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Rewari News: अखाड़े से निकले अंकुर अब गढ़ रहे नए पहलवान
Mon, 17 Aug 2026 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 17 Aug 2026 12:23 AM IST
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पुलिस लाइन अखाड़े में अभ्यास करते पहलवान। संवाद
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रेवाड़ी। शहर के दिल्ली रोड स्थित पुलिस लाइन में 15 वर्ष से चल रहे अखाड़े से खुद प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अंकुश अब खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। यहां उनके पिता उपनिरीक्षक सत्यवान भी खिलाड़ियों को कुश्ती के दांव-पेंच सिखाते हैं। उपनिरीक्षक सत्यवान के पुत्र अंकुर ने जिले से लेकर राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिताओं में मेडल जीते हैं।
हाल ही में अंकुर ने एनआईएस पटियाला से एक साल का डिप्लोमा भी किया है। अंकुर ने बताया कि इस अखाड़े में पुलिस लाइन ही नहीं, आसपास के गांवों के पहलवान प्रशिक्षण लेने आते हैं। उनके छोटे भाई अंकुश भी अखाड़े से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
अखाड़े से प्रशिक्षण लेकर अब तक छह पहलवानों ने सर्टिफिकेट कोर्स किया है। इस अखाड़े की शुरुआत सहायक उपनिरीक्षक पंकज नैन ने कराई थी। सहायक उपनिरीक्षक सत्यवान ने बताया कि पुलिस लाइन के बड़े पहलवानों को टक्कर दे चुके हैं अंकुर, नेशनल की तैयारी में जुटे हैं।
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अंकुर ने बताया कि आठ वर्ष की अवस्था में वर्ष 2009 में उन्होंने कुश्ती की शुरुआत की थी। दो साल में ही मेडल मिलने शुरू हो गए। वर्ष 2011 में जिले में मेडल जीता था। वर्ष 2014 में स्कूली स्टेट गेम्स हिसार में अंडर-17 आयु वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
वर्ष 2018 में जिला केसरी बने। फरवरी 2019 में फरीदाबाद में हरियाणा केसरी प्रतियोगिता में भाग लिया और बड़े पहलवानों को टक्कर दी। वर्ष 2022 व 2023 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में चयन हुआ। अब एनआईएस पटियाला से कुश्ती में डिप्लोमा किया है। उनका मकसद पहलवानों को प्रशिक्षण देना है।
अखाड़े में 20 पहलवान कुश्ती के दांव-पेंच सीख रहे हैं। इनमें 10 साल से लेकर 24 साल तक के खिलाड़ी शामिल हैं। जब समय मिलता है, वह प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने अपने पिता के मार्गदर्शन में ही कुश्ती सीखी है और अब वे उनकी तरह ही पहलवानों को तैयार करेंगे। उनके भाई अंकुश पहलवान वर्ष 2024 में जिला केसरी जीता है। अगर उनकी ड्यूटी लगी है तो उनके बड़े बेटे अंकुर अभ्यास कराते हैं।
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हाल ही में अंकुर ने एनआईएस पटियाला से एक साल का डिप्लोमा भी किया है। अंकुर ने बताया कि इस अखाड़े में पुलिस लाइन ही नहीं, आसपास के गांवों के पहलवान प्रशिक्षण लेने आते हैं। उनके छोटे भाई अंकुश भी अखाड़े से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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अखाड़े से प्रशिक्षण लेकर अब तक छह पहलवानों ने सर्टिफिकेट कोर्स किया है। इस अखाड़े की शुरुआत सहायक उपनिरीक्षक पंकज नैन ने कराई थी। सहायक उपनिरीक्षक सत्यवान ने बताया कि पुलिस लाइन के बड़े पहलवानों को टक्कर दे चुके हैं अंकुर, नेशनल की तैयारी में जुटे हैं।
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अंकुर ने बताया कि आठ वर्ष की अवस्था में वर्ष 2009 में उन्होंने कुश्ती की शुरुआत की थी। दो साल में ही मेडल मिलने शुरू हो गए। वर्ष 2011 में जिले में मेडल जीता था। वर्ष 2014 में स्कूली स्टेट गेम्स हिसार में अंडर-17 आयु वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल जीता।
वर्ष 2018 में जिला केसरी बने। फरवरी 2019 में फरीदाबाद में हरियाणा केसरी प्रतियोगिता में भाग लिया और बड़े पहलवानों को टक्कर दी। वर्ष 2022 व 2023 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में चयन हुआ। अब एनआईएस पटियाला से कुश्ती में डिप्लोमा किया है। उनका मकसद पहलवानों को प्रशिक्षण देना है।
अखाड़े में 20 पहलवान कुश्ती के दांव-पेंच सीख रहे हैं। इनमें 10 साल से लेकर 24 साल तक के खिलाड़ी शामिल हैं। जब समय मिलता है, वह प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने अपने पिता के मार्गदर्शन में ही कुश्ती सीखी है और अब वे उनकी तरह ही पहलवानों को तैयार करेंगे। उनके भाई अंकुश पहलवान वर्ष 2024 में जिला केसरी जीता है। अगर उनकी ड्यूटी लगी है तो उनके बड़े बेटे अंकुर अभ्यास कराते हैं।