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Rewari News: बावल की जीएलएस कंपनी में दो माह बाद फिर धमाका, बड़ा हादसा बचा
Wed, 22 Jul 2026 11:17 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:17 PM IST
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हादसे के बाद कंपनी का दृश्य। स्रोत : स्थानीय
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बावल। औद्योगिक क्षेत्र स्थित जीएलएस कंपनी में बुधवार दोपहर करीब सवा 12 बजे फिर से धमाका हुआ। इस धमाके से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास की कंपनियों के शीशे तक चटक गए और 500 मीटर दूर तक आवाज सुनाई दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू की। बावल पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कंपनी परिसर में रखे एक टैंक का लोहे का ढक्कन दबाव बनने के कारण फटा। पुलिस के अनुसार टैंक में केमिकल होने की संभावना है। हालांकि धमाके के बाद आग नहीं लगी और मौके पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और जानमाल का नुकसान टल गया। आसपास की कंपनियों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और लोगों में पुराने हादसे को लेकर डर दिखाई दिया।
कंपनी के एजीएम विक्रम यादव ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि 19 मई की सुबह करीब 11 बजे एक रिएक्टर में धमाके के साथ आग लगी। उस समय प्रोडक्शन फ्लोर पर 50 से 60 कर्मचारी काम कर रहे थे। इंक और रेजिन केमिकल के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था। विक्रम यादव ने यह भी बताया कि पहले भी छोटी घटनाएं हुई थीं, पर फायर सेफ्टी ऑफिसर ने सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
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मई में हुआ था भीषण अग्निकांड
करीब दो माह पहले 19 मई को इसी जीएलएस केमिकल कंपनी में भीषण अग्निकांड हुआ था। उस हादसे में चार कर्मचारियों की मौत हो गई थी और कई अन्य झुलस गए थे। इस घटना के बाद कंपनी में कामकाज बंद कर दिया गया था। पुलिस ने पिछले सप्ताह कंपनी के फायर सेफ्टी ऑफिसर लाल चंद्र मौर्य को गिरफ्तार किया। जांच में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आई थी।
वर्जन
कंपनी परिसर में रखे एक टैंक के लोहे का ढक्कन दबाव बनने के कारण फटने की सूचना मिली थी। मौके पर कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। कंपनी खाली थी।-फूल कुमार, प्रभारी, थाना बावल
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और जांच शुरू की। बावल पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कंपनी परिसर में रखे एक टैंक का लोहे का ढक्कन दबाव बनने के कारण फटा। पुलिस के अनुसार टैंक में केमिकल होने की संभावना है। हालांकि धमाके के बाद आग नहीं लगी और मौके पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। इससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और जानमाल का नुकसान टल गया। आसपास की कंपनियों में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और लोगों में पुराने हादसे को लेकर डर दिखाई दिया।
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कंपनी के एजीएम विक्रम यादव ने पुलिस को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि 19 मई की सुबह करीब 11 बजे एक रिएक्टर में धमाके के साथ आग लगी। उस समय प्रोडक्शन फ्लोर पर 50 से 60 कर्मचारी काम कर रहे थे। इंक और रेजिन केमिकल के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था। विक्रम यादव ने यह भी बताया कि पहले भी छोटी घटनाएं हुई थीं, पर फायर सेफ्टी ऑफिसर ने सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
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मई में हुआ था भीषण अग्निकांड
करीब दो माह पहले 19 मई को इसी जीएलएस केमिकल कंपनी में भीषण अग्निकांड हुआ था। उस हादसे में चार कर्मचारियों की मौत हो गई थी और कई अन्य झुलस गए थे। इस घटना के बाद कंपनी में कामकाज बंद कर दिया गया था। पुलिस ने पिछले सप्ताह कंपनी के फायर सेफ्टी ऑफिसर लाल चंद्र मौर्य को गिरफ्तार किया। जांच में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही सामने आई थी।
वर्जन
कंपनी परिसर में रखे एक टैंक के लोहे का ढक्कन दबाव बनने के कारण फटने की सूचना मिली थी। मौके पर कोई कर्मचारी भी मौजूद नहीं था। कंपनी खाली थी।-फूल कुमार, प्रभारी, थाना बावल

हादसे के बाद कंपनी का दृश्य। स्रोत : स्थानीय