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Panipat News: प्रदूषण रोकने के लिए बनाया जाएगा एक्शन प्लान, औद्योगिक प्रदूषण और डंपिंग यार्ड की होगी गहन निगरानी
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पानीपत। पानीपत की आबोहवा को स्वच्छ बनाने और पर्यावरण को दूषित करने वाले तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिले में प्रदूषण रोकने के लिए एक्शन प्लान बनाया जाएगा। इसमें संबंधित विभागों को समनव्यक बनाकर काम करना होगा। औद्याेगिक प्रदूषण के साथ डंपिंग यार्ड पर विशेष निगरानी की जाएगी।
हरियाणा विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण विषयक समिति इसको लेकर जल्द ही दौरा करेगी। जिला सचिवालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में विभिन्न प्रशासनिक विभागों के अधिकारियों की इससे जोड़कर समीक्षा बैठक में हर विषय पर विस्तार से चर्चा की।
इसमें जिले में पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण, डंपिंग यार्ड का प्रबंधन, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) की कार्यप्रणाली, व्यापक पौधारोपण तथा यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
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रात में दूषित पानी छोड़ने वालों पर रहेगी नजर
औद्योगिक इकाइयों से प्रदूषण फैलाने की शिकायताें पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इनकी नियमित निगरानी की जाए। विशेष रूप से रात के समय यमुना नदी में जहरीला व रसायनयुक्त पानी छोड़ने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त ने जिले में संचालित एसटीपी और सीईटीपी प्लांट की कार्यक्षमता को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ डंपिंग यार्ड का स्थलीय निरीक्षण कर कचरा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।धरातल पर दिखने चाहिए योजनाओं के परिणाम
उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज और उद्योगपतियों की भी सांझा जिम्मेदारी है। हमारा प्राथमिक लक्ष्य पानीपत को स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और हरा-भरा वातावरण देना है। केवल कागजी योजनाएं बनाना काफी नहीं है, बल्कि इनके परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए। प्रदूषण नियंत्रण के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।इस मौके पर एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, एचएसवीपी के ईओ प्रतीक हुड्डा, डीटीपी सुमित मलिक और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भूपेंद्र चहल मौजूद रहे।
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हरियाणा विधानसभा की पर्यावरण एवं प्रदूषण विषयक समिति इसको लेकर जल्द ही दौरा करेगी। जिला सचिवालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ की अध्यक्षता में विभिन्न प्रशासनिक विभागों के अधिकारियों की इससे जोड़कर समीक्षा बैठक में हर विषय पर विस्तार से चर्चा की।
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इसमें जिले में पर्यावरण संरक्षण, औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण, डंपिंग यार्ड का प्रबंधन, एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) की कार्यप्रणाली, व्यापक पौधारोपण तथा यमुना नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने जैसे गंभीर मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
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रात में दूषित पानी छोड़ने वालों पर रहेगी नजर
औद्योगिक इकाइयों से प्रदूषण फैलाने की शिकायताें पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी। इनकी नियमित निगरानी की जाए। विशेष रूप से रात के समय यमुना नदी में जहरीला व रसायनयुक्त पानी छोड़ने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त ने जिले में संचालित एसटीपी और सीईटीपी प्लांट की कार्यक्षमता को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ डंपिंग यार्ड का स्थलीय निरीक्षण कर कचरा प्रबंधन प्रणाली को सुदृढ़ किया जाएगा।धरातल पर दिखने चाहिए योजनाओं के परिणाम
उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज और उद्योगपतियों की भी सांझा जिम्मेदारी है। हमारा प्राथमिक लक्ष्य पानीपत को स्वच्छ हवा, स्वच्छ जल और हरा-भरा वातावरण देना है। केवल कागजी योजनाएं बनाना काफी नहीं है, बल्कि इनके परिणाम धरातल पर दिखाई देने चाहिए। प्रदूषण नियंत्रण के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।इस मौके पर एसडीएम समालखा अमित कुमार, एसडीएम इसराना नवदीप नैन, एचएसवीपी के ईओ प्रतीक हुड्डा, डीटीपी सुमित मलिक और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी भूपेंद्र चहल मौजूद रहे।