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Panipat News: औद्योगिक इकाइयों में बच्चों के प्रवेश पर रोक

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 03:08 AM IST
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Ban on the entry of children into industrial units
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत में कारखानों, गोदामों, भंडारण इकाइयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लगातार हो रहे हादसों को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब किसी भी कार्यस्थल पर 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कर्मचारियों और ठेका श्रमिकों के बच्चों को भी कार्यस्थल या उसके आसपास रहने की अनुमति नहीं होगी। ज्यादा महिला कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में शिशु देखभाल केंद्र अनिवार्य होगा।
प्रशासन के निर्देशों के अनुसार महिला कर्मचारियों को नियुक्ति के समय इस संबंध में लिखित जानकारी देना अनिवार्य होगा। वहीं ठेकेदारों और श्रमिक आपूर्तिकर्ताओं को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई श्रमिक अपने बच्चों को काम के स्थान पर लेकर न आए।
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लाइसेंस के बिना संचालन पर होगी कार्रवाई : प्रशासन ने सभी औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पर्याप्त रोशनी, वेंटिलेशन, अग्निशमन उपकरण, प्राथमिक उपचार पेटी और हिंदी भाषा में सुरक्षा चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य किया है। इसके साथ ही सभी कारखानों, गोदामों और प्रतिष्ठानों के पास वैध लाइसेंस और पंजीकरण होना जरूरी होगा। बिना अनुमति या पंजीकरण के संचालन करने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।नए निर्देशों के अनुसार, किराये पर संचालित औद्योगिक इकाइयों को भी सभी आवश्यक अनुमति और लाइसेंस लेने होंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि भवन मालिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए परिसर किराये पर देता है तो दुर्घटना की स्थिति में उसकी भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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n 30 से अधिक महिला कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों में शिशु देखभाल केंद्र अनिवार्य
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन औद्योगिक और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में 30 या इससे अधिक महिला कर्मचारी कार्यरत हैं, वहां श्रम कानूनों के अनुसार शिशु देखभाल केंद्र (क्रैच) की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा गोदामों और भंडारण इकाइयों में सामान रखने को लेकर भी सुरक्षा मानक तय किए गए हैं। कपड़ा, वस्त्र और अन्य भारी सामग्री को सुरक्षित तरीके से और निर्धारित ऊंचाई तक ही रखा जा सकेगा। असंतुलित, झुके हुए या अधिक ऊंचाई तक लगाए गए सामान के ढेरों को तत्काल हटाकर सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित करना होगा। सामान की ढुलाई और स्टॉक लगाने का काम केवल प्रशिक्षित या अनुभवी कर्मचारियों की निगरानी में किया जाएगा। साथ ही आवागमन के रास्ते हमेशा खुले रखने होंगे।
प्रमुख हादसे
n काबड़ी रोड स्थित अधीरा एंटरप्राइजेज टेक्सटाइल फैक्टरी : 30 जून को 50 किलोग्राम वजन की कपड़ों की गांठ गिरने से उत्तर प्रदेश के कैराना निवासी 35 वर्षीय महिला श्रमिक माया देवी की मौत हो गई थी।
n बरसत रोड स्थित श्री लक्ष्मी एंटरप्राइजेज : कपड़ा गोदाम में कपड़ों की भारी गांठें गिरने से दो मासूम बच्चियों प्रज्ञा और सोनम की दबने से मौत हो गई थी।

n बरसत रोड स्थित एक अन्य गोदाम : दो मार्च को कपड़ों की गांठ के नीचे दबने से एक महिला श्रमिक की मौत हो गई थी।

n श्रम विभाग करेगा नियमित निरीक्षण
जिला प्रशासन ने श्रम विभाग के अधिकारियों को इन निर्देशों का पालन कराने और नियमित निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। उपायुक्त डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने कहा कि बरसत रोड की घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है। दो मासूम बच्चियों की मौत पूरे समाज के लिए गंभीर चेतावनी है। किसी भी कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। श्रमिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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