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Rewari News: ढाई करोड़ की धोखाधड़ी मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज
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रेवाड़ी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंकिता शर्मा की अदालत ने 17 जून को 2.50 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी महेंद्रगढ़ के कनीना निवासी बीरेंद्र सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी है। आरोपी के खिलाफ थाना धारूहेड़ा में 4 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज की गई थी।
मनोज शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत दी थी कि मैकविजन एजुकेशन ट्रस्ट से जुड़े बीरेंद्र सिंह, पवन कुमार और अजीत ने स्कूलों के संचालन के लिए उनसे बड़ी रकम उधार ली थी। उन्हें ट्रस्ट और स्कूलों में हिस्सेदारी देने का आश्वासन दिया लेकिन बाद में ट्रस्ट की संरचना बदलकर उन्हें उनके हिस्से और निवेश की राशि से वंचित कर दिया गया।
बचाव पक्ष ने कहा कि मामला व्यावसायिक और वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। इसे आपराधिक रंग दिया गया है। मामले में अधिकांश साक्ष्य दस्तावेजी हैं और आरोपी 25 मार्च 2026 से न्यायिक हिरासत में है।
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वहीं शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि विश्वास में लेकर करीब 2.50 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। अदालत ने रिकॉर्ड और जांच की स्थिति का अवलोकन करने के बाद माना कि आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया महत्वपूर्ण प्रतीत होती है। मामले की जांच जारी है और अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी भी शेष है। अदालत ने बीरेंद्र सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।
मनोज शर्मा ने पुलिस को दी गई शिकायत दी थी कि मैकविजन एजुकेशन ट्रस्ट से जुड़े बीरेंद्र सिंह, पवन कुमार और अजीत ने स्कूलों के संचालन के लिए उनसे बड़ी रकम उधार ली थी। उन्हें ट्रस्ट और स्कूलों में हिस्सेदारी देने का आश्वासन दिया लेकिन बाद में ट्रस्ट की संरचना बदलकर उन्हें उनके हिस्से और निवेश की राशि से वंचित कर दिया गया।
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बचाव पक्ष ने कहा कि मामला व्यावसायिक और वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। इसे आपराधिक रंग दिया गया है। मामले में अधिकांश साक्ष्य दस्तावेजी हैं और आरोपी 25 मार्च 2026 से न्यायिक हिरासत में है।
वहीं शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि विश्वास में लेकर करीब 2.50 करोड़ रुपये की ठगी की गई है। अदालत ने रिकॉर्ड और जांच की स्थिति का अवलोकन करने के बाद माना कि आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया महत्वपूर्ण प्रतीत होती है। मामले की जांच जारी है और अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी भी शेष है। अदालत ने बीरेंद्र सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी।