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Rewari News: 58 लाख की साइबर ठगी के आरोपी की अग्रिम जमानत खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 20 May 2026 11:47 PM IST
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रेवाड़ी। 58.16 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में आरोपी उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी समीर त्यागी की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी। आदेश 19 मई को सत्र न्यायाधीश जीएस वाधवा की अदालत ने सुनाया।
मामला वर्ष 2022 से 2024 के बीच बीमा पॉलिसी और डिविडेंड दिलाने के नाम पर की गई साइबर ठगी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने फोन कॉल, व्हाट्सएप और ई-मेल से खुद को एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस और एनपीसीआई अधिकारी बताकर लाखों रुपये ठग लिए। शिकायत के अनुसार तमाम बहानों से 58.16 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
आरोपी ने अदालत में कहा कि वह निर्दोष है और उसका नाम केवल सह आरोपी के खुलासे में आया है। उसने बताया कि वह पहले कॉल सेंटर और इंश्योरेंस कंपनी में काम करता था तथा बाद में गांव में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाने लगा। आरोपी ने दावा किया कि उसके खाते में कोई रकम ट्रांसफर नहीं हुई और न ही उससे कोई बरामदगी हुई है।
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वहीं, राज्य पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी साइबर ठगी में सक्रिय रूप से शामिल था। अदालत ने माना कि साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और मामले में बड़ी रकम की ठगी हुई है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
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मामला वर्ष 2022 से 2024 के बीच बीमा पॉलिसी और डिविडेंड दिलाने के नाम पर की गई साइबर ठगी से जुड़ा है। शिकायतकर्ता राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि आरोपियों ने फोन कॉल, व्हाट्सएप और ई-मेल से खुद को एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस और एनपीसीआई अधिकारी बताकर लाखों रुपये ठग लिए। शिकायत के अनुसार तमाम बहानों से 58.16 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
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आरोपी ने अदालत में कहा कि वह निर्दोष है और उसका नाम केवल सह आरोपी के खुलासे में आया है। उसने बताया कि वह पहले कॉल सेंटर और इंश्योरेंस कंपनी में काम करता था तथा बाद में गांव में इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान चलाने लगा। आरोपी ने दावा किया कि उसके खाते में कोई रकम ट्रांसफर नहीं हुई और न ही उससे कोई बरामदगी हुई है।
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वहीं, राज्य पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी साइबर ठगी में सक्रिय रूप से शामिल था। अदालत ने माना कि साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और मामले में बड़ी रकम की ठगी हुई है। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।