है।
आम आदमी पार्टी ने अपने सभी तीन लोकसभा सांसदों और 95 विधायकों को प्रचार की जिम्मेदारी सौंप दी है। साथ ही सभी पदाधिकारियों को भी हलकों में तैनात कर दिया है। सीएम भगवंत सिंह मान खुद भी सक्रिय रहेंगे।
सोमवार को नामांकनों की छंटनी और मंगलवार को नाम वापसी का अंतिम दिन है। साथ ही 26 मई को मतदान होना है। यही कारण है कि उससे पहले आप चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकने जा रही है। कांग्रेस ने भी अपने सभी विधायकों और सांसदों को प्रचार की जिम्मेदारी सौंप दी है। साथ ही 100 पर्यवेक्षक भी नियुक्ति किए हैं जो चुनाव होने तक सभी नगर निकायों की सीटों पर तैनात रहेंगे।
पंजाब कांग्रेस के संगठन महामंत्री संदीप सिंह संधू ने बताया कि सभी विधायकों और सांसदों को अपने हलकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है और साथ ही नामांकन के बाद प्रचार तेज करने के निर्देश भी दे दिए हैं। इसी तरह शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने भी सभी नेताओं की जिम्मेदारी लगा दी है जो अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं।
पिछली बार कांग्रेस ने मारी थी बाजी :
आठ नगर निगमों के पिछले चुनाव वर्ष 2021 में हुए थे। उस समय कांग्रेस ने पठानकोट, बटाला, बठिंडा, होशियारपुर, मोगा, कपूरथला, अबोहर और मोहाली नगर निगम पर कब्जा जमाया था। तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी जबकि इस बार आम आदमी पार्टी सत्ता में है। यही कारण है कि दोनों दलों पर अधिकतम सीटों पर जीत दर्ज करने का दबाव है। इसके अलावा दिसंबर 2024 में हुए पांच नगर निगम चुनावों में भी कांग्रेस और आप के बीच कड़ी टक्कर रही थी। पटियाला नगर निगम में आप ने जीत दर्ज की थी जबकि जालंधर और लुधियाना में भी पार्टी बढ़त बनाने में सफल रही। वहीं अमृतसर और फगवाड़ा में कांग्रेस आगे रही थी।
आम आदमी पार्टी ने अपने सभी तीन लोकसभा सांसदों और 95 विधायकों को प्रचार की जिम्मेदारी सौंप दी है। साथ ही सभी पदाधिकारियों को भी हलकों में तैनात कर दिया है। सीएम भगवंत सिंह मान खुद भी सक्रिय रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को नामांकनों की छंटनी और मंगलवार को नाम वापसी का अंतिम दिन है। साथ ही 26 मई को मतदान होना है। यही कारण है कि उससे पहले आप चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंकने जा रही है। कांग्रेस ने भी अपने सभी विधायकों और सांसदों को प्रचार की जिम्मेदारी सौंप दी है। साथ ही 100 पर्यवेक्षक भी नियुक्ति किए हैं जो चुनाव होने तक सभी नगर निकायों की सीटों पर तैनात रहेंगे।
पंजाब कांग्रेस के संगठन महामंत्री संदीप सिंह संधू ने बताया कि सभी विधायकों और सांसदों को अपने हलकों की जिम्मेदारी सौंपी गई है और साथ ही नामांकन के बाद प्रचार तेज करने के निर्देश भी दे दिए हैं। इसी तरह शिरोमणि अकाली दल और भाजपा ने भी सभी नेताओं की जिम्मेदारी लगा दी है जो अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं।
पिछली बार कांग्रेस ने मारी थी बाजी :
आठ नगर निगमों के पिछले चुनाव वर्ष 2021 में हुए थे। उस समय कांग्रेस ने पठानकोट, बटाला, बठिंडा, होशियारपुर, मोगा, कपूरथला, अबोहर और मोहाली नगर निगम पर कब्जा जमाया था। तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी जबकि इस बार आम आदमी पार्टी सत्ता में है। यही कारण है कि दोनों दलों पर अधिकतम सीटों पर जीत दर्ज करने का दबाव है। इसके अलावा दिसंबर 2024 में हुए पांच नगर निगम चुनावों में भी कांग्रेस और आप के बीच कड़ी टक्कर रही थी। पटियाला नगर निगम में आप ने जीत दर्ज की थी जबकि जालंधर और लुधियाना में भी पार्टी बढ़त बनाने में सफल रही। वहीं अमृतसर और फगवाड़ा में कांग्रेस आगे रही थी।