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Panipat News: खाली दौड़ रही थीं ई-बसें, यात्रियों की कमी के कारण छह रूटों से हटाया
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अमन शर्मा
पानीपत। रोडवेज डिपो अधिकारियों ने कालखा, लोहारी, जाटल और सिकंदरपुर सहित छह प्रमुख रूटों से ई-बसों को हटा लिया है। इसके साथ सफीदों व यूपी के शामली में बसों को अस्थायी रूप से बंद किया है। रोडवेज का कहना है कि इन बसों में महज तीन से चार सवारियां ही सफर कर रही हैं। इससे रोडवेज को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि रोडवेज ने इन रूटों का पहले बाकायदा सर्वे किया था। इसके बाद ही ई-बसों को विभिन्न मार्गों पर उतारा था। अब स्थिति सर्वे से उलट हो गई है। ऐसे में सर्वे पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पानीपत ई-डिपो को मिली 45 नई ई-बसों को 28 मई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झंडी दिखाकर रवाना किया था। शुरुआत में यात्रियों की सुविधा के लिए जिले भर के कई ग्रामीण व शहरी मार्गों पर इन बसों को चलाया गया। हालांकि, जमीनी स्तर पर सर्वे के दावों के विपरीत कई रूटों पर बसें बिल्कुल खाली दौड़ती रहीं। अधिकारियों ने पहले भी कुछ रूटों की समीक्षा कर फेरबदल किया था। इनमें असंध चौकी तक जाने वाली बस का विस्तार कर उसे बल्ला गांव तक बढ़ाया गया था। इसके बावजूद कई इलाकों में ई-बसों को अपेक्षित यात्री नहीं मिल सके।
कांवड़ यात्रा और सवारियों की कमी बनी मुख्य वजह
ताजा फैसले के तहत जाटल, लोहारी, कालखा और सिकंदरपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली ई-बसों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके अलावा गोहाना रूट पर भी पहले चलने वाली करीब चार बसों को यात्रियों की कम संख्या के कारण हटा लिया है। वहीं सावन के महीने में जारी कांवड़ यात्रा और रूट डायवर्जन के चलते सफीदों तथा यूपी के शामली मार्ग पर भी ई-बसों की सेवाएं फिलहाल स्थगित कर दी हैं। बसों में नाममात्र सवारियां होने से चार्जिंग और परिचालन की लागत भी नहीं निकल पा रही थी।
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फायदेमंद रूटों पर बसों को चलाने की योजना
रोडवेज प्रबंधन अब इन खाली चल रही ई-बसों को जिले के उन अन्य मार्गों पर तैनात करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है, जहां यात्रियों का दबाव अधिक रहता है और बस सेवा की सख्त जरूरत है। इससे एक ओर जहां यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी, वहीं दूसरी ओर रोडवेज के राजस्व में भी सुधार होगा।
जिले में कई रूटों पर यात्री नहीं मिलने पर ई-बसें खाली चल रही थी। इन रूटों से बसों को फिलहाल बसों को बंद कर दिया है। जल्द ही नया रूट चार्ट लागू किया जाएगा। आम यात्रियों को आवाजाही में कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
विक्रम कांबोज, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो।
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पानीपत। रोडवेज डिपो अधिकारियों ने कालखा, लोहारी, जाटल और सिकंदरपुर सहित छह प्रमुख रूटों से ई-बसों को हटा लिया है। इसके साथ सफीदों व यूपी के शामली में बसों को अस्थायी रूप से बंद किया है। रोडवेज का कहना है कि इन बसों में महज तीन से चार सवारियां ही सफर कर रही हैं। इससे रोडवेज को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि रोडवेज ने इन रूटों का पहले बाकायदा सर्वे किया था। इसके बाद ही ई-बसों को विभिन्न मार्गों पर उतारा था। अब स्थिति सर्वे से उलट हो गई है। ऐसे में सर्वे पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पानीपत ई-डिपो को मिली 45 नई ई-बसों को 28 मई को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने झंडी दिखाकर रवाना किया था। शुरुआत में यात्रियों की सुविधा के लिए जिले भर के कई ग्रामीण व शहरी मार्गों पर इन बसों को चलाया गया। हालांकि, जमीनी स्तर पर सर्वे के दावों के विपरीत कई रूटों पर बसें बिल्कुल खाली दौड़ती रहीं। अधिकारियों ने पहले भी कुछ रूटों की समीक्षा कर फेरबदल किया था। इनमें असंध चौकी तक जाने वाली बस का विस्तार कर उसे बल्ला गांव तक बढ़ाया गया था। इसके बावजूद कई इलाकों में ई-बसों को अपेक्षित यात्री नहीं मिल सके।
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कांवड़ यात्रा और सवारियों की कमी बनी मुख्य वजह
ताजा फैसले के तहत जाटल, लोहारी, कालखा और सिकंदरपुर जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली ई-बसों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके अलावा गोहाना रूट पर भी पहले चलने वाली करीब चार बसों को यात्रियों की कम संख्या के कारण हटा लिया है। वहीं सावन के महीने में जारी कांवड़ यात्रा और रूट डायवर्जन के चलते सफीदों तथा यूपी के शामली मार्ग पर भी ई-बसों की सेवाएं फिलहाल स्थगित कर दी हैं। बसों में नाममात्र सवारियां होने से चार्जिंग और परिचालन की लागत भी नहीं निकल पा रही थी।
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रोडवेज प्रबंधन अब इन खाली चल रही ई-बसों को जिले के उन अन्य मार्गों पर तैनात करने की रूपरेखा तैयार कर रहा है, जहां यात्रियों का दबाव अधिक रहता है और बस सेवा की सख्त जरूरत है। इससे एक ओर जहां यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सकेगी, वहीं दूसरी ओर रोडवेज के राजस्व में भी सुधार होगा।
जिले में कई रूटों पर यात्री नहीं मिलने पर ई-बसें खाली चल रही थी। इन रूटों से बसों को फिलहाल बसों को बंद कर दिया है। जल्द ही नया रूट चार्ट लागू किया जाएगा। आम यात्रियों को आवाजाही में कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
विक्रम कांबोज, महाप्रबंधक, रोडवेज डिपो।