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Panipat News: पत्नी की हत्या के दोषी पति और नौकर को भी उम्रकैद
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दोषी मोनू। अभियोजन
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की अदालत ने रीतू की हत्या के दोषी पति शंकर और उसके नौकर मोनू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
शंकर ने पत्नी के अवैध संबंध होने के शक में 10 दिसंबर 2021 को नौकर मोनू के साथ मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या की थी। अदालत में सुनवाई के दौरान शंकर ने हत्या से इन्कार किया, लेकिन अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाया।
सोनीपत के गन्नौर क्षेत्र के गांव अर्जुन के रहने वाले रीतू के पिता ने पुराना औद्योगिक क्षेत्र थाने में हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 25 वर्षीय बेटी रीतू की शादी वर्ष 2018 में सौदापुर गांव निवासी शंकर के साथ हुई थी। शंकर टेंट की दुकान करता था।
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आठ दिसंबर 2021 को रीतू मायके आई थी और नौ दिसंबर को वापस ससुराल चली गई थी। अगले दिन परिजनों को फोन पर सूचना मिली कि रीतू सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गई है। परिजन मौके पर पहुंचे तो घर में रीतू का शव पड़ा था और उसके गले पर निशान थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने रीतू के पति शंकर, सास, ससुर, देवर और ननद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। घटनास्थल की जांच में मामला हत्या का सामने आने पर पुलिस ने दहेज हत्या की धारा हटाकर हत्या की धारा जोड़ दी और जांच शुरू कर दी।
पूछताछ में सामने आई हत्या की साजिश
14 दिसंबर 2021 को पुलिस ने शक के आधार पर शंकर को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शंकर ने बताया कि उसे पत्नी के अवैध संबंध होने का शक था। इसी के चलते उसने अपनी दुकान पर काम करने वाले नौकर मोनू के साथ मिलकर रीतू की हत्या की थी।
घटना के समय दोनों के बीच हुई थी कई बार फोन पर बातचीत
सुनवाई के दौरान शंकर ने हत्या से इन्कार करते हुए घटना के समय घर में मौजूद नहीं होने की बात कही। हालांकि, तफ्तीश के दौरान पुलिस ने शंकर और मोनू की टावर लोकेशन हासिल की। घटना वाले दिन शाम चार से छह बजे के बीच दोनों के बीच करीब चार बार फोन पर बातचीत हुई थी। दोनों की लोकेशन भी घटनास्थल के आसपास मिली थी। अदालत ने इसे अहम साक्ष्य माना।
मोनू की निशानदेही पर कत्तर और रुपये बरामद
जांच के अनुसार, शंकर और मोनू ने कपड़े की कत्तर से गला दबाकर रीतू की हत्या की थी। पुलिस ने मोनू की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कत्तर (खंजर) और एक हजार रुपये बरामद किए थे। पुलिस के मुताबिक, ये रुपये शंकर ने मोनू को वारदात में शामिल होने के लिए दिए थे।
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पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंबरदीप सिंह की अदालत ने रीतू की हत्या के दोषी पति शंकर और उसके नौकर मोनू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
शंकर ने पत्नी के अवैध संबंध होने के शक में 10 दिसंबर 2021 को नौकर मोनू के साथ मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या की थी। अदालत में सुनवाई के दौरान शंकर ने हत्या से इन्कार किया, लेकिन अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाया।
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सोनीपत के गन्नौर क्षेत्र के गांव अर्जुन के रहने वाले रीतू के पिता ने पुराना औद्योगिक क्षेत्र थाने में हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 25 वर्षीय बेटी रीतू की शादी वर्ष 2018 में सौदापुर गांव निवासी शंकर के साथ हुई थी। शंकर टेंट की दुकान करता था।
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आठ दिसंबर 2021 को रीतू मायके आई थी और नौ दिसंबर को वापस ससुराल चली गई थी। अगले दिन परिजनों को फोन पर सूचना मिली कि रीतू सीढ़ियों से गिरकर घायल हो गई है। परिजन मौके पर पहुंचे तो घर में रीतू का शव पड़ा था और उसके गले पर निशान थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने रीतू के पति शंकर, सास, ससुर, देवर और ननद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। घटनास्थल की जांच में मामला हत्या का सामने आने पर पुलिस ने दहेज हत्या की धारा हटाकर हत्या की धारा जोड़ दी और जांच शुरू कर दी।
पूछताछ में सामने आई हत्या की साजिश
14 दिसंबर 2021 को पुलिस ने शक के आधार पर शंकर को गिरफ्तार कर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शंकर ने बताया कि उसे पत्नी के अवैध संबंध होने का शक था। इसी के चलते उसने अपनी दुकान पर काम करने वाले नौकर मोनू के साथ मिलकर रीतू की हत्या की थी।
घटना के समय दोनों के बीच हुई थी कई बार फोन पर बातचीत
सुनवाई के दौरान शंकर ने हत्या से इन्कार करते हुए घटना के समय घर में मौजूद नहीं होने की बात कही। हालांकि, तफ्तीश के दौरान पुलिस ने शंकर और मोनू की टावर लोकेशन हासिल की। घटना वाले दिन शाम चार से छह बजे के बीच दोनों के बीच करीब चार बार फोन पर बातचीत हुई थी। दोनों की लोकेशन भी घटनास्थल के आसपास मिली थी। अदालत ने इसे अहम साक्ष्य माना।
मोनू की निशानदेही पर कत्तर और रुपये बरामद
जांच के अनुसार, शंकर और मोनू ने कपड़े की कत्तर से गला दबाकर रीतू की हत्या की थी। पुलिस ने मोनू की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल कत्तर (खंजर) और एक हजार रुपये बरामद किए थे। पुलिस के मुताबिक, ये रुपये शंकर ने मोनू को वारदात में शामिल होने के लिए दिए थे।

दोषी मोनू। अभियोजन