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Panchkula News: कार की टक्कर से रिटायर्ड कर्मचारी की मौत, परिवार को 7.97 लाख मुआवजा
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पंचकूला। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) पंचकूला ने डीसी ऑफिस से रिटायर्ड कर्मचारी जगदीश सिंह की सड़क दुर्घटना में हुई मौत के मामले में उनके परिवार को 7.97 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने मुआवजे की राशि पर केस दायर करने की तारीख से 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देने के निर्देश दिए हैं। ट्रिब्यूनल के प्रेसिडेंट संजय संधीर ने अपने आदेश में कहा कि पुलिस जांच, चार्जशीट, जांच अधिकारी की गवाही और प्रत्यक्षदर्शी के बयान से यह स्पष्ट होता है कि ब्रेजा कार चालक कृष्ण कुमार लापरवाही से वाहन चला रहा था। चालक अदालत में गवाही के लिए पेश नहीं हुआ, जिसके चलते ट्रिब्यूनल ने उसके खिलाफ प्रतिकूल अनुमान लगाया।
आय के निर्धारण को लेकर ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि मृतक की पेंशन को आय में शामिल नहीं किया गया। डेयरी व्यवसाय से आय का कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत न होने के कारण न्यूनतम मजदूरी के आधार पर 11 हजार रुपये मासिक आय मानी गई और उसी आधार पर मुआवजा तय किया गया। अदालत के आदेश के अनुसार, मुआवजे की राशि में से 40 प्रतिशत हिस्सा मृतक की पत्नी को दिया जाएगा, जबकि दोनों बेटियों को 30-30 प्रतिशत राशि मिलेगी। नाबालिग बेटी का हिस्सा उसके बालिग होने तक फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाएगा। परिवार ने इस मामले में 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, कार चालक और बीमा कंपनी ने दावों का विरोध किया। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने यह फैसला सुनाया।
-यह था मामला
यह हादसा 24 जुलाई 2024 को पंचकूला-यमुनानगर हाईवे पर बिल्ला गांव के पास हुआ था। जगदीश सिंह अपनी बाइक पर पंचकूला से काजमपुर गांव स्थित घर जा रहे थे। इसी दौरान बरवाला की ओर से आ रही एक ब्रेजा कार ने अचानक यू-टर्न लिया और उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें विभिन्न अस्पतालों में उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां 28 जुलाई 2024 को उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर की गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया।
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आय के निर्धारण को लेकर ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि मृतक की पेंशन को आय में शामिल नहीं किया गया। डेयरी व्यवसाय से आय का कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत न होने के कारण न्यूनतम मजदूरी के आधार पर 11 हजार रुपये मासिक आय मानी गई और उसी आधार पर मुआवजा तय किया गया। अदालत के आदेश के अनुसार, मुआवजे की राशि में से 40 प्रतिशत हिस्सा मृतक की पत्नी को दिया जाएगा, जबकि दोनों बेटियों को 30-30 प्रतिशत राशि मिलेगी। नाबालिग बेटी का हिस्सा उसके बालिग होने तक फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाएगा। परिवार ने इस मामले में 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग की थी। हालांकि, कार चालक और बीमा कंपनी ने दावों का विरोध किया। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ट्रिब्यूनल ने यह फैसला सुनाया।
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-यह था मामला
यह हादसा 24 जुलाई 2024 को पंचकूला-यमुनानगर हाईवे पर बिल्ला गांव के पास हुआ था। जगदीश सिंह अपनी बाइक पर पंचकूला से काजमपुर गांव स्थित घर जा रहे थे। इसी दौरान बरवाला की ओर से आ रही एक ब्रेजा कार ने अचानक यू-टर्न लिया और उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें विभिन्न अस्पतालों में उपचार के बाद पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया, जहां 28 जुलाई 2024 को उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सिर की गंभीर चोट को मौत का कारण बताया गया।