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Panipat News: कपड़ों की गांठ के नीचे दबने से महिला की मौत, फैक्टरी मालिक पर प्राथमिकी
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। काबड़ी रोड स्थित एक टेक्सटाइल फैक्टरी में काम के दौरान कपड़ों की गांठ गिरने से 35 वर्षीय महिला श्रमिक उत्तर प्रदेश के कैराना निवासी माया देवी की मौत हो गई। हादसा मंगलवार दोपहर बाद अधीरा एंटरप्राइजेज में हुआ।
मृतका के भाई मोनू ने बताया कि माया अपने पति पवन और दो बच्चों के साथ काबड़ी रोड पर रहती थीं और फैक्टरी में काम करती थीं। परिजनों की शिकायत पर पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मोनू के अनुसार, मंगलवार को वह रोजाना की तरह फैक्टरी में काम करने गई थीं। अपरह्न करीब साढ़े तीन बजे उनके भांजे के पास फोन आया कि माया को फैक्टरी में चोट लग गई है।
कैराना निवासी मोनू ने बताया कि जब परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां कपड़ों की गांठें बिखरी हुई थीं। श्रमिकों ने बताया कि काम के दौरान उनकी बहन माया के ऊपर करीब 50 किलोग्राम वजनी कपड़ों की गांठ गिर गई थी। गंभीर हालत में उन्हें जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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परिजनों का आरोप है कि फैक्टरी प्रबंधन ने शुरुआत में उन्हें यह कहकर गुमराह किया कि माया के पैर फिसलने से चोट लगी है, जबकि बाद में श्रमिकों से हादसे की वास्तविक जानकारी मिली।
पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि परिजनों की शिकायत पर फैक्टरी मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
माया के भाई मोनू ने आरोप लगाया कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कपड़ों की गांठों को बिना किसी सुरक्षित सहारे के काफी ऊंचाई तक रखा गया था और श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। उन्होंने फैक्टरी मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लगातार हो रहे हादसों से नहीं लिया सबक : जिले में फैक्टरियों और गोदामों में लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी है। 25 जून को बरसत रोड स्थित एक गोदाम में कपड़ों के ढेर के नीचे दबने से दो मासूम बच्चियों प्रज्ञा और सोनम की मौत हो गई थी। उस मामले में भी पुलिस ने गोदाम मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हादसे में जान गंवाने वाली चार वर्षीय प्रज्ञा अपनी मां के साथ पहली बार काम के दौरान गोदाम आई थी। वहीं ढाई साल की सोनम और पांच साल की रोशनी भी अपनी-अपनी मां के साथ उसी गोदाम में मौजूद थीं। इनके अलावा रोशनी नाम की बच्ची बच गई थी।
सुरक्षा नियमों की हो रही अनदेखी
श्रमिक अमरदीप और हरदीप का कहना है कि उनको काम के दौरान सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं दिए जाते। यहां तक की फैक्टरी में बिना किसी सपोर्ट और ठोस इंतजाम के कपड़ों की गांठों को काफी ऊंचाई तक रख दिया जाता है। इससे हर समय गिरने का खतरा बना रहता है। पहले भी इस तरह से कई हादसे हो चुके हैं लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया।
हाल में हुए हादसे
n
25 जून : कपड़ों के ढेर के नीचे दबने से दो बच्चियों की मौत।
n
30 मई : मशीन से करंट लगने से एक श्रमिक की मौत।
n
6 अप्रैल : मशीन की चपेट में आने से महिला श्रमिक की मौत।
n2 मार्च : बरसत रोड स्थित गोदाम में कपड़ों की गांठ के नीचे दबने से महिला श्रमिक की मौत।
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पानीपत। काबड़ी रोड स्थित एक टेक्सटाइल फैक्टरी में काम के दौरान कपड़ों की गांठ गिरने से 35 वर्षीय महिला श्रमिक उत्तर प्रदेश के कैराना निवासी माया देवी की मौत हो गई। हादसा मंगलवार दोपहर बाद अधीरा एंटरप्राइजेज में हुआ।
मृतका के भाई मोनू ने बताया कि माया अपने पति पवन और दो बच्चों के साथ काबड़ी रोड पर रहती थीं और फैक्टरी में काम करती थीं। परिजनों की शिकायत पर पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने फैक्टरी मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मोनू के अनुसार, मंगलवार को वह रोजाना की तरह फैक्टरी में काम करने गई थीं। अपरह्न करीब साढ़े तीन बजे उनके भांजे के पास फोन आया कि माया को फैक्टरी में चोट लग गई है।
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कैराना निवासी मोनू ने बताया कि जब परिजन मौके पर पहुंचे तो वहां कपड़ों की गांठें बिखरी हुई थीं। श्रमिकों ने बताया कि काम के दौरान उनकी बहन माया के ऊपर करीब 50 किलोग्राम वजनी कपड़ों की गांठ गिर गई थी। गंभीर हालत में उन्हें जिला नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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परिजनों का आरोप है कि फैक्टरी प्रबंधन ने शुरुआत में उन्हें यह कहकर गुमराह किया कि माया के पैर फिसलने से चोट लगी है, जबकि बाद में श्रमिकों से हादसे की वास्तविक जानकारी मिली।
पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी विनोद कुमार ने कहा कि परिजनों की शिकायत पर फैक्टरी मालिक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
माया के भाई मोनू ने आरोप लगाया कि फैक्टरी में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। कपड़ों की गांठों को बिना किसी सुरक्षित सहारे के काफी ऊंचाई तक रखा गया था और श्रमिकों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध नहीं कराए गए थे। उन्होंने फैक्टरी मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लगातार हो रहे हादसों से नहीं लिया सबक : जिले में फैक्टरियों और गोदामों में लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी है। 25 जून को बरसत रोड स्थित एक गोदाम में कपड़ों के ढेर के नीचे दबने से दो मासूम बच्चियों प्रज्ञा और सोनम की मौत हो गई थी। उस मामले में भी पुलिस ने गोदाम मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हादसे में जान गंवाने वाली चार वर्षीय प्रज्ञा अपनी मां के साथ पहली बार काम के दौरान गोदाम आई थी। वहीं ढाई साल की सोनम और पांच साल की रोशनी भी अपनी-अपनी मां के साथ उसी गोदाम में मौजूद थीं। इनके अलावा रोशनी नाम की बच्ची बच गई थी।
सुरक्षा नियमों की हो रही अनदेखी
श्रमिक अमरदीप और हरदीप का कहना है कि उनको काम के दौरान सुरक्षा के कोई उपकरण नहीं दिए जाते। यहां तक की फैक्टरी में बिना किसी सपोर्ट और ठोस इंतजाम के कपड़ों की गांठों को काफी ऊंचाई तक रख दिया जाता है। इससे हर समय गिरने का खतरा बना रहता है। पहले भी इस तरह से कई हादसे हो चुके हैं लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया।
हाल में हुए हादसे
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25 जून : कपड़ों के ढेर के नीचे दबने से दो बच्चियों की मौत।
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30 मई : मशीन से करंट लगने से एक श्रमिक की मौत।
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6 अप्रैल : मशीन की चपेट में आने से महिला श्रमिक की मौत।
n2 मार्च : बरसत रोड स्थित गोदाम में कपड़ों की गांठ के नीचे दबने से महिला श्रमिक की मौत।