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Panchkula News: खैर के पेड़ों की कटाई के मामले में विभाग ने बिठाई 6 सदस्यीय जांच कमेटी
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अमर उजाला इंपैक्ट : पिंजौर-शिमला हाईवे पर 300 पेड़ों की कटाई मामले में रोहतक की वन संरक्षक करेंगी जांच
वाइल्ड लाइफ विंग ने शासन को भेजी फाइल
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पिंजौर के एचएमटी क्षेत्र में कालका-शिमला नेशनल हाईवे के किनारे खैर के पेड़ों के अवैध कटान के मामले में अमर उजाला की खबर का बड़ा असर हुआ है। विभाग की नींद टूटी है और वाइल्ड लाइफ विंग ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। विभाग ने जांच कमेटी की मंजूरी के लिए फाइल हरियाणा सरकार को भेज दी है।
अमर उजाला ने 17 मार्च के अंक में इस संगठित वन अपराध को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। विभाग ने अब सख्त रुख अपनाते हुए कमेटी को निर्देश दिए हैं कि वह 5 दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपें ताकि कड़ी कार्रवाई की जा सके। जिस तरह मुख्य हाईवे और वन परिसर के पास 300 पेड़ों पर आरा चलाया गया उसने फील्ड स्टाफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जांच कमेटी में छह अधिकारी
जांच की कमान रोहतक की वन संरक्षक रंजीता को सौंपी गई है, जिन्हें कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ पंचकूला की मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) निवेदिता, हिसार के वन संरक्षक आर. आनंद, पिंजौर के डीएफओ (ट्रेनिंग) पुष्कर कुमार, वन भवन के विपिन सिंह और रोहतक के वन्यजीव अधिकारी राजीव गर्ग शामिल हैं। इस कमेटी की मंजूरी के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने फाइल सरकार को भेजी है।
जियो-टैग्ड फोटो बनेंगे सबूत
जांच टीम को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और साक्ष्य के तौर पर अवैध कटान स्थलों की जियो-टैग्ड फोटो रिपोर्ट का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे मामले में शहरों में पंचकूला के रिहायशी इलाकों में घूमते तेंदुए बड़ा सबूत हैं जो जंगल कटने से शहरों की तरफ आ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर तेंदुआ आबादी की ओर नहीं आता तो शायद जंगल के अंदर चल रहा पेड़ों की कटाई का खेल पकड़ में नहीं आता। 14 मार्च को हुए निरीक्षण के बाद 15 मार्च को इसकी शुरुआती रिपोर्ट जारी की गई थी।
कोट
पिंजौर एचएमटी एरिया में अवैध पेड़ों के कटान का मामला संज्ञान में है। इसकी जांच के लिए वाइल्ड लाइफ विंग ने कमेटी गठित की है। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-विनीत गर्ग, प्रधान वन मुख्य संरक्षक (पीसीसीएफ), वन विभाग हरियाणा
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वाइल्ड लाइफ विंग ने शासन को भेजी फाइल
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पिंजौर के एचएमटी क्षेत्र में कालका-शिमला नेशनल हाईवे के किनारे खैर के पेड़ों के अवैध कटान के मामले में अमर उजाला की खबर का बड़ा असर हुआ है। विभाग की नींद टूटी है और वाइल्ड लाइफ विंग ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच के लिए 6 सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर दिया है। विभाग ने जांच कमेटी की मंजूरी के लिए फाइल हरियाणा सरकार को भेज दी है।
अमर उजाला ने 17 मार्च के अंक में इस संगठित वन अपराध को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। विभाग ने अब सख्त रुख अपनाते हुए कमेटी को निर्देश दिए हैं कि वह 5 दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपें ताकि कड़ी कार्रवाई की जा सके। जिस तरह मुख्य हाईवे और वन परिसर के पास 300 पेड़ों पर आरा चलाया गया उसने फील्ड स्टाफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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जांच कमेटी में छह अधिकारी
जांच की कमान रोहतक की वन संरक्षक रंजीता को सौंपी गई है, जिन्हें कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ पंचकूला की मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) निवेदिता, हिसार के वन संरक्षक आर. आनंद, पिंजौर के डीएफओ (ट्रेनिंग) पुष्कर कुमार, वन भवन के विपिन सिंह और रोहतक के वन्यजीव अधिकारी राजीव गर्ग शामिल हैं। इस कमेटी की मंजूरी के लिए विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने फाइल सरकार को भेजी है।
जियो-टैग्ड फोटो बनेंगे सबूत
जांच टीम को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और साक्ष्य के तौर पर अवैध कटान स्थलों की जियो-टैग्ड फोटो रिपोर्ट का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए गए हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे मामले में शहरों में पंचकूला के रिहायशी इलाकों में घूमते तेंदुए बड़ा सबूत हैं जो जंगल कटने से शहरों की तरफ आ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर तेंदुआ आबादी की ओर नहीं आता तो शायद जंगल के अंदर चल रहा पेड़ों की कटाई का खेल पकड़ में नहीं आता। 14 मार्च को हुए निरीक्षण के बाद 15 मार्च को इसकी शुरुआती रिपोर्ट जारी की गई थी।
कोट
पिंजौर एचएमटी एरिया में अवैध पेड़ों के कटान का मामला संज्ञान में है। इसकी जांच के लिए वाइल्ड लाइफ विंग ने कमेटी गठित की है। फिलहाल जांच रिपोर्ट का इंतजार है। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-विनीत गर्ग, प्रधान वन मुख्य संरक्षक (पीसीसीएफ), वन विभाग हरियाणा