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Panchkula News: निगम के 20 वार्डों में पहली बार बनीं वार्ड कमेटियां, अब मोहल्लों से तय होगी विकास की दिशा
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जनता की भागीदारी बढ़ाने और योजनाओं की जमीनी निगरानी के लिए नगर निगम का बड़ा कदम, प्रत्येक वार्ड में पार्षद होंगे चेयरपर्सन
सफाई, विकास कार्य, स्ट्रीट लाइट, पार्क, स्वास्थ्य और कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी में निभाएंगी अहम भूमिका
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम के गठन के बाद पहली बार सभी 20 वार्डों में वार्ड कमेटियों का गठन किया गया है। नागरिक प्रशासन में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम शहर के विकास मॉडल में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन कमेटियों के गठन से स्थानीय समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी और नगर निगम व नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
यह फैसला हरियाणा नगरपालिका नागरिक भागीदारी अधिनियम-2008 के तहत लिया गया है। नगर निगम की 16 जून को हुई आम बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। जारी अधिसूचना के अनुसार प्रत्येक वार्ड के निर्वाचित पार्षद संबंधित वार्ड कमेटी के चेयरपर्सन होंगे, जबकि नगर निगम के संबंधित जूनियर इंजीनियर या चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों के मनोनीत सदस्यों को भी कमेटियों में शामिल किया गया है।
वार्ड स्तर पर होगी विकास कार्यों की निगरानी
वार्ड कमेटियों को नागरिक सेवाओं और विकास कार्यों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें ठोस कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, विकास परियोजनाओं की निगरानी, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा कमेटियां पार्कों, खेल मैदानों, सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की देखरेख, सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में सहयोग, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा कर संग्रह व्यवस्था में सुधार के लिए भी काम करेंगी। वार्ड विकास योजना और बजट तैयार करने, बुनियादी ढांचे का मानचित्रण करने तथा समय-समय पर नगर निगम को रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी भी इन्हीं कमेटियों के पास होगी।
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सदस्य सचिवों की होगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
प्रत्येक वार्ड कमेटी के सदस्य सचिव बैठकों का आयोजन, एजेंडा जारी करने, कार्यवाही का रिकॉर्ड रखने और कमेटी की सिफारिशों को संबंधित शाखाओं तक पहुंचाने का काम करेंगे। साथ ही वे अनुपालन रिपोर्ट तैयार कर सक्षम अधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे, जिससे निर्णयों के क्रियान्वयन पर नियमित निगरानी रखी जा सके।
मॉडल वार्ड के रूप में होगा विकास
वार्ड-4 के पार्षद भारत हितैषी ने बताया कि उनकी वार्ड कमेटी की पहली बैठक हो चुकी है। वार्ड को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए जनता का सहयोग और सहभागिता आवश्यक है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद इन कमेटियों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि नागरिक भागीदारी अधिनियम लागू होने के बाद वार्ड कमेटियों का गठन केवल उस समय हुआ था, जब पंचकूला में नगर परिषद थी। नगर निगम बनने के बाद पहली बार सभी 20 वार्डों में एक साथ कमेटियों का गठन किया गया है, जिससे स्थानीय शासन व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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सफाई, विकास कार्य, स्ट्रीट लाइट, पार्क, स्वास्थ्य और कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी में निभाएंगी अहम भूमिका
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पंचकूला नगर निगम के गठन के बाद पहली बार सभी 20 वार्डों में वार्ड कमेटियों का गठन किया गया है। नागरिक प्रशासन में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया यह कदम शहर के विकास मॉडल में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इन कमेटियों के गठन से स्थानीय समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी और नगर निगम व नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
यह फैसला हरियाणा नगरपालिका नागरिक भागीदारी अधिनियम-2008 के तहत लिया गया है। नगर निगम की 16 जून को हुई आम बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। जारी अधिसूचना के अनुसार प्रत्येक वार्ड के निर्वाचित पार्षद संबंधित वार्ड कमेटी के चेयरपर्सन होंगे, जबकि नगर निगम के संबंधित जूनियर इंजीनियर या चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर सदस्य सचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा विभिन्न क्षेत्रों के मनोनीत सदस्यों को भी कमेटियों में शामिल किया गया है।
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वार्ड स्तर पर होगी विकास कार्यों की निगरानी
वार्ड कमेटियों को नागरिक सेवाओं और विकास कार्यों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें ठोस कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था, विकास परियोजनाओं की निगरानी, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों की पहचान और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना शामिल है। इसके अलावा कमेटियां पार्कों, खेल मैदानों, सड़कों और स्ट्रीट लाइटों की देखरेख, सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियानों में सहयोग, सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा कर संग्रह व्यवस्था में सुधार के लिए भी काम करेंगी। वार्ड विकास योजना और बजट तैयार करने, बुनियादी ढांचे का मानचित्रण करने तथा समय-समय पर नगर निगम को रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी भी इन्हीं कमेटियों के पास होगी।
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सदस्य सचिवों की होगी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
प्रत्येक वार्ड कमेटी के सदस्य सचिव बैठकों का आयोजन, एजेंडा जारी करने, कार्यवाही का रिकॉर्ड रखने और कमेटी की सिफारिशों को संबंधित शाखाओं तक पहुंचाने का काम करेंगे। साथ ही वे अनुपालन रिपोर्ट तैयार कर सक्षम अधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे, जिससे निर्णयों के क्रियान्वयन पर नियमित निगरानी रखी जा सके।
मॉडल वार्ड के रूप में होगा विकास
वार्ड-4 के पार्षद भारत हितैषी ने बताया कि उनकी वार्ड कमेटी की पहली बैठक हो चुकी है। वार्ड को मॉडल वार्ड के रूप में विकसित करने के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी से विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए जनता का सहयोग और सहभागिता आवश्यक है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद इन कमेटियों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि नागरिक भागीदारी अधिनियम लागू होने के बाद वार्ड कमेटियों का गठन केवल उस समय हुआ था, जब पंचकूला में नगर परिषद थी। नगर निगम बनने के बाद पहली बार सभी 20 वार्डों में एक साथ कमेटियों का गठन किया गया है, जिससे स्थानीय शासन व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।