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Rewari News: जरूरत 139 की, उपलब्ध 72 दमकलकर्मी...कैसे बुझेगी आग
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 18 Mar 2026 01:11 AM IST
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रेलवे रोड स्थित कार्यालय में खड़ी अग्निशमन गाड़ियां। संवाद
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रेवाड़ी। फसल कटाई के सीजन में आग की घटनाओं की आशंका को देखते हुए अग्निशमन व आपातकालीन सेवा विभाग अलर्ट है। एहतियात के तौर पर विभाग ने दमकलकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कार्रवाई की जा सके।
हर वर्ष गर्मी में मौसम में फसल कटाई के दौरान आग की घटनाएं होती हैं जिसमें किसानों और आमजन को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। आग की घटनाओं पर काबू पाने वाले विभाग में संसाधनों और कर्मचारियों की भारी कमी है जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
जिले में अग्निशमन विभाग में कुल 139 कर्मचारियों की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान में केवल 72 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इससे दमकलकर्मियों पर कार्यभार बढ़ गया है। ऐसे में उन्हें अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक अग्निशमन गाड़ी को 24 घंटे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कम से कम 18 कर्मचारियों की जरूरत होती है, जिसमें 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट शामिल हैं। एक गाड़ी के लिए एक चालक, चार फायरमैन और एक लीड फायरमैन अनिवार्य होते हैं।
इस मानक के अनुसार पूरे जिले में प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था के लिए 139 कर्मचारियों की जरूरत है लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण यह व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों की कमी के चलते मौजूदा स्टाफ को 12-12 घंटे की लंबी ड्यूटी करनी पड़ रही है। लगातार ड्यूटी के कारण उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे कार्यक्षमता भी प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
फसल कटाई और त्योहारों के सीजन में दमकलकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी जाती हैं, जिससे उनके व्यक्तिगत जीवन पर असर पड़ता है। केवल बारिश के सीजन में कर्मचारियों को कुछ राहत मिलती है।
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फायर ब्रिगेड सिर्फ 15 गाड़ियां उपलब्ध
अग्निशमन विभाग में कुल 15 गाड़ियां उपलब्ध हैं। इनमें धारूहेड़ा में 2, कोसली में 2 और बावल में 2 गाड़ियां तैनात हैं। बाकी रेवाड़ी में हैं। जिले के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए यह संख्या अपर्याप्त मानी जा रही है। कई बार एक साथ आग की घटनाएं अलग-अलग स्थानों पर हो जाती हैं, जिससे संसाधनों का दबाव और बढ़ जाता है। इससे पहले 18 गाड़ियां थी। 3 गाड़ियों का समय पूरा होने पर उन्हें नान एनसीआर क्षेत्र में भेजा गया है।
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हर साल होती हैं आग की घटनाएं
2023 में जिले में गेहूं की फसल की कटाई के दौरान आग की 100 घटनाएं हुई थीं। 2024 में आग की 80 और 2025 में आग की 90 घटनाएं हुईं थीं। इस वर्ष अभी तक 4 से 5 मामले सामने आ चुके हैं।
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शहर के दोनों तरफ फायर स्टेशन जरूरी
रेवाड़ी में सिर्फ 1 फायर स्टेशन है। समय के साथ रेवाड़ी के क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों में वृद्धि हुई है। इससे आग लगने की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है लेकिन संसाधन में बढ़ोतरी नहीं की गई। शहर में एक और फायर स्टेशन बनाने के लिए जमीन देखी जा रही है। फायर स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था।
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वर्जन:
फसल की कटाई के सीजन को देखते हुए आपात स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। हमारी तरफ से तैयारी पूरी है। -नीतीश भारद्वाज, अग्निशमन अधिकारी रेवाड़ी।
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हर वर्ष गर्मी में मौसम में फसल कटाई के दौरान आग की घटनाएं होती हैं जिसमें किसानों और आमजन को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। आग की घटनाओं पर काबू पाने वाले विभाग में संसाधनों और कर्मचारियों की भारी कमी है जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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जिले में अग्निशमन विभाग में कुल 139 कर्मचारियों की आवश्यकता है लेकिन वर्तमान में केवल 72 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। इससे दमकलकर्मियों पर कार्यभार बढ़ गया है। ऐसे में उन्हें अतिरिक्त ड्यूटी करनी पड़ रही है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि एक अग्निशमन गाड़ी को 24 घंटे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कम से कम 18 कर्मचारियों की जरूरत होती है, जिसमें 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट शामिल हैं। एक गाड़ी के लिए एक चालक, चार फायरमैन और एक लीड फायरमैन अनिवार्य होते हैं।
इस मानक के अनुसार पूरे जिले में प्रभावी अग्निशमन व्यवस्था के लिए 139 कर्मचारियों की जरूरत है लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण यह व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों की कमी के चलते मौजूदा स्टाफ को 12-12 घंटे की लंबी ड्यूटी करनी पड़ रही है। लगातार ड्यूटी के कारण उन्हें पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे कार्यक्षमता भी प्रभावित होने का खतरा बना रहता है।
फसल कटाई और त्योहारों के सीजन में दमकलकर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी जाती हैं, जिससे उनके व्यक्तिगत जीवन पर असर पड़ता है। केवल बारिश के सीजन में कर्मचारियों को कुछ राहत मिलती है।
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फायर ब्रिगेड सिर्फ 15 गाड़ियां उपलब्ध
अग्निशमन विभाग में कुल 15 गाड़ियां उपलब्ध हैं। इनमें धारूहेड़ा में 2, कोसली में 2 और बावल में 2 गाड़ियां तैनात हैं। बाकी रेवाड़ी में हैं। जिले के विस्तार और बढ़ती आबादी को देखते हुए यह संख्या अपर्याप्त मानी जा रही है। कई बार एक साथ आग की घटनाएं अलग-अलग स्थानों पर हो जाती हैं, जिससे संसाधनों का दबाव और बढ़ जाता है। इससे पहले 18 गाड़ियां थी। 3 गाड़ियों का समय पूरा होने पर उन्हें नान एनसीआर क्षेत्र में भेजा गया है।
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हर साल होती हैं आग की घटनाएं
2023 में जिले में गेहूं की फसल की कटाई के दौरान आग की 100 घटनाएं हुई थीं। 2024 में आग की 80 और 2025 में आग की 90 घटनाएं हुईं थीं। इस वर्ष अभी तक 4 से 5 मामले सामने आ चुके हैं।
शहर के दोनों तरफ फायर स्टेशन जरूरी
रेवाड़ी में सिर्फ 1 फायर स्टेशन है। समय के साथ रेवाड़ी के क्षेत्रफल और जनसंख्या दोनों में वृद्धि हुई है। इससे आग लगने की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है लेकिन संसाधन में बढ़ोतरी नहीं की गई। शहर में एक और फायर स्टेशन बनाने के लिए जमीन देखी जा रही है। फायर स्टेशन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था।
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वर्जन:
फसल की कटाई के सीजन को देखते हुए आपात स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। हमारी तरफ से तैयारी पूरी है। -नीतीश भारद्वाज, अग्निशमन अधिकारी रेवाड़ी।