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Panipat News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोकझोंक, हंगामा
Tue, 18 Aug 2026 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 18 Aug 2026 02:38 AM IST
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जीटी रोड प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी से बात करते आंगनबाड़ी वर्क यूनियन की नेता। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच सोमवार को सरकारी विश्राम गृह के सामने जीटी रोड पर नोकझोंक हो गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया। करीब आधे घंटे तक हंगामे के चलते जीटी रोड पर यातायात बाधित रहा।
भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले हरियाणा बाल विकास एवं आंगनबाड़ी वुमन वर्कर यूनियन समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय जा रहे थे। जिला सचिवालय में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की बैठक को देखते हुए पुलिस ने उन्हें सरकारी विश्राम गृह के सामने यू-टर्न पर रोक लिया। कार्यकर्ता आगे जाने की मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई।
डीएसपी मुख्यालय विकास और नवीन संधू मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। बाद में तहसीलदार मनोज ने मौके पर ही ज्ञापन लिया। आंगनबाड़ी यूनियन की जिला प्रधान संतोष रावल ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार में आज पढ़ी-लिखी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। संतोष रावल ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। उनको अपने अधिकार पाने के लिए रोका नहीं जा सकता।
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30 हजार न्यूनतम वेतन और सरकारी दर्जे की मांग : यूनियन की मुख्य मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, सुपरवाइजर पद पर सीधी पदोन्नति देना और न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों से वे अपनी सेवाओं के बदले उचित सुविधाओं की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगी।
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पानीपत। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच सोमवार को सरकारी विश्राम गृह के सामने जीटी रोड पर नोकझोंक हो गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और धक्का-मुक्की का आरोप लगाया। करीब आधे घंटे तक हंगामे के चलते जीटी रोड पर यातायात बाधित रहा।
भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले हरियाणा बाल विकास एवं आंगनबाड़ी वुमन वर्कर यूनियन समेत अन्य संगठनों के कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय जा रहे थे। जिला सचिवालय में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की बैठक को देखते हुए पुलिस ने उन्हें सरकारी विश्राम गृह के सामने यू-टर्न पर रोक लिया। कार्यकर्ता आगे जाने की मांग पर अड़े रहे, जिसके बाद दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई।
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डीएसपी मुख्यालय विकास और नवीन संधू मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं से बातचीत की। बाद में तहसीलदार मनोज ने मौके पर ही ज्ञापन लिया। आंगनबाड़ी यूनियन की जिला प्रधान संतोष रावल ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार में आज पढ़ी-लिखी महिलाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। संतोष रावल ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है। उनको अपने अधिकार पाने के लिए रोका नहीं जा सकता।
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30 हजार न्यूनतम वेतन और सरकारी दर्जे की मांग : यूनियन की मुख्य मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देना, सुपरवाइजर पद पर सीधी पदोन्नति देना और न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों से वे अपनी सेवाओं के बदले उचित सुविधाओं की मांग कर रही हैं, लेकिन सरकार केवल आश्वासन दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगी।

जीटी रोड प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारी से बात करते आंगनबाड़ी वर्क यूनियन की नेता। संवाद