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Rewari News: खेल नर्सरियों में मिलीं खामियां, एक सप्ताह में सुधार के निर्देश
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रेवाड़ी। जिले में संचालित खेल नर्सरियों के निरीक्षण के दौरान खेल विभाग को कई खामियां मिली हैं। जांच में कुछ नर्सरियों में खेल उपकरणों की कमी, मैदानों की खराब स्थिति और प्रशिक्षकों की अनुपस्थिति सामने आई। विभाग ने संबंधित संचालकों को एक सप्ताह के भीतर कमियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर नर्सरियों को बंद करने की कार्रवाई की जा सकती है।
जिले में विभिन्न खेलों के लिए कुल 82 खेल नर्सरियां संचालित की जा रही हैं। इनमें 22 नर्सरियां विभागीय प्रशिक्षकों के पास हैं जबकि 60 नर्सरियों का संचालन निजी प्रशिक्षकों और संस्थानों द्वारा किया जा रहा है।
प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ियों का चयन किया जाता है जिन्हें सरकार की ओर से मासिक खुराक भत्ता दिया जाता है। इस योजना से जिले के करीब 2050 खिलाड़ी लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं 60 प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये तक मानदेय प्रदान किया जाता है।
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जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि नर्सरियों के आवंटन से पहले खेल सुविधाओं, मैदानों, उपकरणों और खिलाड़ियों की रुचि को ध्यान में रखकर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च कर रही है, इसलिए बेहतर परिणामों की अपेक्षा की जाती है।
जिले में विभिन्न खेलों के लिए कुल 82 खेल नर्सरियां संचालित की जा रही हैं। इनमें 22 नर्सरियां विभागीय प्रशिक्षकों के पास हैं जबकि 60 नर्सरियों का संचालन निजी प्रशिक्षकों और संस्थानों द्वारा किया जा रहा है।
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प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ियों का चयन किया जाता है जिन्हें सरकार की ओर से मासिक खुराक भत्ता दिया जाता है। इस योजना से जिले के करीब 2050 खिलाड़ी लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं 60 प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये तक मानदेय प्रदान किया जाता है।
जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि नर्सरियों के आवंटन से पहले खेल सुविधाओं, मैदानों, उपकरणों और खिलाड़ियों की रुचि को ध्यान में रखकर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च कर रही है, इसलिए बेहतर परिणामों की अपेक्षा की जाती है।