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Panipat News: ऑनलाइन ठगी से परेशान मजदूर ने दी जान
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मोतीलाल। फाइल फोटो- स्रोत : परिजन
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अर्जुन नगर के श्रमिक मोतीलाल (29) ने ऑनलाइन ठगी से परेशान होकर तेजाब पी लिया। शुक्रवार देर रात निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वह करीब छह महीने से साइबर ठगों के जाल में फंसा था और दोस्तों, परिजनों व जान-पहचान वालों से कर्ज लेकर लाखों रुपये गंवा चुका था।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के गांव पिउरानिया निवासी सदा सिंह ने बताया कि वह पानीपत की अलग-अलग फैक्टरियों में मजदूरी करते हैं। उनका छोटा भाई मोतीलाल भी साथ काम करता था और अर्जुन नगर में किराए के कमरे में अकेला रहता था।
मोतीलाल के साथी राहुल और परिजनों के अनुसार, करीब चार-पांच महीने पहले उसने नया एंड्रॉयड फोन खरीदा था। इसके बाद वह ज्यादातर समय मोबाइल पर ही व्यस्त रहने लगा था। परिजनों ने उसके मोबाइल की जांच की तो उसमें संदिग्ध फोटो, चैट और कॉल डिटेल मिलीं। उसने निवेश के नाम पर रकम ठगों को दे दी थी।
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आखिरी कॉल पाकिस्तान के कंट्री कोड +92 वाले विदेशी नंबर से आई थी। साथियों को शक हुआ तो पूछताछ में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया।
चाचा के बेटे के कमरे पर पहुंचा, अस्पताल में मौत : शुक्रवार शाम जहरीला पदार्थ (तेजाब) पीने के बाद मोतीलाल बदहवास हालत में चाचा के बेटे के कमरे पर पहुंचा। परिजनों के पूछने पर उसने तेजाब पीने और ऑनलाइन ठगी में पैसे गंवाने की बात बताई।
इसके बाद मोतीलाल को गंभीर हालत में उसे असंध रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी अरविंद ने बताया कि परिजनों ने शुरुआती बयानों में जहरीला पदार्थ निगलने की बात कही है। ऑनलाइन ठगी की लिखित शिकायत नहीं दी गई है। यदि परिजन साइबर ठगी से जुड़े साक्ष्य देते हैं तो उसके आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पिता ने ब्याज पर लेकर भेजे थे 30 हजार रुपये
पिता सुखबीर ने बताया कि कुछ दिन पहले मोतीलाल ने फोन कर पैसों की जरूरत बताई थी। बेटे की मजबूरी देखकर उन्होंने गांव में एक व्यक्ति से 30 हजार रुपये ब्याज पर लेकर उसे भेजे थे। इसके अलावा मोतीलाल ने साथी से नौ हजार रुपये उधार लिए थे और अन्य दोस्तों से भी पैसे मांग रहा था। बताया जाता है कि मुनाफे का झांसा देकर उससे निवेश कराकर उसे ठगी का शिकार बनाया गया। साथियों ने उसे सतर्क भी किया लेकिन तब तक वह काफी रकम गंवा चुका था।
पिछले दिनों ठगी के प्रमुख मामले
-04 जून मॉडल टाउन निवासी के साथ व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 18 लाख रुपये की ठगी की गई।
-16 जून को सेक्टर-11-12 के एक युवक को पार्ट-टाइम जॉब और यूट्यूब वीडियो लाइक करने के नाम पर 4.5 लाख रुपये का चूना लगाया।
-25 जून को समालखा के व्यापारी को बैंक अधिकारी बनकर फर्जी एपीके लिंक भेजा गया। इसे डाउनलोड करते ही खाते से 2.2 लाख रुपये कट गए।
-08 जुलाई सनौली रोड के एक बुजुर्ग को सीबीआई अधिकारी बनकर डराया और 12 लाख रुपये की ठगी की।
-19 जुलाई को ऑनलाइन सामान रिफंड कराने के लिए गूगल से निकाले गए फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर बात करते ही पीड़ित के खाते से 85 हजार रुपये उड़ा लिए गए।
तेजाब की बिक्री पर सवाल
सर्वोच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों के बावजूद बाजार में तेजाब की बिक्री पर इस घटना ने सवाल खड़े किए हैं। एक फैक्टरी श्रमिक को तेजाब आसानी से कैसे उपलब्ध हुआ, इसकी भी जांच की जरूरत है।
अनजान या विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल, लॉटरी और पार्ट-टाइम जॉब के झांसे में न आएं। ऑनलाइन या साइबर ठगी हो तो तुरंत 1930 नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। -भूपेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक
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पानीपत। अर्जुन नगर के श्रमिक मोतीलाल (29) ने ऑनलाइन ठगी से परेशान होकर तेजाब पी लिया। शुक्रवार देर रात निजी अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वह करीब छह महीने से साइबर ठगों के जाल में फंसा था और दोस्तों, परिजनों व जान-पहचान वालों से कर्ज लेकर लाखों रुपये गंवा चुका था।
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के गांव पिउरानिया निवासी सदा सिंह ने बताया कि वह पानीपत की अलग-अलग फैक्टरियों में मजदूरी करते हैं। उनका छोटा भाई मोतीलाल भी साथ काम करता था और अर्जुन नगर में किराए के कमरे में अकेला रहता था।
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मोतीलाल के साथी राहुल और परिजनों के अनुसार, करीब चार-पांच महीने पहले उसने नया एंड्रॉयड फोन खरीदा था। इसके बाद वह ज्यादातर समय मोबाइल पर ही व्यस्त रहने लगा था। परिजनों ने उसके मोबाइल की जांच की तो उसमें संदिग्ध फोटो, चैट और कॉल डिटेल मिलीं। उसने निवेश के नाम पर रकम ठगों को दे दी थी।
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आखिरी कॉल पाकिस्तान के कंट्री कोड +92 वाले विदेशी नंबर से आई थी। साथियों को शक हुआ तो पूछताछ में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया।
चाचा के बेटे के कमरे पर पहुंचा, अस्पताल में मौत : शुक्रवार शाम जहरीला पदार्थ (तेजाब) पीने के बाद मोतीलाल बदहवास हालत में चाचा के बेटे के कमरे पर पहुंचा। परिजनों के पूछने पर उसने तेजाब पीने और ऑनलाइन ठगी में पैसे गंवाने की बात बताई।
इसके बाद मोतीलाल को गंभीर हालत में उसे असंध रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी अरविंद ने बताया कि परिजनों ने शुरुआती बयानों में जहरीला पदार्थ निगलने की बात कही है। ऑनलाइन ठगी की लिखित शिकायत नहीं दी गई है। यदि परिजन साइबर ठगी से जुड़े साक्ष्य देते हैं तो उसके आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
पिता ने ब्याज पर लेकर भेजे थे 30 हजार रुपये
पिता सुखबीर ने बताया कि कुछ दिन पहले मोतीलाल ने फोन कर पैसों की जरूरत बताई थी। बेटे की मजबूरी देखकर उन्होंने गांव में एक व्यक्ति से 30 हजार रुपये ब्याज पर लेकर उसे भेजे थे। इसके अलावा मोतीलाल ने साथी से नौ हजार रुपये उधार लिए थे और अन्य दोस्तों से भी पैसे मांग रहा था। बताया जाता है कि मुनाफे का झांसा देकर उससे निवेश कराकर उसे ठगी का शिकार बनाया गया। साथियों ने उसे सतर्क भी किया लेकिन तब तक वह काफी रकम गंवा चुका था।
पिछले दिनों ठगी के प्रमुख मामले
-04 जून मॉडल टाउन निवासी के साथ व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 18 लाख रुपये की ठगी की गई।
-16 जून को सेक्टर-11-12 के एक युवक को पार्ट-टाइम जॉब और यूट्यूब वीडियो लाइक करने के नाम पर 4.5 लाख रुपये का चूना लगाया।
-25 जून को समालखा के व्यापारी को बैंक अधिकारी बनकर फर्जी एपीके लिंक भेजा गया। इसे डाउनलोड करते ही खाते से 2.2 लाख रुपये कट गए।
-08 जुलाई सनौली रोड के एक बुजुर्ग को सीबीआई अधिकारी बनकर डराया और 12 लाख रुपये की ठगी की।
-19 जुलाई को ऑनलाइन सामान रिफंड कराने के लिए गूगल से निकाले गए फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर बात करते ही पीड़ित के खाते से 85 हजार रुपये उड़ा लिए गए।
तेजाब की बिक्री पर सवाल
सर्वोच्च न्यायालय के सख्त निर्देशों के बावजूद बाजार में तेजाब की बिक्री पर इस घटना ने सवाल खड़े किए हैं। एक फैक्टरी श्रमिक को तेजाब आसानी से कैसे उपलब्ध हुआ, इसकी भी जांच की जरूरत है।
अनजान या विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल, लॉटरी और पार्ट-टाइम जॉब के झांसे में न आएं। ऑनलाइन या साइबर ठगी हो तो तुरंत 1930 नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। -भूपेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक

मोतीलाल। फाइल फोटो- स्रोत : परिजन