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Panipat News: खांसी-जुकाम और बुखार के 300 मरीज पहुंचे
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पानीपत। मौसम बदलाव से लोगों का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल में खासी-जुकाम, बुखार के साथ गले में इंफेक्शन के मामले बढ़ने लगे हैं। फिजिशियन की ओपीडी में करीब 300 मरीज खांसी-जुकाम और बुखार के पहुंचे रहे हैं और ईएनटी विशेषज्ञ की ओपीडी 80 से बढ़कर 110 तक पहुंचने लगी है इसमें ज्यादातर गले में इंफेक्शन के कारण दर्द, खराश होने के आ रहे हैं।
चिकित्सक लोगों को इलाज व दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। वहीं अस्पताल में मरीजों को गले की दवा न मिलने से बाहर से खरीदनी पड़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल में फिजिशियन और ईएनटी विशेषज्ञ की ओपीडी सामान्य दिनों से ज्यादा रहने लगी है। इसमें ज्यादातर खांसी-जुकाम, बुखार के साथ गले में इंफेक्शन के मरीज आ रहे हैं।
फिजिशियन डॉ. जैसमीन ने बताया कि मौसम बदलाव हो रहा है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में गर्मी बढ़ने से लोग लापरवाही कर रहे हैं और खांसी-जुकाम दो से तीन दिन रहते ही बुखार से ग्रस्त हो रहे हैं। ऐसे समय में लोगों को स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए।
सुबह-शाम मौसमानुसार हल्के गर्म कपड़े या पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए और खांसी-जुकाम होते ही चिकित्सक से परामर्श अवश्य करना चाहिए। ईएनटी (कान, नाक, गला) विशेषज्ञ डॉ. शिवांजलि ने बताया कि दिन में गर्मी होने से लोग ठंडा पानी पीने लगे हैं या पसीना आने पर ही पानी पी रहे हैं इससे गला खराब हो रहा है और इंफेक्शन का कारण बन रहा है। लोगों को हल्का गर्म पानी पीना चाहिए। पसीना आने पर थोड़ी देर रुककर पानी पीना चाहिए और गले में हल्का दर्द या खराश होते ही चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। हरिनगर से गले में दर्द होने पर जांच के लिए पहुंची दीपा ने बताया कि उसे दो दिन से गले में दर्द हो रहा है। वह अस्पताल में सुबह दस बजे ही पहुंच गई थी लेकिन पंजीकरण करवाने, चिकित्सक से जांच करवाने और दवा लेने में उसे करीब दो घंटे का समय लगा। चिकित्सक ने उसे दो प्रकार की दवा लिखी। एक दवा तो अस्पताल में मिल गई लेकिन दूसरी दवा उसे बाहर से खरीदनी पड़ी।
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चिकित्सक लोगों को इलाज व दवा के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। वहीं अस्पताल में मरीजों को गले की दवा न मिलने से बाहर से खरीदनी पड़ रही है। जिला नागरिक अस्पताल में फिजिशियन और ईएनटी विशेषज्ञ की ओपीडी सामान्य दिनों से ज्यादा रहने लगी है। इसमें ज्यादातर खांसी-जुकाम, बुखार के साथ गले में इंफेक्शन के मरीज आ रहे हैं।
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फिजिशियन डॉ. जैसमीन ने बताया कि मौसम बदलाव हो रहा है। सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में गर्मी बढ़ने से लोग लापरवाही कर रहे हैं और खांसी-जुकाम दो से तीन दिन रहते ही बुखार से ग्रस्त हो रहे हैं। ऐसे समय में लोगों को स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए।
सुबह-शाम मौसमानुसार हल्के गर्म कपड़े या पूरी बाजू के कपड़े पहनने चाहिए और खांसी-जुकाम होते ही चिकित्सक से परामर्श अवश्य करना चाहिए। ईएनटी (कान, नाक, गला) विशेषज्ञ डॉ. शिवांजलि ने बताया कि दिन में गर्मी होने से लोग ठंडा पानी पीने लगे हैं या पसीना आने पर ही पानी पी रहे हैं इससे गला खराब हो रहा है और इंफेक्शन का कारण बन रहा है। लोगों को हल्का गर्म पानी पीना चाहिए। पसीना आने पर थोड़ी देर रुककर पानी पीना चाहिए और गले में हल्का दर्द या खराश होते ही चिकित्सक से जांच करवानी चाहिए। हरिनगर से गले में दर्द होने पर जांच के लिए पहुंची दीपा ने बताया कि उसे दो दिन से गले में दर्द हो रहा है। वह अस्पताल में सुबह दस बजे ही पहुंच गई थी लेकिन पंजीकरण करवाने, चिकित्सक से जांच करवाने और दवा लेने में उसे करीब दो घंटे का समय लगा। चिकित्सक ने उसे दो प्रकार की दवा लिखी। एक दवा तो अस्पताल में मिल गई लेकिन दूसरी दवा उसे बाहर से खरीदनी पड़ी।