{"_id":"6988f356369f73254c0715af","slug":"paid-parking-free-contractor-absconding-corporation-suffers-financial-loss-worth-crores-panchkula-news-c-87-1-pan1001-132715-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panchkula News: पेड पार्किंग फ्री, ठेकेदार फरार, निगम को करोड़ों का आर्थिक नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panchkula News: पेड पार्किंग फ्री, ठेकेदार फरार, निगम को करोड़ों का आर्थिक नुकसान
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचकूला। नगर निगम ने सेक्टर-8, 9 और 10 की पेड पार्किंग को मुफ्त कर दिया है, लेकिन इन पार्किंग स्थलों से करोड़ों रुपये की कमाई करने वाला ठेकेदार आज भी नगर निगम की बकाया राशि जमा किए बिना फरार है। निगम अब तक ठेकेदार से वसूली नहीं कर पाया है, जिससे नगर निगम को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
इस मामले को लेकर पंचकूला विकास मंच ने नगर निगम आयुक्त विनय कुमार को पत्र लिखकर ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मंच के प्रतिनिधि राकेश अग्रवाल ने कहा कि संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और उससे पूरी बकाया राशि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
राकेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि ठेकेदार को कुछ राजनीतिक लोगों का संरक्षण प्राप्त था, जिसके चलते उसने नगर निगम को लगभग एक करोड़ रुपये का चूना लगाया। उन्होंने बताया कि यह मामला कई बार उठाया गया, लेकिन हर बार दबा दिया गया। उल्लेखनीय है कि पहले इन तीनों पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा करने के लिए 10 से 20 रुपये शुल्क लिया जाता था। ठेकेदार ने करीब तीन वर्षों तक पार्किंग का संचालन किया, लेकिन निर्धारित राशि नगर निगम में जमा नहीं कराई। इसके बाद निगम की हाउस मीटिंग में प्रस्ताव पारित कर पार्किंग शुल्क समाप्त करने का निर्णय लिया गया। ब्यूरो
Trending Videos
इस मामले को लेकर पंचकूला विकास मंच ने नगर निगम आयुक्त विनय कुमार को पत्र लिखकर ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मंच के प्रतिनिधि राकेश अग्रवाल ने कहा कि संबंधित कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और उससे पूरी बकाया राशि की रिकवरी सुनिश्चित की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
राकेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि ठेकेदार को कुछ राजनीतिक लोगों का संरक्षण प्राप्त था, जिसके चलते उसने नगर निगम को लगभग एक करोड़ रुपये का चूना लगाया। उन्होंने बताया कि यह मामला कई बार उठाया गया, लेकिन हर बार दबा दिया गया। उल्लेखनीय है कि पहले इन तीनों पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा करने के लिए 10 से 20 रुपये शुल्क लिया जाता था। ठेकेदार ने करीब तीन वर्षों तक पार्किंग का संचालन किया, लेकिन निर्धारित राशि नगर निगम में जमा नहीं कराई। इसके बाद निगम की हाउस मीटिंग में प्रस्ताव पारित कर पार्किंग शुल्क समाप्त करने का निर्णय लिया गया। ब्यूरो