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Panipat News: स्कूलों में 37 दिन बाद लौटी रौनक, एक तिहाई से कम आए बच्चे
Thu, 02 Jul 2026 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:54 AM IST
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छुट्टी के समय स्कूल से बाहर निकलते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Archive
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। ग्रीष्मकालीन अवकाश के 37 दिन बाद बुधवार को जिले के स्कूल खुल गए। सुबह हल्की बूंदाबांदी और सुहावने मौसम के बीच विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे। इससे परिसर फिर से बच्चों की चहल-पहल से गुलजार हो उठे। हालांकि पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही।
जिले के राजकीय स्कूलों में करीब 30 प्रतिशत विद्यार्थी ही कक्षाओं में पहुंचे, जबकि निजी स्कूलों में लगभग 60 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति दर्ज की गई। कई अभिभावकों ने पहले दिन बारिश और मौसम को देखते हुए बच्चों को घर पर ही रखा। शिक्षा विभाग के अनुसार वीरवार से उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति करीब 80 प्रतिशत रही। शेष करीब 20 प्रतिशत शिक्षक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संबंधी ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण स्कूल नहीं पहुंच सके। स्कूल पहुंचे शिक्षकों ने विद्यार्थियों से ग्रीष्मावकाश के अनुभव साझा कराए, गृहकार्य की जांच की और पढ़ाई कराई।
25 मई से शुरू हुआ था ग्रीष्मावकाश
इस वर्ष 25 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हुआ था। 24 मई को रविवार होने के कारण विद्यार्थियों को कुल 37 दिन का अवकाश मिला। इस दौरान शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों को गतिविधि आधारित गृहकार्य, पठन-पाठन, रचनात्मक कार्य और जीवन कौशल से जुड़ी गतिविधियां दी गई थीं। पहले दिन कई विद्यार्थी अपने अवकाश के अनुभव उत्साह के साथ साझा करते नजर आए।
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स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के बाद नियमित समय-सारिणी के अनुसार कक्षाएं संचालित की गईं। अधिकांश स्कूलों में पहले दिन औपचारिक शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों को नई ऊर्जा के साथ सत्र की शुरुआत के लिए प्रेरित किया गया।
पहले दिन बारिश और लंबे अवकाश के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। अधिकांश स्कूलों में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से शुरू करा दिया गया है। कुछ शिक्षक एसआईआर ड्यूटी में लगे होने के बावजूद व्यवस्थाएं सामान्य रहीं। उम्मीद है कि वीरवार से विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ेगी। -राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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पानीपत। ग्रीष्मकालीन अवकाश के 37 दिन बाद बुधवार को जिले के स्कूल खुल गए। सुबह हल्की बूंदाबांदी और सुहावने मौसम के बीच विद्यार्थी स्कूलों में पहुंचे। इससे परिसर फिर से बच्चों की चहल-पहल से गुलजार हो उठे। हालांकि पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही।
जिले के राजकीय स्कूलों में करीब 30 प्रतिशत विद्यार्थी ही कक्षाओं में पहुंचे, जबकि निजी स्कूलों में लगभग 60 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति दर्ज की गई। कई अभिभावकों ने पहले दिन बारिश और मौसम को देखते हुए बच्चों को घर पर ही रखा। शिक्षा विभाग के अनुसार वीरवार से उपस्थिति में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति करीब 80 प्रतिशत रही। शेष करीब 20 प्रतिशत शिक्षक विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) संबंधी ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण स्कूल नहीं पहुंच सके। स्कूल पहुंचे शिक्षकों ने विद्यार्थियों से ग्रीष्मावकाश के अनुभव साझा कराए, गृहकार्य की जांच की और पढ़ाई कराई।
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25 मई से शुरू हुआ था ग्रीष्मावकाश
इस वर्ष 25 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हुआ था। 24 मई को रविवार होने के कारण विद्यार्थियों को कुल 37 दिन का अवकाश मिला। इस दौरान शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों को गतिविधि आधारित गृहकार्य, पठन-पाठन, रचनात्मक कार्य और जीवन कौशल से जुड़ी गतिविधियां दी गई थीं। पहले दिन कई विद्यार्थी अपने अवकाश के अनुभव उत्साह के साथ साझा करते नजर आए।
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स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा के बाद नियमित समय-सारिणी के अनुसार कक्षाएं संचालित की गईं। अधिकांश स्कूलों में पहले दिन औपचारिक शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों को नई ऊर्जा के साथ सत्र की शुरुआत के लिए प्रेरित किया गया।
पहले दिन बारिश और लंबे अवकाश के कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। अधिकांश स्कूलों में शिक्षण कार्य सुचारु रूप से शुरू करा दिया गया है। कुछ शिक्षक एसआईआर ड्यूटी में लगे होने के बावजूद व्यवस्थाएं सामान्य रहीं। उम्मीद है कि वीरवार से विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ेगी। -राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।

छुट्टी के समय स्कूल से बाहर निकलते विद्यार्थी। संवाद- फोटो : Archive