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Rewari News: बकाया कर राशि के निपटान का अंतिम मौका, 28 सितंबर तक मिलेगा लाभ
Mon, 17 Aug 2026 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 17 Aug 2026 12:47 AM IST
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रेवाड़ी। हरियाणा सरकार की एकमुश्त निपटान योजना-2026 के तहत बकाया कर राशि के निपटान का करदाताओं के पास अंतिम मौका है। योजना का लाभ लेने की अंतिम तिथि 28 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। योजना के माध्यम से पुराने कर बकायों का निपटान करने के साथ लंबित अपील और मुकदमों का भी समाधान किया जा सकता है।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि वर्ष 2025 में शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना का 1,15,223 व्यापारियों ने लाभ उठाया था। योजना की सफलता को देखते हुए सरकार ने पुराने बकायों के निपटान के लिए दोबारा यह योजना शुरू की है।
उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने बताया कि योजना एक जून से शुरू हुई है और 28 सितंबर तक लागू रहेगी। इसके तहत सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत निर्धारित बकाया देय राशि का निपटान किया जा सकता है। यदि किसी करदाता पर किसी अधिनियम के तहत किसी वर्ष में एक लाख रुपये तक का कर बकाया है तो उसे आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उस वर्ष का कर, ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत एक लाख रुपये से अधिक के पुराने बकाये पर 70 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है। अन्य अधिनियमों में बकाया राशि के अनुसार अलग-अलग छूट निर्धारित की गई है। एक लाख रुपये तक 100 प्रतिशत, एक लाख से 10 लाख तक 60 प्रतिशत, 10 लाख से एक करोड़ तक 50 प्रतिशत, एक करोड़ से 10 करोड़ तक 40 प्रतिशत तथा 10 करोड़ से 30 करोड़ रुपये तक 35 प्रतिशत छूट मिलेगी। 30 करोड़ से 60 करोड़ रुपये तक 30 प्रतिशत छूट और 60 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये पर कर छूट नहीं होगी। ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
प्रीति चौधरी ने बताया कि निपटान राशि के भुगतान के लिए किस्तों की सुविधा भी उपलब्ध है। पांच लाख रुपये तक की राशि एकमुश्त, पांच लाख से 25 लाख रुपये तक दो किस्तों और 25 लाख रुपये से अधिक की राशि तीन किस्तों में जमा की जा सकती है। लंबित अपील या मुकदमे वाले करदाता भी मामला वापस लेने की शर्त पर योजना का लाभ उठा सकते हैं।
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डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि वर्ष 2025 में शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना का 1,15,223 व्यापारियों ने लाभ उठाया था। योजना की सफलता को देखते हुए सरकार ने पुराने बकायों के निपटान के लिए दोबारा यह योजना शुरू की है।
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उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने बताया कि योजना एक जून से शुरू हुई है और 28 सितंबर तक लागू रहेगी। इसके तहत सात कराधान अधिनियमों के अंतर्गत निर्धारित बकाया देय राशि का निपटान किया जा सकता है। यदि किसी करदाता पर किसी अधिनियम के तहत किसी वर्ष में एक लाख रुपये तक का कर बकाया है तो उसे आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। उस वर्ष का कर, ब्याज और जुर्माना माफ कर दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत एक लाख रुपये से अधिक के पुराने बकाये पर 70 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है। अन्य अधिनियमों में बकाया राशि के अनुसार अलग-अलग छूट निर्धारित की गई है। एक लाख रुपये तक 100 प्रतिशत, एक लाख से 10 लाख तक 60 प्रतिशत, 10 लाख से एक करोड़ तक 50 प्रतिशत, एक करोड़ से 10 करोड़ तक 40 प्रतिशत तथा 10 करोड़ से 30 करोड़ रुपये तक 35 प्रतिशत छूट मिलेगी। 30 करोड़ से 60 करोड़ रुपये तक 30 प्रतिशत छूट और 60 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये पर कर छूट नहीं होगी। ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
प्रीति चौधरी ने बताया कि निपटान राशि के भुगतान के लिए किस्तों की सुविधा भी उपलब्ध है। पांच लाख रुपये तक की राशि एकमुश्त, पांच लाख से 25 लाख रुपये तक दो किस्तों और 25 लाख रुपये से अधिक की राशि तीन किस्तों में जमा की जा सकती है। लंबित अपील या मुकदमे वाले करदाता भी मामला वापस लेने की शर्त पर योजना का लाभ उठा सकते हैं।