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Rewari News: डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों ने भी शुरू की हड़ताल
Mon, 17 Aug 2026 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 17 Aug 2026 12:55 AM IST
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सफाई कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठे डोर टू डोर कर्मचारी। संवाद
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रेवाड़ी। नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के बाद अब डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियों ने भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल शुरू कर दी है। इससे शहर की सफाई व्यवस्था बिल्कुल बाधित हो जाएगी। यदि जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर लग सकते हैं।
रेवाड़ी शहर से प्रतिदिन करीब 100 टन कूड़ा निकलता है, जिसे डोर-टू-डोर कर्मचारी घरों और अन्य स्थानों से एकत्रित करते हैं। डोर-टू-डोर कर्मचारी यूनियन रेवाड़ी के प्रधान राकेश ने बताया कि कर्मचारियों को समय पर वेतन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। कई बार वेतन मिलने पर भी पूरी राशि नहीं दी जाती।
कर्मचारियों का आरोप है कि कभी कुछ राशि मिलती है तो कुछ राशि रोक ली जाती है। इससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है। कुछ दिनों पहले भी मांग पूरी करने को लेकर हड़ताल की थी।
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कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से छुट्टियां भी नहीं मिलती हैं। लगातार काम करने के बाद भी अवकाश की सुविधा नहीं मिलने से कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई बार परिवार और व्यक्तिगत जरूरी काम होने के बावजूद छुट्टी नहीं मिल पाती।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन करने की चेतावनी दी
राकेश ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने के कार्य में करीब 105 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी फिलहाल धरने पर बैठकर अपना विरोध जता रहे हैं। जो कर्मचारी रोजाना काम करके लौटते हैं, वे भी काम खत्म करने के बाद धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो सभी कर्मचारी पूरी तरह काम छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसे में शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
पहले से हड़ताल पर हैं सफाई कर्मचारी
नगरपालिका के सफाई कर्मचारी पहले से ही अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। अब डोर-टू-डोर कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से सफाई व्यवस्था पर दोहरा असर पड़ने की संभावना है। शहर में घरों, दुकानों और बाजारों से रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। यदि नियमित रूप से कचरा नहीं उठाया गया तो मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लग सकते हैं। वहीं कर्मचारियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से उनकी मांगों पर जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि वे शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं करना चाहते, लेकिन लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
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रेवाड़ी शहर से प्रतिदिन करीब 100 टन कूड़ा निकलता है, जिसे डोर-टू-डोर कर्मचारी घरों और अन्य स्थानों से एकत्रित करते हैं। डोर-टू-डोर कर्मचारी यूनियन रेवाड़ी के प्रधान राकेश ने बताया कि कर्मचारियों को समय पर वेतन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद समय पर भुगतान नहीं हो रहा है। कई बार वेतन मिलने पर भी पूरी राशि नहीं दी जाती।
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कर्मचारियों का आरोप है कि कभी कुछ राशि मिलती है तो कुछ राशि रोक ली जाती है। इससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो रही है। कुछ दिनों पहले भी मांग पूरी करने को लेकर हड़ताल की थी।
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कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें नियमित रूप से छुट्टियां भी नहीं मिलती हैं। लगातार काम करने के बाद भी अवकाश की सुविधा नहीं मिलने से कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि कई बार परिवार और व्यक्तिगत जरूरी काम होने के बावजूद छुट्टी नहीं मिल पाती।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन करने की चेतावनी दी
राकेश ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा उठाने के कार्य में करीब 105 कर्मचारी लगे हुए हैं। इनमें से कुछ कर्मचारी फिलहाल धरने पर बैठकर अपना विरोध जता रहे हैं। जो कर्मचारी रोजाना काम करके लौटते हैं, वे भी काम खत्म करने के बाद धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो सभी कर्मचारी पूरी तरह काम छोड़कर हड़ताल पर चले जाएंगे। ऐसे में शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो सकती है।
पहले से हड़ताल पर हैं सफाई कर्मचारी
नगरपालिका के सफाई कर्मचारी पहले से ही अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। अब डोर-टू-डोर कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने से सफाई व्यवस्था पर दोहरा असर पड़ने की संभावना है। शहर में घरों, दुकानों और बाजारों से रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। यदि नियमित रूप से कचरा नहीं उठाया गया तो मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लग सकते हैं। वहीं कर्मचारियों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से उनकी मांगों पर जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि वे शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं करना चाहते, लेकिन लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।