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Rewari News: धारूहेड़ा-भिवाड़ी सीमा पर बनेगा 6 किमी लंबा नाला, हरियाणा-राजस्थान सरकार बराबर करेगी खर्र्च
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 07 Jan 2026 12:49 AM IST
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नई दिल्ली में आयोजित मीटिंग में चर्चा करते केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय पर्यावर
- फोटो : आयुष्मान भारत योजना के लिए तुलसीपुर में चयनित निजी अस्पताल।
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रेवाड़ी। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के नई दिल्ली स्थित आवास पर मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में राजस्थान के भिवाड़ी से धारूहेड़ा आने वाले प्रदूषित पानी और नेशनल हाईवे पर जलभराव के समाधान पर चर्चा की गई। इसके लिए धारूहेड़ा-भिवाड़ी सीमा पर 6 किमी लंबा नाला बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल की मौजूदगी में गहन मंथन किया गया। निर्णय लिया गया कि मानसून के दौरान भिवाड़ी की ओर से आने वाले बरसाती पानी को निकलने के लिए नेशनल हाईवे के साथ-साथ करीब 6 किलोमीटर लंबा नाला बनाया जाएगा। इसका खर्च राजस्थान और हरियाणा सरकार बराबर अनुपात में करेगी।
शेष राशि सड़क परिवहन मंत्रालय की तरफ से खर्च की जाएगी। 200 करोड़ से नेशनल हाईवे पर जमा होने वाले बरसाती पानी पर खर्च होंगे। 250 करोड़ मसानी बैराज में जमा दूषित पानी को खाली करने पर खर्च किए जाएंगे।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भिवाड़ी की ओर से आ रहे दूषित पानी का स्थायी हल किया जाए नहीं तो भविष्य में स्थिति और गंभीर बनी रहेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि भिवाड़ी के प्रदूषित पानी को भिवाड़ी क्षेत्र में ही शुद्ध कर उसे औद्योगिक क्षेत्र व किसानों को दिया जाए।
बरसाती पानी निकासी का हल सड़क एवं परिवहन मंत्रालय कर सकता है लेकिन प्रदूषित पानी की समस्या को हरियाणा व राजस्थान को मिलकर ही हल करना होगा।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि मार्च में भिवाड़ी में 40 एमएलडी का एसटीपी शुरू कर दिया जाएगा जिससे काफी हद तक प्रदूषित पानी को काबू किया जा सकेगा।
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इंद्रजीत बोले-दूषित पानी को हरियाणा की ओर नहीं लेंगे
बैठक में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने कहा कि भिवाड़ी से प्रदूषित पानी हरियाणा के धारूहेड़ा की ओर छोड़ा जा रहा है जिससे वहां गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। दूषित पानी से लोगों के जीवन को बचाने के लिए हरियाणा की ओर से बनाए गए ब्रेकर को रातों-रात तोड़ दिया गया। भिवाड़ी का केमिकल युक्त पानी धारूहेड़ा में 10 दिन से जमा हो रहा है। राजस्थान के दूषित पानी को किसी भी सूरत में हरियाणा की ओर नहीं लेंगे। राजस्थान सरकार अपने औद्योगिक पानी को शुद्ध करने का उपाय करे। उन्होंने कहा कि पानी का बहाव भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर है। वर्षों पूर्व केवल बरसाती पानी भिवाड़ी से धारूहेड़ा में आता था, लेकिन अब पिछले 6- 7 वर्षों से भिवाड़ी का औद्योगिक प्रदूषण पानी धारूहेड़ा की ओर बहाया जा रहा है।
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हरियाणा सरकार की ओर से भी सहयोग की आवश्यकता: भजन लाल
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल ने केंद्रीय मंत्री गडकरी को आश्वस्त किया कि मार्च माह तक भिवाड़ी के एसटीपी का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद दूषित पानी की स्थिति पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से भी सहयोग की आवश्यकता है और वह अपने शहरों के दूषित पानी को भी मसानी बैराज में जाने से नियंत्रित करे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक बहाव धारूहेड़ा की ओर होने के कारण मानसून के दिनों में और अधिक समस्या का सामना दोनों राज्यों को करना पड़ता है।
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शेष राशि सड़क परिवहन मंत्रालय की तरफ से खर्च की जाएगी। 200 करोड़ से नेशनल हाईवे पर जमा होने वाले बरसाती पानी पर खर्च होंगे। 250 करोड़ मसानी बैराज में जमा दूषित पानी को खाली करने पर खर्च किए जाएंगे।
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भिवाड़ी की ओर से आ रहे दूषित पानी का स्थायी हल किया जाए नहीं तो भविष्य में स्थिति और गंभीर बनी रहेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि भिवाड़ी के प्रदूषित पानी को भिवाड़ी क्षेत्र में ही शुद्ध कर उसे औद्योगिक क्षेत्र व किसानों को दिया जाए।
बरसाती पानी निकासी का हल सड़क एवं परिवहन मंत्रालय कर सकता है लेकिन प्रदूषित पानी की समस्या को हरियाणा व राजस्थान को मिलकर ही हल करना होगा।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि मार्च में भिवाड़ी में 40 एमएलडी का एसटीपी शुरू कर दिया जाएगा जिससे काफी हद तक प्रदूषित पानी को काबू किया जा सकेगा।
इंद्रजीत बोले-दूषित पानी को हरियाणा की ओर नहीं लेंगे
बैठक में केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने कहा कि भिवाड़ी से प्रदूषित पानी हरियाणा के धारूहेड़ा की ओर छोड़ा जा रहा है जिससे वहां गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। दूषित पानी से लोगों के जीवन को बचाने के लिए हरियाणा की ओर से बनाए गए ब्रेकर को रातों-रात तोड़ दिया गया। भिवाड़ी का केमिकल युक्त पानी धारूहेड़ा में 10 दिन से जमा हो रहा है। राजस्थान के दूषित पानी को किसी भी सूरत में हरियाणा की ओर नहीं लेंगे। राजस्थान सरकार अपने औद्योगिक पानी को शुद्ध करने का उपाय करे। उन्होंने कहा कि पानी का बहाव भिवाड़ी से धारूहेड़ा की ओर है। वर्षों पूर्व केवल बरसाती पानी भिवाड़ी से धारूहेड़ा में आता था, लेकिन अब पिछले 6- 7 वर्षों से भिवाड़ी का औद्योगिक प्रदूषण पानी धारूहेड़ा की ओर बहाया जा रहा है।
हरियाणा सरकार की ओर से भी सहयोग की आवश्यकता: भजन लाल
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल ने केंद्रीय मंत्री गडकरी को आश्वस्त किया कि मार्च माह तक भिवाड़ी के एसटीपी का कार्य पूरा कर लिया जाएगा और उसके बाद दूषित पानी की स्थिति पर काबू पाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से भी सहयोग की आवश्यकता है और वह अपने शहरों के दूषित पानी को भी मसानी बैराज में जाने से नियंत्रित करे। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक बहाव धारूहेड़ा की ओर होने के कारण मानसून के दिनों में और अधिक समस्या का सामना दोनों राज्यों को करना पड़ता है।