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Panipat News: शीतलहर और कोहरे का असर, बच्चों की सेहत पर सर्दी भारी
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पानीपत। जिले के तापमान में प्रतिदिन हो रही गिरावट के चलते मौसम में ठंड बढ़ रही है। ऐसे में बढ़ती ठंड आमजन को बीमार कर रही है। नागरिक अस्पताल में मरीजों की ओपीडी में बढ़ोतरी हो रही है। अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं।
वहीं ठंड पांच वर्ष की उम्र के छोटे बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है, ऐसे में चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ ठंड से बचाव की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया है। सूखी ठंड से ग्रामीण इलाकों में कोहरा जम रहा है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान गिरने से ठंड ओर ज्यादा बढ़ने तथा शीतलहर चलने के आसार हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अधिकतर बच्चों में बुखार, गला दर्द, सिर दर्द, बदन दर्द, जुकाम के लक्षण मिल रहे है। मौसम में बदलाव के चलते ठंडा पानी, बाहरी तली चीजें, आइसक्रीम आदि खाने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। चिकित्सकों ने अनुसार उनके पास पहले 80 से कम ओपीडी रहती थी, लेकिन अब इसमें 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। दैनिक ओपीडी 100 तक पहुंच गई है। इससे मरीज बीमारी का इलाज करवाने के लिए अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल की फिजिशियन डॉ. जैसमीन ने बताया कि सर्द मौसम के चलते नागरिक अस्पताल में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज आ रहे हैं। इनमें छोटे बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ठंड से परहेज की आवश्यक है। ठंड लगने व बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
बॉक्स
पांच साल तक के बच्चे आ रहे चपेट में
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश अरोड़ा ने बताया कि ओपीडी अधिकतर मरीज पांच वर्ष तक की उम्र के आए हैं। ऐसे में गंभीर होने के चलते अस्पताल के बच्चा वार्ड में बुखार व ठंड लगने से 20 के करीब मरीज भर्ती है। ठंड के कारण बच्चों को बुखार के साथ खांसी व जुकाम के मरीज ज्यादा है। यदि किसी को बुखार या अन्य समस्याएं हैं, तो वे नागरिक अस्पताल में आकर उपचार ले सकते हैं। मौसम में बदलाव के साथ मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। छोटे बच्चे बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बीमार होने पर चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
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सावधानी बरतने की दी सलाह
पूरे कपड़े पहनें
बिना वजह घर से बाहर न निकलें
ठंडे पानी का सेवन न करें।
बच्चों को ठंडी चीजें खाने को न दें।
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वहीं ठंड पांच वर्ष की उम्र के छोटे बच्चों को अपनी चपेट में ले रही है, ऐसे में चिकित्सक मरीजों को दवा के साथ ठंड से बचाव की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया है। सूखी ठंड से ग्रामीण इलाकों में कोहरा जम रहा है। वहीं मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान गिरने से ठंड ओर ज्यादा बढ़ने तथा शीतलहर चलने के आसार हैं। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अधिकतर बच्चों में बुखार, गला दर्द, सिर दर्द, बदन दर्द, जुकाम के लक्षण मिल रहे है। मौसम में बदलाव के चलते ठंडा पानी, बाहरी तली चीजें, आइसक्रीम आदि खाने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। चिकित्सकों ने अनुसार उनके पास पहले 80 से कम ओपीडी रहती थी, लेकिन अब इसमें 40 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। दैनिक ओपीडी 100 तक पहुंच गई है। इससे मरीज बीमारी का इलाज करवाने के लिए अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल की फिजिशियन डॉ. जैसमीन ने बताया कि सर्द मौसम के चलते नागरिक अस्पताल में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज आ रहे हैं। इनमें छोटे बच्चे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। ठंड से परहेज की आवश्यक है। ठंड लगने व बुखार होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
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पांच साल तक के बच्चे आ रहे चपेट में
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरीश अरोड़ा ने बताया कि ओपीडी अधिकतर मरीज पांच वर्ष तक की उम्र के आए हैं। ऐसे में गंभीर होने के चलते अस्पताल के बच्चा वार्ड में बुखार व ठंड लगने से 20 के करीब मरीज भर्ती है। ठंड के कारण बच्चों को बुखार के साथ खांसी व जुकाम के मरीज ज्यादा है। यदि किसी को बुखार या अन्य समस्याएं हैं, तो वे नागरिक अस्पताल में आकर उपचार ले सकते हैं। मौसम में बदलाव के साथ मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। छोटे बच्चे बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बीमार होने पर चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।
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सावधानी बरतने की दी सलाह
पूरे कपड़े पहनें
बिना वजह घर से बाहर न निकलें
ठंडे पानी का सेवन न करें।
बच्चों को ठंडी चीजें खाने को न दें।