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Panipat News: खांसी, जुकाम और बुखार के बढ़े मरीज, घंटों लाइन में लगने के बाद आया नंबर
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संगीता देवी। संवाद
- फोटो : Samvad
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पानीपत। मौसम में बदलाव के साथ खांसी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। कई मरीजों को फार्मेसी पर दवाएं नहीं मिलीं, जिसके चलते उन्हें बाहर मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर दवाएं खरीदनी पड़ीं।
शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1530 रही। इनमें सबसे अधिक मरीज फिजिशियन के पास पहुंचे। वहीं, चर्म रोग विशेषज्ञ के कुछ देर बाद दूसरी ड्यूटी पर चले जाने, जनरल सर्जन के दोपहर 12:30 बजे ही अस्पताल से चले जाने और फिजिशियन विशेषज्ञ डॉ. जैसमीन के अवकाश पर रहने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को शनिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों के समय से पहले चले जाने और अस्पताल की फार्मेसी में दवाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ी।
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शनिवार को अस्पताल में 550 नए मरीज और 980 फॉलोअप मरीज पहुंचे। इनमें फिजिशियन के पास खांसी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही।
फिजिशियन विशेषज्ञ डॉ. जैसमीन शनिवार को अवकाश पर थीं। ऐसे में डॉ. श्यामलाल ने अकेले ही मरीजों की जांच की। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण ओपीडी में भीड़ लगी रही। कई बार मरीजों के बीच कहासुनी और झगड़े की स्थिति भी बनती रही।
तीन घंटे में हुआ इलाज और दवा का इंतजार
वधावाराम कॉलोनी निवासी संगीता देवी ने बताया कि उसे दो दिन से बुखार है। वह शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे जिला नागरिक अस्पताल पहुंची। करीब आधा घंटा लाइन में लगने के बाद उसका पंजीकरण हुआ। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए करीब डेढ़ घंटे तक लाइन में इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर से जांच कराने के बाद दवा लेने में भी करीब एक घंटा लग गया। इस तरह इलाज और दवा लेने में उसके करीब तीन घंटे लग गए।
संगीता देवी ने कहा कि यदि चिकित्सकों को अलग-अलग कमरों में बैठाकर मरीजों की व्यवस्था की जाए तो भीड़ कम हो सकती है और मरीजों को लंबी लाइनों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं मिले, अब मंगलवार को आएंगे
उग्राखेड़ी निवासी राकेश ने बताया कि वह हाथों पर खुजली की समस्या को लेकर शनिवार को चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाने और दवा लेने अस्पताल पहुंचा था। लेकिन कुछ देर बाद चिकित्सक के दूसरी ड्यूटी पर चले जाने के कारण उसे डॉक्टर नहीं मिल सके। अब उसे दोबारा मंगलवार को अस्पताल आना पड़ेगा।
अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज और दवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। चिकित्सकों की कई बार कोर्ट या अन्य स्थानों पर ड्यूटी होने के कारण मरीजों को परेशानी होती है। भविष्य में मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ
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शनिवार को जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी 1530 रही। इनमें सबसे अधिक मरीज फिजिशियन के पास पहुंचे। वहीं, चर्म रोग विशेषज्ञ के कुछ देर बाद दूसरी ड्यूटी पर चले जाने, जनरल सर्जन के दोपहर 12:30 बजे ही अस्पताल से चले जाने और फिजिशियन विशेषज्ञ डॉ. जैसमीन के अवकाश पर रहने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जिला नागरिक अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को शनिवार को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। चिकित्सकों के समय से पहले चले जाने और अस्पताल की फार्मेसी में दवाएं उपलब्ध न होने के कारण मरीजों को अपनी जेब ढीली करनी पड़ी।
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शनिवार को अस्पताल में 550 नए मरीज और 980 फॉलोअप मरीज पहुंचे। इनमें फिजिशियन के पास खांसी-जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही।
फिजिशियन विशेषज्ञ डॉ. जैसमीन शनिवार को अवकाश पर थीं। ऐसे में डॉ. श्यामलाल ने अकेले ही मरीजों की जांच की। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण ओपीडी में भीड़ लगी रही। कई बार मरीजों के बीच कहासुनी और झगड़े की स्थिति भी बनती रही।
तीन घंटे में हुआ इलाज और दवा का इंतजार
वधावाराम कॉलोनी निवासी संगीता देवी ने बताया कि उसे दो दिन से बुखार है। वह शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे जिला नागरिक अस्पताल पहुंची। करीब आधा घंटा लाइन में लगने के बाद उसका पंजीकरण हुआ। इसके बाद चिकित्सक को दिखाने के लिए करीब डेढ़ घंटे तक लाइन में इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर से जांच कराने के बाद दवा लेने में भी करीब एक घंटा लग गया। इस तरह इलाज और दवा लेने में उसके करीब तीन घंटे लग गए।
संगीता देवी ने कहा कि यदि चिकित्सकों को अलग-अलग कमरों में बैठाकर मरीजों की व्यवस्था की जाए तो भीड़ कम हो सकती है और मरीजों को लंबी लाइनों में घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं मिले, अब मंगलवार को आएंगे
उग्राखेड़ी निवासी राकेश ने बताया कि वह हाथों पर खुजली की समस्या को लेकर शनिवार को चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाने और दवा लेने अस्पताल पहुंचा था। लेकिन कुछ देर बाद चिकित्सक के दूसरी ड्यूटी पर चले जाने के कारण उसे डॉक्टर नहीं मिल सके। अब उसे दोबारा मंगलवार को अस्पताल आना पड़ेगा।
अस्पताल में मरीजों को समय पर इलाज और दवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। चिकित्सकों की कई बार कोर्ट या अन्य स्थानों पर ड्यूटी होने के कारण मरीजों को परेशानी होती है। भविष्य में मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ

संगीता देवी। संवाद- फोटो : Samvad