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Panipat News: पांच अवसर के बाद भी नहीं दिए साक्ष्य , उपभोक्ता की शिकायत खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 27 Mar 2026 03:43 AM IST
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पानीपत। बैंक द्वारा ज्यादा किस्त काटने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने साक्ष्य के अभाव में एक उपभोक्ता की शिकायत खारिज कर दी। आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ता को पांच बार सबूत देने का समय दिया। इसके बाद भी वह कोई ठोस सबूत नहीं दे पाए। इसलिए आयोग ने शिकायत को खारिज कर दिया।
पानीपत के महासिंह ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक व अन्य के खिलाफ सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का आरोप लगाते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि उसने बैंक से लोन लिया था लेकिन बैंक ने उसके खाते से बैंक ने किस्तों की राशि दो बार काट ली। इसमें से कुछ राशि वापस कर दी गई, जबकि शेष रकम नहीं लौटाई गई। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने शिकायतकर्ता को साक्ष्य पेश करने के लिए कई अवसर दिए।
रिकॉर्ड के अनुसार, शिकायतकर्ता को कुल पांच मौके दिए गए, लेकिन उसने न तो कोई सबूत पेश किया और न ही निर्धारित 500 रुपये की लागत जमा कराई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर.के. डोगरा व सदस्यों ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता अपने आरोपों को साबित करने में असफल रहा। ऐसे में आयोग के समक्ष कोई ठोस आधार नहीं बचता। इसी के चलते आयोग ने साक्ष्य के अभाव में शिकायत को खारिज कर दिया। साथ ही, दोनों पक्षों को अपने-अपने खर्च स्वयं वहन करने के निर्देश दिए गए। ब्यूरो
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रिकॉर्ड के अनुसार, शिकायतकर्ता को कुल पांच मौके दिए गए, लेकिन उसने न तो कोई सबूत पेश किया और न ही निर्धारित 500 रुपये की लागत जमा कराई। आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर.के. डोगरा व सदस्यों ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता अपने आरोपों को साबित करने में असफल रहा। ऐसे में आयोग के समक्ष कोई ठोस आधार नहीं बचता। इसी के चलते आयोग ने साक्ष्य के अभाव में शिकायत को खारिज कर दिया। साथ ही, दोनों पक्षों को अपने-अपने खर्च स्वयं वहन करने के निर्देश दिए गए। ब्यूरो