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Panipat News: दमकल विभाग के पास पानी का संकट, आग बुझाना मुश्किल
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पानीपत। गर्मी के मौसम में जिले में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। आग लगने की स्थिति में काबू पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। विभाग के पास पानी के भी कम ही इंतजाम हैं।
पूरे जिले में दमकल विभाग की गाड़ियों में पानी भरने के लिए मात्र चार वाटर हाइड्रेंट हैं। इनमें हाली पार्क, सेक्टर-25, सेक्टर-18 टोल प्लाजा और समालखा में हैं। इसके अलावा जिले की फैक्टरियों में पानी के इंतजाम नहीं है। ज्यादातर फैक्टरियों में हौज और नलकूप तक नहीं हैं। औद्योगिक क्षेत्र पानीपत में 20 हजार से अधिक छोटी-बड़ी फैक्टरी हैं। जिस कारण आग लगने का खतरा भी हर समय बना रहता है।
जिसे देखते हुए जिले में पांच फायर स्टेशन बनाए गए हैं और 22 बड़ी गाड़ी हैं। लेकिन, पूरे जिले में गाड़ियों में पानी भरने के लिए मात्र चार स्थानों हाली पार्क, टोल प्लाजा, सेक्टर-25 और समालखा पर ही वाटर हाइड्रेंट बनाए गए हैं। जहां से गाड़ियों में पानी भरा जाता है। एक गाड़ी में पानी भरने के लिए 15 से 20 मिनट का समय लगता है। कई बार आग लगने की स्थिति में एक साथ कई गाड़ियों को आग बुझाने के लिए अभियान में लगाया जाता है। खाली होने पर पानी लेने के लिए गाड़ी इन्हीं चार स्थानों पर पहुंचती हैं। जिस कारण एक से डेढ़ घंटे का समय बर्बाद हो जाता है। वहीं, एक साथ कई स्थानों पर आग लगने की स्थिति में गाड़ियों में पानी लेने के लिए भी लाइन लग जाती है।
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पूरे जिले में दमकल विभाग की गाड़ियों में पानी भरने के लिए मात्र चार वाटर हाइड्रेंट हैं। इनमें हाली पार्क, सेक्टर-25, सेक्टर-18 टोल प्लाजा और समालखा में हैं। इसके अलावा जिले की फैक्टरियों में पानी के इंतजाम नहीं है। ज्यादातर फैक्टरियों में हौज और नलकूप तक नहीं हैं। औद्योगिक क्षेत्र पानीपत में 20 हजार से अधिक छोटी-बड़ी फैक्टरी हैं। जिस कारण आग लगने का खतरा भी हर समय बना रहता है।
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जिसे देखते हुए जिले में पांच फायर स्टेशन बनाए गए हैं और 22 बड़ी गाड़ी हैं। लेकिन, पूरे जिले में गाड़ियों में पानी भरने के लिए मात्र चार स्थानों हाली पार्क, टोल प्लाजा, सेक्टर-25 और समालखा पर ही वाटर हाइड्रेंट बनाए गए हैं। जहां से गाड़ियों में पानी भरा जाता है। एक गाड़ी में पानी भरने के लिए 15 से 20 मिनट का समय लगता है। कई बार आग लगने की स्थिति में एक साथ कई गाड़ियों को आग बुझाने के लिए अभियान में लगाया जाता है। खाली होने पर पानी लेने के लिए गाड़ी इन्हीं चार स्थानों पर पहुंचती हैं। जिस कारण एक से डेढ़ घंटे का समय बर्बाद हो जाता है। वहीं, एक साथ कई स्थानों पर आग लगने की स्थिति में गाड़ियों में पानी लेने के लिए भी लाइन लग जाती है।

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