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Panipat News: अस्पताल की एक दिन में ही काया उतरी, इमरजेंसी में चादर लगे स्ट्रेचर अगले दिन ही गायब, कूड़ा तक नहीं उठा
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फोटो-2, 7 से 9-- -- पुल एक प्रस्तावित लीड-- -
-इमरजेंसी से गद्दे और चादर लगे तो दूर खाली स्ट्रेचर भी नहीं मिले
-कहीं आवारा कुत्ते तो कहीं पर बेंचों के नीचे पड़ा मिला कूड़ा
-ओपीडी और दूसरे वार्ड में मरीजों को पर्याप्त बेंच भी नहीं मिले
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की कायाकल्प टीम के निरीक्षण के अगले ही दिन जिला नागरिक अस्पताल की काया उतर गई। अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजाें के लिए गद्दे और चादर लगे स्ट्रेचर अगले दिन ही गायब मिले। ओपीडी में मरीजों को पर्याप्त बेंच नहीं मिलने पर सर्दी में ठंडे फर्श का सहारा लेना पड़ा। वहीं दोपहर के समय अस्पताल में बेंचों के नीचे कूड़ा पड़ा मिला। दोपहर के समय दो घंटे सफाई तक नहीं की। जबकि निरीक्षण के समय लगातार सफाई की जा रही थी। ऐसे में मरीजों से टीम के एक दिन नहीं हर दूसरे या तीसरे दिन निरीक्षण की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग की कायाकल्प टीम ने वीरवार को अस्पताल का निरीक्षण किया था। टीम की अगुवाई अंबाला के जिला गुणवत्ता के प्रधान अधिकारी डॉ. सुखप्रीत सिंह की अगुवाई में तीन सदस्य शामिल थे। जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को सुबह से ही इसकी तैयारी पूरी कर ली थी और शाम तक अस्पताल किसी निजी अस्पताल की तरह चमकता रहा। अस्पताल में शुक्रवार सुबह स्थिति इससे अलग रही।
मौका नंबर एक
ठंडे फर्श पर मर्ज बढ़ने का खतरा
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को पर्याप्त बेंच नहीं मिल पाए। ऐसे में मरीजों को नीचे फर्श पर बैठने को मजबूर होना पड़ा। सर्दी के मौसम में ठंडा फर्श मर्ज और बढ़ा रहा था। रमेश कुमार ने बताया कि वह शुक्रवार को दवा लेने आया था। अस्पताल में ओपीडी से लेकर चिकित्सक जांच और फिर दवा लेने के लिए लंबी लाइन लगी थी। उनको बेंच नहीं मिलने पर फर्श का सहारा लेना पड़ा।
मौका नंबर-दो
इमरजेंसी में स्ट्रेचर नहीं मिले
इमरजेंसी में वीरवार को तीन स्ट्रेचर गद्दा और चादर लगाकर रखे थे। ऐसे में व्यवस्था नजर आ रही थी। इमरजेंसी में शुक्रवार को दोपहर एक से दो बजे तक खाली स्ट्रेचर तक नहीं मिला। इसके चलते इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सौदापुर गांव की महिला को खाली स्ट्रेचर पर इमरजेंसी में लाया गया। उनको नहर में डूबने से बचाकर लाया गया था। उनको कंबल की बजाय बेडशीट ओढ़ा रखी थी।
मौका नंबर-तीन
अस्पताल के एक्सरे और अल्ट्रासाउंड वार्ड के अलावा लिफ्ट के नजदीक बेंच के नीचे जगह-जगह कूड़ा पड़ा। दोपहर के समय दो घंटे इनको उठाया तक नहीं गया। जबकि वीरवार को कायाकल्प टीम के निरीक्षण के समय बार-बार सफाई की जा रही थी। वहीं इमरजेंसी में कूड़ा डालने के लिए तीनों तरह के कूड़ादान नहीं मिले। यहां एक ही कूड़ादान रखा गया था।
वर्जन :
अस्पताल में सफाई बेहतर रखी जाती है। इमरजेंसी और बाकी जगह सफाई और स्ट्रेचर की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. अमित पोरिया, डिप्टी एमएस, जिला नागरिक अस्पताल।
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-कहीं आवारा कुत्ते तो कहीं पर बेंचों के नीचे पड़ा मिला कूड़ा
-ओपीडी और दूसरे वार्ड में मरीजों को पर्याप्त बेंच भी नहीं मिले
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग की कायाकल्प टीम के निरीक्षण के अगले ही दिन जिला नागरिक अस्पताल की काया उतर गई। अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजाें के लिए गद्दे और चादर लगे स्ट्रेचर अगले दिन ही गायब मिले। ओपीडी में मरीजों को पर्याप्त बेंच नहीं मिलने पर सर्दी में ठंडे फर्श का सहारा लेना पड़ा। वहीं दोपहर के समय अस्पताल में बेंचों के नीचे कूड़ा पड़ा मिला। दोपहर के समय दो घंटे सफाई तक नहीं की। जबकि निरीक्षण के समय लगातार सफाई की जा रही थी। ऐसे में मरीजों से टीम के एक दिन नहीं हर दूसरे या तीसरे दिन निरीक्षण की मांग की है।
स्वास्थ्य विभाग की कायाकल्प टीम ने वीरवार को अस्पताल का निरीक्षण किया था। टीम की अगुवाई अंबाला के जिला गुणवत्ता के प्रधान अधिकारी डॉ. सुखप्रीत सिंह की अगुवाई में तीन सदस्य शामिल थे। जिला नागरिक अस्पताल में वीरवार को सुबह से ही इसकी तैयारी पूरी कर ली थी और शाम तक अस्पताल किसी निजी अस्पताल की तरह चमकता रहा। अस्पताल में शुक्रवार सुबह स्थिति इससे अलग रही।
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मौका नंबर एक
ठंडे फर्श पर मर्ज बढ़ने का खतरा
जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में मरीजों को पर्याप्त बेंच नहीं मिल पाए। ऐसे में मरीजों को नीचे फर्श पर बैठने को मजबूर होना पड़ा। सर्दी के मौसम में ठंडा फर्श मर्ज और बढ़ा रहा था। रमेश कुमार ने बताया कि वह शुक्रवार को दवा लेने आया था। अस्पताल में ओपीडी से लेकर चिकित्सक जांच और फिर दवा लेने के लिए लंबी लाइन लगी थी। उनको बेंच नहीं मिलने पर फर्श का सहारा लेना पड़ा।
मौका नंबर-दो
इमरजेंसी में स्ट्रेचर नहीं मिले
इमरजेंसी में वीरवार को तीन स्ट्रेचर गद्दा और चादर लगाकर रखे थे। ऐसे में व्यवस्था नजर आ रही थी। इमरजेंसी में शुक्रवार को दोपहर एक से दो बजे तक खाली स्ट्रेचर तक नहीं मिला। इसके चलते इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सौदापुर गांव की महिला को खाली स्ट्रेचर पर इमरजेंसी में लाया गया। उनको नहर में डूबने से बचाकर लाया गया था। उनको कंबल की बजाय बेडशीट ओढ़ा रखी थी।
मौका नंबर-तीन
अस्पताल के एक्सरे और अल्ट्रासाउंड वार्ड के अलावा लिफ्ट के नजदीक बेंच के नीचे जगह-जगह कूड़ा पड़ा। दोपहर के समय दो घंटे इनको उठाया तक नहीं गया। जबकि वीरवार को कायाकल्प टीम के निरीक्षण के समय बार-बार सफाई की जा रही थी। वहीं इमरजेंसी में कूड़ा डालने के लिए तीनों तरह के कूड़ादान नहीं मिले। यहां एक ही कूड़ादान रखा गया था।
वर्जन :
अस्पताल में सफाई बेहतर रखी जाती है। इमरजेंसी और बाकी जगह सफाई और स्ट्रेचर की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
डॉ. अमित पोरिया, डिप्टी एमएस, जिला नागरिक अस्पताल।